जलवायु और पर्यावरण

तापमान वृद्धि को रोकने में, मीथेन गैस कटौती की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव गतिविधि द्वारा उत्पन्न मीथेन गैस का उत्सर्जन, इस दशक में 45 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिससे पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुरूप, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने में मदद मिलेगी.

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरूवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने में युवाओं की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि न्यायसंगत खाद्य प्रणाली को आकार देने में युवजन एक अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. मंगलवार को ‘सर्वजन के लिये अच्छा भोजन’ (Good Food for All) नामक विषय पर आयोजित एक वैश्विक युवा सम्वाद के अवसर पर ये बात कही गई है.  

पैट्रोलियम उद्योगों में काम करने वालों को कैंसर का अधिक जोखिम

अन्तरराष्ट्रीय कैंसर शोध एजेंसी की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग पैट्रोलियम उद्योग में काम करते हैं या पैट्रोलियम संयन्त्रों व इकाइयों के निकट बसते हैं, उनमें अनेक तरह के कैंसर विकसित होने का ज़्यादा जोखिम है.

वनों के लिये 'संभालें या बिगड़ने दें' लम्हा

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि प्राकृतिक दुनिया के साथ हमारे सम्बन्ध बहाल करने के प्रयासों में, वनों की केन्द्रीय भूमिका है. ये बात, उन्होंने सोमवार को, वनों पर संयुक्त राष्ट्र के फ़ोरम में कही.

अर्चना सोरेंग का, प्रकृति-आधारित समाधानों में, आदिवासी युवाओं के हितों पर ज़ोर

​भारत की युवा जलवायु कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग ने सचेत किया है कि जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने में, प्रकृति-आधारित समाधान अपनाए जाते समय आदिवासी समुदायों और युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाना होगा, और प्रकृति व आमजन के लिये, न्याय व कल्याण को प्राथमिकता देनी होगी. पर्यावरण पर यूएन महासचिव के युवा सलाहकारों के समूह में शामिल अर्चना सोरेंग ने, गुरुवार को आयोजित जलवायु शिखर बैठक के दौरान एक सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी जन, केवल प्रकृति का हिस्सा भर नहीं हैं, बल्कि प्रकृति ही हैं.

मैडागास्कर की युवा कार्यकर्ता का नज़रिया - युवा ख़ामोश नहीं बैठेंगे

मैडागास्कर की एक युवा कार्यकर्ता मैरी क्रिस्टीना कोलो का कहना है कि दुनिया भर के युवजन, अब वैश्विक जलवायु संकट के बारे में ख़ामोश नहीं बैठेंगे.

महासागर से मिलने वाले लाभों पर मानवीय गतिविधियों का नकारात्मक असर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से बेहतर ढंग से उबरने और टिकाऊ विकास व जलवायु कार्रवाई पर सहमत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, महासागरों के प्रति समझ का दायरा बढ़ाना बेहद अहम है. यूएन प्रमुख ने महासागरों को पृथ्वी की जीवनरक्षक प्रणाली क़रार देते हुए बुधवार को इस विषय में एक नई रिपोर्ट जारी की है, जो दर्शाती है कि मानवीय गतिविधियों के कारण महासागर को नुक़सान पहुँच रहा है.

भारत: अनोखी मुहिम, जहाँ प्लास्टिक कचरा है शिक्षा पाने का टिकट

भारत के असम राज्य में, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और अक्षर फाउण्डेशन ने मिलकर एक ऐसा अनूठा कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके ज़रिये निर्धन परिवारों के बच्चे, स्कूली पढ़ाई का शुल्क के रूप में, प्लास्टिक कचरा री-सायकलिंग के लिये देकर, निजी स्कूलों में गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे.  

नगरों से जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास के तरीक़े अपनाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नगरीय नियोजन व नगरीय परिवहन में क्रान्तिकारी बदलाव लाए जाने का आहवान किया ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करके, सर्वजन के लिये हरित व टिकाऊ भविष्य बनाया जा सके.