जलवायु परिवर्तन

तापमान 3 डिग्री के उछाल की राह पर, जलवायु लक्ष्य हासिल हुए तब भी

वर्ष 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों और संकल्पों को हासिल भी कर लिया जाए तो भी दुनिया तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी की राह पर आगे बढ़ रही है.  जिसका मतलब होगा कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन के और भी ज़्यादा व्यापक व विनाशकारी प्रभाव होंगे, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने ये चेतावनी वार्षिक कार्बन अंतर रिपोर्ट में मंगलवार को जारी की है.

वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी

संयुक्त राष्ट्र मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी जारी की है कि वातावरण में तीन प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों – कार्बन डाय ऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड - का स्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे मानवता के भविष्य के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है. यूएन एजेंसी ने सरकारों से अपील की है कि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए तत्काल प्रयास करने होंगे जिनकी पुकार वर्ष 2015 के पेरिस समझौते में भी लगाई गई है.

नेपाल: जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए नई परियोजना मंज़ूर

नेपाल में जलवायु परिवर्तनों के असर के प्रति सहनशीलता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य से बुधवार को तीन करोड़ 90 लाख डॉलर की एक परियोजना को मंज़ूरी दी गई है. संयुक्त राष्ट्र समर्थित ग्रीन क्लाइमेट फ़ंड (GCF) के बोर्ड ने ताज़ा निर्णय पर जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट से दस लाख नेपाली नागरिकों को लाभ होगा. 

यूएन का नया वन प्रोजेक्ट जलवायु संकल्पों को पूरा करने में देशों की मदद करेगा

संयुक्त राष्ट्र ने बेहतर वन प्रबंधन पर एक ऐसा नया प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसकी मदद से एशिया, अफ्रीका और लातीनी अमेरिका के देशों में जलवायु परिवर्तन का सामना करने में मदद मिलेगी. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफ़एओ) ने ये योजना तैयार की है जिसे सोमवार को जारी किया गया.

अनप्लास्टिक इंडिया-बढ़ती मुहिम

जलवायु संकट का मुक़ाबला करने के लिए दुनिया भर में युवाओं ने भी कमर कस ली है. ऐसे ही एक युवा शैलेश सिंघल ने भारत में प्लास्टिक के ख़िलाफ़ अनोखी मुहिम छेड़ी है जिसका नाम है - अनप्लास्टिक इंडिया. यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने शैलेश के साथ ख़ास बातचीत की.

लड़ाई-झगड़ों में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने के चलन को रोकना होगा

अगर दुनिया को इस पृथ्वी और इस पर बसने वाले सभी इंसानों और जीव-जंतुओं के लिए एक टिकाऊ भविष्य का लक्ष्य हासिल करना है तो युद्धों और संघर्ष के हालात में पर्यावरण को महफ़ूज़ रखने के लिए ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. ये चेतावनी भरे शब्द संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की मुखिया इन्गा एंडरसन ने बुधवार को युद्ध व सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाने से रोकने के लिए मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर कहे.

प्राकृतिक आपदाएँ अक्सर बताकर तबाही नहीं करती, एहतियात ज़रूरी

समुद्री तूफ़ान यानी सूनामी वैसे तो कभी कभी ही दस्तक देते हैं लेकिन जब आते हैं तो भारी तबाही छोड़कर जाते हैं और उनके पदचिन्ह अक्सर भीषण विनाशकारी होते हैं जिनसे जान-माल का भारी नुक़सान होता है. आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मामी मिज़ोतूरी ने ये शब्द 5 नवंबर को विश्व सूनामी जागरूकता दिवस के अवसर पर कहे हैं.

अमरीका ने दी सूचना, पेरिस जलवायु समझौते से नवंबर 2020 में हो जाएगा बाहर

अमरीका ने सोमवार, 4 नवंबर 2019 को घोषणा की है कि वो पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर रहा है.  पेरिस जलवायु समझौते पर 2015 में 193 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और अमरीका भी उनमें शामिल था.

हर मिनट एक ट्रक प्लास्टिक समुद्र में फेंक दिया जाता है

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक कूड़ा-कचरा समुद्रों में फेंका जाता है - इसका मतलब इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बड़े ट्रक में समाने वाले कूड़े-कचरे के बराबर ये हर मिनट समुद्र में फेंका जाता है.

आसियान देशों को भी डटकर करना होगा जलवायु संकट का मुक़ाबला - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आसियान संगठन के दस में से चार सदस्य देश जलवायु परिवर्तन के परिणामों से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, इसलिए उन्होंने बैंकाक में हुए आसियान सम्मेलन में पूरी दुनिया में दरपेश जलवायु संकट का सामना डटकर करने का आग्रह किया.