जलवायु परिवर्तन

जलवायु संकट से जूझते द्वीपीय देशों को अंतरराष्ट्रीय मदद की ज़रूरत

लघु द्वीपीय विकासशील देशों में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति के लिए तत्काल निवेश की आवश्यकता पर बल दिया गया है. शुक्रवार को ‘स्माल आईलैंड डिवैलपिंग स्टेट्स एक्सीलरेटेड मॉडैलिटीज़ ऑफ़ एक्शन’ (समोआ पाथवे) की समीक्षा के लिए हुई बैठक में जलवायु परिवर्तन से जूझते द्वीपीय देशों प्रभावी मदद के रास्तों पर चर्चा हुई.

बच्चों का ऐतिहासिक जलवायु मुक़दमा

स्वीडन मूल की युवा जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और एलेक्ज़ेन्ड्रिया विलासेनोर समेत 12 देशों के 16 बच्चों ने जलवायु संकट पर सरकार द्वारा कार्रवाई न होने के विरोध में, संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति के सामने 24 सितंबर को एक ऐतिहासिक आधिकारिक याचिका दायर की है. एक रिपोर्ट...

इंटरव्यू: यूएन छत पर सोलर पैनल

जलवायु आपदा का सामना करने के प्रयासों के तहत संयुक्त राष्ट्र में कान्फ्रेंस इमारत की छत पर सोलर पैनल और हरी घास लगए गए हैं. ये काम मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र के संचालन विभाग के अवर महासचिव अतुल खरे की देखरेख में हुआ है. उनके साथ ख़ास बातचीत.

बढ़ते तापमान की क़ीमत चुका रहे हैं महासागर और बर्फ़ीले इलाक़े

वैश्विक तापमान में दशकों से हो रही बढ़ोत्तरी और जलवायु परिवर्तन से महासागरों और बर्फ़ से जमे क्षेत्रों पर भारी असर पड़ रहा है. जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने एक नई रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है कि अगर मानवीय गतिविधियों में बड़े बदलाव नहीं आए तो समुद्री जलस्तर के बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं के बार-बार आने और खाने-पीने की क़िल्लत से करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर वार्ता का हासिल क्या?

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में जलवायु कार्रवाई शिखर वार्ता से पहले महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिए ठोस समाधान अपने साथ लाने की अपील की थी. सोमवार को शिखर वार्ता के दौरान किए गए वादों और घोषणाओं पर एक नज़र.

जलवायु कार्रवाई की उम्मीदों पर 'खरे नहीं उतर रहे' विश्व नेता

युवा जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए विश्व नेताओं को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि ठोस जलवायु कार्रवाई से जुड़ी आशाओं पर अगर वे खरे नहीं उतरे तो उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा. थुनबर्ग ने बिना लाग-लपेट के कहा है कि इतने बड़े संकट के सामने खड़े होने के बावजूद नेता परिपक्व ढंग से सीधी-सच्ची बात नहीं कर रहे हैं.

जलवायु परिवर्तन का असर बहुत तेज़ और गहरा - सम्मेलन से पहले विशेषज्ञों की चेतावनी

शीर्ष वैज्ञानिकों ने रविवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान समद्रों का बढ़ता जल स्तर, गरम होती ज़मीन, सिकुड़ती बर्फ़ चादरें और कार्बन प्रदूषण ने विश्व के राजनैतिक नेताओं से जलवायु कार्रवाई की पुकार को और ज़्यादा ज़ोरदार बना दिया है.

युवाओं का सम्मेलन: वयस्कों पर दबाव डालने का मंच

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की युवा मामलों पर विशेष दूत जयथमा विक्रमानायके ने कहा है कि ये बहुत अहम है कि दुनिया की लगभग एक अरब 80 करोड़ की युवा आबादी को जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई और अंततः पृथ्वी ग्रह का भविष्य तय करने में निर्णायक भूमिका मिले. 

 

यूएन मुख्यालय में युवा कार्यकर्ताओं द्वारा साहसिक जलवायु कार्रवाई की माँग

शनिवार को छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अगले सप्ताह महासभा की चर्चा में शिरकत करने के लिए आने वाले विश्व नेताओं के सामने ये ज़ोरदार माँग रखी कि वो समय बर्बाद करना बंद करें और कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम के लिए ठोस क़दम उठाएं, नहीं तो उन्हें मतदान के ज़रिए हरा दिया जाएगा. 

इंटरव्यू: शांति और पृथ्वी की हिफ़ाज़त के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से दुनिया के सामने तमाम नाटकीय समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आहवान किया है. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें सत्र के शुरू होने के अवसर पर यूएन समाचार के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये पुकार लगाई है.