जलवायु और पर्यावरण

प्रकृति और मानवता के बीच तालमेल के हालात बनाने होंगे - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया में मानवता और प्रकृति के बीच समरसता क़ायम करने के लिए ज़रूरी परिस्थितियों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया है. जापान के ओसाका शहर में शनिवार, 29 जून को चीन और फ़्रांस के विदेश के मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने आहवान किया. 

जी-20: ठोस जलवायु कार्रवाई और आर्थिक सहयोग की अपील

जापान के ओसाका शहर में ग्रुप-20 (जी-20) समूह के नेताओं की वार्षिक शिखर वार्ता शुक्रवार को शुरू हो गई. जी-20 दुनिया की सबसे बड़ी और तेज़ी से बढती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह बैठक बड़े राजनैतिक तनाव के परिदृश्य में हो रही है.

दुनिया के सामने ‘जलवायु रंगभेद’ का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि जलवायु से जुड़े रंगभेद का एक ऐसा नया दौर शुरू होने का ख़तरा नज़र आ रहा है जहाँ बढ़ते तापमान और भूख से बचने के लिए अमीर लोग धन के बल पर अपने लिए बेहतरी का रास्ता बना लेंगे. उनका मानना है कि पिछले 50 वर्षों में जितना भी विकास हुआ, वैश्विक स्वास्थ्य में बेहतरी आई है और ग़रीबी कम करने के प्रयास हुए हैं, जलवायु परिवर्तन की वजह से वे सभी विफल हो सकते हैं. 

जलवायु परिवर्तन पर युवा पीढ़ी कमर कस चुकी है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में पुरानी पीढ़ियाँ तो नाकाम हो गई मगर युवा पीढ़ी इस चुनौती का सामना करने और इससे होने वाली तबाही की रफ़्तार धीमी करने के लिए कमर कस रही है.

उपजाऊ भूमि का मरुस्थल में बदलना बड़ी समस्या

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने सोमवार को 'विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस' पर अपने वीडियो संदेश में सचेत किया है कि दुनिया हर साल 24 अरब टन उपजाऊ भूमि खो देती है. उन्होंने कहा कि भूमि की गुणवत्ता ख़राब होने से राष्ट्रीय घरेलू उत्पाद में हर साल आठ प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. भूमि क्षरण और उसके दुष्प्रभावों से मानवता पर मंडराते जलवायु संकट के और गहराने की आशंका है. 

ताजनगरी में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए नई मुहिम

ताजमहल के लिए दुनिया भर में मशहूर भारतीय शहर आगरा में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत एक विशाल योजना तैयार की है. आगरा में ये विशाल वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना मंगलवार, तीन जून को प्रारंभ की गई. ग़ौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस पाँच जून को मनाया जाता है.