जलवायु और पर्यावरण

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस: तिहरे पर्यावरणीय संकटों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि पृथ्वी पर तीन बड़े संकट – जलवायु व्यवधान, प्रकृति व जैवविविधता की हानि, और प्रदूषण व अपशिष्ट – करोड़ों लोगों के रहन-सहन और वजूद के लिये जोखिम उत्पन्न कर रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर इन तिहरी आपदाओं से निपटने के लिये महत्वाकांक्षी कार्रवाई का आहवान किया है.

'बेहतर नियोजन से बदल सकती हैं, अफ़्रीका की जलवायु तकलीफ़े'

विश्व प्रदूषण में, योरोप या अमेरिका जैसे अन्य महाद्वीपों की तुलना में, अलबत्ता अफ़्रीका का बहुत कम योगदान है, फिर भी इस महाद्वीप को जलवायु परिवर्तन का बड़ा असर झेलना पड़ रहा है. इससे विभिन्न इलाक़ों में लगातार सूखा या बाढ़ की समस्या के कारण, खाद्य सुरक्षा और कृषि पर गहरा प्रभाव पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव और अफ़्रीकी जोखिम क्षमता क्लस्टर के महानिदेशक, इब्राहिमा चेइख़ डियोंग ने, हाल ही में दुबई में हुए विश्व उद्यमिता व निवेश फ़ोरम (WEIF) के दौरान, अफ़्रीका के समक्ष जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी जोखिमों पर, यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा के साथ बातचीत की. वीडियो रिपोर्ट...

विविध पृष्ठभूमि से आए युवजन की जलवायु कार्रवाई में अहम भूमिका

भारत के ओडिशा राज्य की पर्यावरण कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग दुनिया भर से चुने गए उन सात युवाओं में शामिल हैं, जिन्हें जलवायु परिवर्तन पर यूएन महासचिव के युवा सलाहकार समूह में चुना गया है. उन्होंने न्यूयॉर्क में अन्य जलवायु कार्यकर्ताओं के साथ हाल ही में यूएन प्रमुख के साथ मुलाक़ात की. अर्चना ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ बातचीत में बताया कि पिछले क़रीब दो वर्षों में युवा सलाहकारों के समूह ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई में किस तरह अपना योगदान दिया है...

IPCC: 'तापमान वृद्धि को सीमित करने के लिये सटीक समय बिल्कुल अभी'

संयुक्त राष्ट्र की सोमवार को जारी एक महत्वपूर्ण जलवायु रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि वर्ष 2010-2019 के दौरान हानिकारक कार्बन उत्सर्जन का स्तर मानव इतिहास में सबसे उच्च रहा है और ये इस बात का सबूत है कि दुनिया विनाश की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रही है, ऐसे में यूएन महासचिव ने आगाह किया है कि जैसाकि वैज्ञानिकों का भी तर्क है कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिये ये समय, ‘अभी या कभी नहीं’ कार्रवाई करने का है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का वीडियो सन्देश...

जलवायु: तापमान वृद्धि को सीमित करने के लिये 'अभी या कभी नहीं' कार्रवाई का समय

संयुक्त राष्ट्र की सोमवार को जारी एक महत्वपूर्ण जलवायु रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि वर्ष 2010-2019 के दौरान हानिकारक कार्बन उत्सर्जन का स्तर मानव इतिहास में सबसे उच्च रहा है और ये इस बात का सबूत है कि दुनिया विनाश की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रही है, ऐसे में यूएन महासचिव ने आगाह किया है कि जैसाकि वैज्ञानिकों का भी तर्क है कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिये ये समय, ‘अभी या कभी नहीं’ कार्रवाई करने का है.