जलवायु और पर्यावरण

विश्व महासागर दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व महासागर दिवस पर अपने सन्देश में प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त करने की पुकार लगाई है. उन्होंने ध्यान दिलाया है कि मौजूदा और भावी पीढ़ियों के लिये, हमारे महासागरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के मद्देनज़र यह महत्वपूर्ण है...

विश्व पर्यावरण दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के यूएन दशक' की शुरुआत की घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि पारिस्थितिकी तंत्र बहाल कर हम ऐसा परिवर्तन ला सकते हैं, जिससे समस्त टिकाऊ विकास लक्ष्‍यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी...

विश्व पर्यावरण दिवस: प्रकृति के घावों पर मरहम लगाने का समय

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के यूएन दशक' की शुरुआत की घोषणा की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दुनिया, जैव-विविधता की क्षति, जलवायु व्यवधान और बढ़ता प्रदूषण, तीन पर्यावरणीय संकटों का सामना कर रही है, जिसके मद्देनज़र, यह प्रकृति को पहुँचाये गए नुक़सान की भरपाई करने का समय है.

स्वच्छ ऊर्जा के रास्ते की रूकावटों को दूर करने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने चिली के सैन्टियागो में स्वच्छ ऊर्जा पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये, अपने वीडियो सन्देश में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिये ठोस कार्रवाई व नीतियों की पैरवी की है. उन्होंने आगाह किया है कि सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संगठनों द्वारा लिये गए संकल्पों को तयशुदा अवधि में पूरा किया जाना होगा...

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ने के लिये ठोस नीतियों की दरकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि इस सदी के मध्य तक, नैट-शून्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिये तत्काल जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को, चिली के सैन्टियागो में स्वच्छ ऊर्जा पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये अपने वीडियो सन्देश में आगाह किया कि सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संगठनों द्वारा लिये गए संकल्पों को ठोस नीतियों के ज़रिये, तयशुदा अवधि में पूरा किया जाना होगा.

जलवायु शिखर बैठक – ग्रह के लिये 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, दुनिया रसातल के कगार पर है और विश्व नेताओं को तत्काल कार्रवाई करते हुए, ग्रह को हरित मार्ग पर ले जाना होगा. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन द्वारा आयोजित एक वर्चुअल जलवायु शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए, पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार लगाई है.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

पेरिस जलवायु समझौते पर एक वीडियो नज़र...

पेरिस जलवायु समझौता, देशों को नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये अपने स्वयं के रास्ते बनाने देता है. यह राष्ट्रों, व्यवसायों और लोगों के ऊपर है कि वे यह करने के नए तरीक़े खोजें. ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन, विनिर्माण और खेती तक. एक वीडियो परिचय...

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के बीच दुनिया जलवायु ‘रसातल’ के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) द्वारा सोमवार को जारी नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पृथ्वी के तापमान में बढ़ोत्तरी बेरोकटोक जारी है, और साल 2020, अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में दर्ज किया गया है. "State of the Global Climate" रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में वैश्विक औसत तापमान, औद्योगिक काल से पूर्व के स्तर की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जोकि चिन्ताजनक है.

मानवता, पृथ्वी व समृद्धि के लिये वन संरक्षण ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सरकारों और लोगों का आहवान किया है कि वनों की रक्षा करने और वन समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रयास तेज़ किये जाने होंगे. यूएन प्रमुख ने, बुधवार, 3 मार्च, को विश्व वन्यजीवन दिवस (World Wildlife Day) के अवसर पर अपने सन्देश में, वन संसाधनों के अरक्षणीय प्रयोग और वन्यजीवों की तस्करी से उपजते ख़तरों के प्रति भी आगाह किया है.