जलवायु और पर्यावरण

जलवायु की ख़ातिर छोड़नी होगी कोयले की लत - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने थाईलैंड में हुए आसियान सम्मेलन के दौरान शनिवार को राजधानी बैंकाक में नए शताब्दी पार्क का दौरा किया जहाँ एक नया क्लाइमेट मिटिगेशन प्रोजेक्ट बनाया गया है. महासचिव ने इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोयले का इस्तेमाल करने के चलन को अब हल हाल में बंद करना होगा.

जहाज़रानी उद्योग से ‘पर्यावरणीय आपदा’ का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के व्यापारिक अंग, यूएनसीटीएडी की उप प्रमुख, इसाबेल ड्यूरेंट ने बुधवार को ग्लोबल मैरीटाइम फोरम शिखर सम्मेलन में कहा है कि यदि समुद्री उद्योग से उत्पन्न उत्सर्जन में कटौती नहीं की जाती है, तो हम "एक पर्यावरणीय आपदा" को न्यौता दे देंगे. 

जलवायु विशेषज्ञों ने पर्वतों के क्षरण से निपटने का संकल्प लिया

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान संस्था (WMO) और साझेदार संगठनों ने जलवायु परिवर्तन के कारण उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेशियरों की बर्फ़ पिघलने और जल उपलब्धता का संकट बढ़ने की आशंका के मद्देनज़र गुरुवार को एक नई पहल की घोषणा की है. इस पहल के तहत उच्च पर्वतीय क्षेत्रों की निगरानी और पूर्वानुमान तकनीकों को बेहतर बनाने पर प्रयास केंद्रित किए जाएंगे. 

जापान में हेगिबिस तूफ़ान का असर कम, साहस व तैयारी के लिए नेतृत्व की सराहना

जापान में हेगिबिस तूफ़ान जान-माल की भारी तबाही हुई है, ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु आपदा से निपटने के प्रयासों में जापानी नेतृत्व की भूमिका की सराहना की है. महासचिव ने साथ ही इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में जापान की पहले से ही की गई व्याक तैयारियों का ख़ास उल्लेख किया है.

गहराई से जुड़े हैं आपदा जोखिम प्रबंधन और जलवायु कार्रवाई के तार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आपदा जोखिम को कम करने और जलवायु आपदा के नुक़सानों के ख़िलाफ़ मज़बूती हासिल करने के बीच बहुत दमदार आर्थिक दलील है. महासचिव ने आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर ये संदेश दिया है. ये दिवस सोमवार 14 अक्तूबर मनाया जा रहा है. 

टिकाऊ और समावेशी विकास में शहरों की अहम भूमिका

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘C-40 वर्ल्ड मेयर्स समिट’ को संबोधित करते हुए ध्यान दिलाया है कि टिकाऊ और समावेशी विकास को हासिल करने के प्रयासों में दुनिया भर में शहर अग्रिम मोर्चे पर खड़े हैं. डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में गुरुवार को शुरू हुई यह शिखर वार्ता दो दिन तक चलेगी जिसमें C-40 गठबंधन के सदस्य शहरों ने टिकाऊ खाद्य नीतियों को लागू करने का संकल्प लिया है ताकि जलवायु आपात स्थिति से निपटा जा सके.

जलवायु कार्रवाई: "आंदोलन ने रफ़्तार पकड़ ली है मगर मंज़िल अभी दूर है"

जलवायु आपदा की बात करें तो, “अभी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है. लेकिन आंदोलन ने रफ़्तार पकड़ ली है.” संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को अनेक अख़बारों में प्रकाशित अपने एक लेख में ये बात कही है. इस लेख में उन्होंने विश्व में बढ़ते तापमान की वजह से दरपेश ख़तरों पर अपनी चिंता दोहराई है और तुरंत ठोस कार्रवाई किए जाने का भी आहवान किया है.

जलवायु संकट से जूझते द्वीपीय देशों को अंतरराष्ट्रीय मदद की ज़रूरत

लघु द्वीपीय विकासशील देशों में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति के लिए तत्काल निवेश की आवश्यकता पर बल दिया गया है. शुक्रवार को ‘स्माल आईलैंड डिवैलपिंग स्टेट्स एक्सीलरेटेड मॉडैलिटीज़ ऑफ़ एक्शन’ (समोआ पाथवे) की समीक्षा के लिए हुई बैठक में जलवायु परिवर्तन से जूझते द्वीपीय देशों प्रभावी मदद के रास्तों पर चर्चा हुई.

बढ़ते तापमान की क़ीमत चुका रहे हैं महासागर और बर्फ़ीले इलाक़े

वैश्विक तापमान में दशकों से हो रही बढ़ोत्तरी और जलवायु परिवर्तन से महासागरों और बर्फ़ से जमे क्षेत्रों पर भारी असर पड़ रहा है. जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने एक नई रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है कि अगर मानवीय गतिविधियों में बड़े बदलाव नहीं आए तो समुद्री जलस्तर के बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं के बार-बार आने और खाने-पीने की क़िल्लत से करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर वार्ता का हासिल क्या?

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में जलवायु कार्रवाई शिखर वार्ता से पहले महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिए ठोस समाधान अपने साथ लाने की अपील की थी. सोमवार को शिखर वार्ता के दौरान किए गए वादों और घोषणाओं पर एक नज़र.