जलवायु और पर्यावरण

जलवायु परिवर्तन का असर बहुत तेज़ और गहरा - सम्मेलन से पहले विशेषज्ञों की चेतावनी

शीर्ष वैज्ञानिकों ने रविवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान समद्रों का बढ़ता जल स्तर, गरम होती ज़मीन, सिकुड़ती बर्फ़ चादरें और कार्बन प्रदूषण ने विश्व के राजनैतिक नेताओं से जलवायु कार्रवाई की पुकार को और ज़्यादा ज़ोरदार बना दिया है.

युवाओं का सम्मेलन: वयस्कों पर दबाव डालने का मंच

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की युवा मामलों पर विशेष दूत जयथमा विक्रमानायके ने कहा है कि ये बहुत अहम है कि दुनिया की लगभग एक अरब 80 करोड़ की युवा आबादी को जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई और अंततः पृथ्वी ग्रह का भविष्य तय करने में निर्णायक भूमिका मिले. 

 

यूएन मुख्यालय में युवा कार्यकर्ताओं द्वारा साहसिक जलवायु कार्रवाई की माँग

शनिवार को छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अगले सप्ताह महासभा की चर्चा में शिरकत करने के लिए आने वाले विश्व नेताओं के सामने ये ज़ोरदार माँग रखी कि वो समय बर्बाद करना बंद करें और कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम के लिए ठोस क़दम उठाएं, नहीं तो उन्हें मतदान के ज़रिए हरा दिया जाएगा. 

इंटरव्यू: शांति और पृथ्वी की हिफ़ाज़त के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से दुनिया के सामने तमाम नाटकीय समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आहवान किया है. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें सत्र के शुरू होने के अवसर पर यूएन समाचार के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये पुकार लगाई है.

जलवायु एमरजेंसी से विश्व शांति को ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने टिकाऊ और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए तत्काल जलवायु कार्रवाई की अहमियत को रेखांकित किया है ताकि पर्यावरण और मानव सुरक्षा व कल्याण को उपज रहे ख़तरों की रोकथाम हो सके. न्यूयॉर्क में शुक्रवार को एक शांति सभा संबोधित करते हुए महासचिव गुटेरेश ने आगाह किया है कि मौजूदा दौर में विश्व शांति के समक्ष नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं जिनसे तत्काल निपटा जाना ज़रूरी है.

इंटरव्यू: शांति और पृथ्वी की हिफ़ाज़त के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से दुनिया के सामने तमाम नाटकीय समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आहवान किया है. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें सत्र के शुरू होने के अवसर पर यूएन समाचार के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये पुकार लगाई है.

जलवायु संकट से निपटने के प्रयासों को मज़बूती देगी नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना जे. मोहम्मद ने 23 सितंबर को जलवायु शिखर वार्ता के लिए न्यूयॉर्क में विश्व नेताओं के आगमन से पहले एक रिपोर्ट जारी की है जो बताती है कि जलवायु परिवर्तन की गति कम करने के लिए दुनिया किस तरह सार्थक और त्वरित क़दम उठा सकती है. बताया गया है कि इस रिपोर्ट से यह समझने में मदद मिलेगी कि जलवायु शिखर वार्ता में नेता ठोस समाधान साथ लाए हैं या फिर सिर्फ़ भाषणों के साथ यहां एकत्र हुए हैं.

ओज़ोन परत के क्षतिग्रस्त हिस्से तेज़ी से बेहतरी की ओर

संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण एजेंसी (UNEP) ने कहा है कि अगर मौजूदा प्रगति आने वाले समय में भी बरक़रार रही तो पृथ्वी की सुरक्षा परत के रूप में काम करने वाले ओज़ोन परत के कई क्षतिग्रस्त हिस्सों में वर्ष 2030 तक पूरी तरह सुधार हो जाएगा.  यूएन संस्था ने एक बयान जारी करके कहा कि ओज़ोन परत को क्षति पहुंचाने वाले पदार्थों के सीमित इस्तेमाल को बंद करने से भावी पीढ़ियों के लिए ओज़ोन संरक्षण में मदद मिली है और मानव स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखने में सफलता हासिल हुई है.

कॉप-14, माहिरों की राय

मरुस्थलीकरण रोकने और भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने के प्रयासों को मज़बूती देने के इरादे से कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज़ यानी कॉप-14 सम्मेलन भारत की राजधानी दिल्ली में 2 से 13 सितंबर तक हुआ. विभिन्न देशों और क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों में से कुछ के विचार...

मरुस्थलीकरण सम्मेलन कॉप-14 भारत में

दुनिया भर में भूमि क्षय और मरुस्थलीकरण को रोकर ज़मीन को खेतीबाड़ी के लिए उपजाऊ बनाने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के उपायों में सहयोग देने के रास्ते तलाश करने के लिए कॉप-14 सम्मेलन भारत में 2 से 13 सितंबर तक हो रहा है. एक झलक...