जलवायु और पर्यावरण

प्रथम मानव अन्तरिक्ष उड़ान ने शुरू किया था मानव सभ्यता का नया दौर

संयुक्त राष्ट्र, सोमवार, 12 अप्रैल को, अन्तरिक्ष में मानव उड़ान का अन्तरराष्ट्रीय दिवस मना रहा है. यह दिवस मनाते हुए, अन्तरिक्ष यात्रियों द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया जा रहा है जो मानव सभ्यता द्वारा हासिल की जा सकने वाली उपलब्धियों की सीमाओं का दायरा बढ़ा रहे हैं.

तिमोर-लेस्ते: बाढ़ से भारी तबाही, यूएन एजेंसियाँ भी मदद करने में सक्रिय

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, तिमोर-लेस्ते में, बाढ़ और भूस्खलन का सामना करने के प्रयासों में सक्रिय मदद कर रही हैं. देश भर में आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक तबाही हुई है और प्रभावित स्थानों में राजधानी दीली भी शामिल है.

यूनेस्को सर्वे के अनुसार, अगले दशक में, जलवायु परिवर्तन शीर्ष चुनौती

संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन – यूनेस्को ने ‘2030 में विश्व की स्थिति’ नामक सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके अनुसार, जलवायु परिवर्तन और जैव-विविधता के नुक़सान को, इस दशक के दौरान सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

इस महत्वपूर्ण वर्ष में, लोगों व पृथ्वी की ख़ातिर, ज़्यादा जलवायु कार्रवाई की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि विश्व को, जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी करने और बेहद कमज़ोर हालात वाले लोगों को, गम्भीर और जल्दी-जल्दी होने वाले जलवायु प्रभावों से बचाने के लिये, बहुत असाधारण कार्रवाई करने की ज़रूरत है. यूएन उप प्रमुख ने नवम्बर 2021 में ग्लासगो में होने वाले जलवायु सम्मेलन - कॉप26 की तैयारियों के तहत बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ये बात कही.

प्लास्टिक प्रदूषण से कमज़ोर तबके अधिक जोखिम में

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लास्टिक प्रदूषण से हो रहे पर्यावरणीय प्रभाव का सबसे अधिक ख़मियाज़ा कमज़ोर समुदायों को भुगतना पड़ रहा है. रिपोर्ट में ज़ोर देकर ये भी कहा गया है कि इस मुद्दे के समाधान और मानवाधिकारों, स्वास्थ्य और कल्याण तक, सभी की पहुँच फिर से आसान बनाने के लिये तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है.

दक्षिण एशिया में, समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने का संकल्प - ब्लॉग

प्लास्टिक के अनुमानतः 5.2 खरब टुकड़े पहले से ही महासागर को प्रदूषित कर रहे हैं, और इस मात्रा में प्रत्येक वर्ष, 80 लाख टन की बढ़ोत्तरी होती है. इस समस्या से निपटने के लिये दक्षिण एशियाई देशों ने साथ मिलकर इसका समाधान करने की ठानी है. इस बारे में विस्तृत जानकारी के लिये विश्व बैंक की क्षेत्रीय एकीकरण मामलों की निदेशिका सेसली फ्रूमेन, दक्षिण एशियाई सतत विकास के क्षेत्रीय निदेशक जॉन रूमे और पवन पाटिल का ब्लॉग.

अमेरिका से, वैश्विक टीकाकरण व जलवायु कार्रवाई की अगुवाई करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

भारत में बेकार जा रहे पानी की री-सायकलिंग

भारत के चेन्नई शहर में जल की कमी की समस्या का समाधान तलाश करने के लिये, विश्व बैंक की सहायता से अपशिष्ट जल की री-सायकलिंग की जा रही है. चेन्नई, पानी की री-सायकलिंग करने वाला भारत का पहला शहर है.  भारत में विश्व बैंक के सीनियर म्यूनिसिपल इंजीनियर, पूनम अहलूवालिया और सीनियर इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ रघु केसवन का ब्लॉग.

महत्वाकाँक्षा, निर्णय क्षमता, स्पष्टता – जलवायु कार्रवाई के मन्त्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी की वजह से महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई में देरी नहीं की जा सकती और वर्चुअल वार्ताओं के ज़रिये तेज़ी से आगे बढ़ना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र, प्रभावित समुदायों तक मदद पहुँचाने, देशों को पूर्ण समर्थन प्रदान करने और सभी की आवाज़ सुने जाने के लिये संकल्पबद्ध है और महत्वाकाँक्षी कार्रवाई के लिये स्पष्टता व निर्णायक ढंग से आगे बढ़ा जाना होगा. 

मौसम संगठन की चेतावनी - अभूतपूर्व जोखिम की ज़द में हैं समुद्र

संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर के समुद्रों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवन रक्षक निगरानी प्रणालियों और पूर्व चेतावनी देने वाली सेवाओं में, कोविड-19 महामारी के कारण जो व्यवधान आया है, उन्हें फिर से मुस्तैद बनाए जाने की ज़रूरत है, ताकि तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले और जोखिम का सामना करने वाले समुदायों की रक्षा की जा सके.