जलवायु और पर्यावरण

WHO: मानसिक स्वास्थ्य मदद को, जलवायु कार्रवाई योजनाओं का हिस्सा बनाएँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्टॉकहोम+50 पर्यावरणीय सम्मेलन में, शुक्रवार को एक नए पॉलिसी ब्रीफ़ में कहा है कि जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने के लिये बनाई जाने वाली, देशों की राष्ट्रीय योजनाओं में, मानसिक स्वास्थ्य के लिये सहायता भी शामिल किये जाने की दरकार है.

स्टॉकहोम+50 सम्मेलन: पर्यावरणीय संकटों से रक्षा के लिये कार्रवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मानवता और वैश्विक कल्याण पर मंडराते जोखिमों पर चिन्ता व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि मौजूदा हालात की एक बड़ी वजह यह है कि अब तक किये गए पर्यावरण सम्बन्धी वादे पूरा नहीं किये गए हैं.

यूक्रेन संकट: विकासशील देशों के समक्ष आर्थिक बर्बादी का जोखिम

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण देश में बड़े पैमाने पर विनाश और पीड़ा की वजह बना है, मगर यहाँ हालात से एक ऐसा बवण्डर भी उठ रहा है, जोकि अनेक विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तबाही ला सकता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश स्टॉकहोम+50 सम्मेलन में शिरकत करने के लिये स्वीडन की राजधानी पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. 

 

वीडियो गेम के ज़रिये जलवायु कार्रवाई: पृथ्वी के लिये विजयी समाधान

गेमिंग उद्योग जलवायु और पर्यावरण पर आधारित वीडियोगेम से लेकर विशेष फ़ीचर, पॉप-अप, और वास्तविक जीवन में पेड़ लगाने के अवसरों के साथ-साथ, पीएसी-मैन या एंग्री बर्ड्स जैसे खेलों के ज़रिये संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर अनूठे तरीक़ों से, दर्शकों को जलवायु कार्रवाई के लिये प्रेरित करने की कोशिशों में लगा है.

पर्यावरण के लिये ज़्यादा कार्रवाई हो, वरना पृथ्वी के 'मानव बलिदान का क्षेत्र' बन जाने का जोखिम

मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण को एक प्रमुख मुद्दा बनाने के लिये, विश्व का पहला सम्मेलन, पाँच दशक पहले स्वीडन में हुआ था, तब से ये समझ बढ़ी है कि अगर इनसानों ने पृथ्वी की देखभाल करने में कोताही बरती, तो ये ग्रह मानव बलिदान का क्षेत्र बनकर रह जाएगा. पृथ्वी की रक्षा के लिये आगे की कार्रवाई पपर चर्चा करने के लिये, इस सप्ताह स्टॉकहोम में ताज़ा विचार-विमर्श शुरू होने वाला है, उस सन्दर्भ में सोमवार को, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ऐसे कहीं ज़्यादा विशाल प्रयासों की आवश्यकता है जिनके ज़रिये हर साल लाखों ज़िन्दगियाँ बचाई जा सकें.

जलवायु व अन्य विनाशकारी आपदाओं से रक्षा के लिये सहनक्षमता विकास पर बल

आपदा जोखिम न्यूनीकरण के विषय पर इण्डोनेशिया के बाली शहर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की एक फ़ोरम के समापन पर सुदृढ़ता व सहनसक्षम को बढ़ावा देने और समय पूर्व चेतावनी प्रणालियों को तत्काल अपनाये जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है ताकि आपदा की बढ़ती घटनाओं के ख़तरों को कम किया जा सके.

खाद्य प्रणालियों के रूपान्तरकारी बदलाव में, बढ़त दिखाते अफ़्रीकी देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को कहा है कि अफ़्रीकी देश, खाद्य सुरक्षा, पोषण, सामाजिक और पर्यावरणीय संरक्षण का सामना करने के साथ-साथ, सहनक्षमता में जान फूँकने की ख़ातिर, खाद्य प्रणालियों में महत्वपूर्ण रूपान्तरकारी बदलाव करने के अग्रिम मोर्चे पर हैं.

आपदा की रोकथाम व जोखिमों में कमी, 'टिकाऊ भविष्य के लिये अहम' 

संयुक्त राष्ट्र उप महासचिव आमिना मोहम्मद ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के मुद्दे पर, इण्डोनेशिया के बाली शहर में आयोजित एक फ़ोरम को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि यदि मज़बूत रोकथाम या जोखिमों में कमी लाने के उपाय नहीं अपनाए गए, तो दुनिया को इस दशक के अन्त तक, हर दिन 1.5 मध्यम या विशाल आपदाओं का सामना करना पड़ेगा.

बाली के छात्रों को यूएन उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद से मिली सराहना

लाल रंग की स्कूली वर्दियाँ पहने हुए और किताबों से भरे अपने थैलों को, किसी मलबे से सुरक्षित बचाने की ख़ातिर अपने सिर पर रखकर, 200 से भी ज़्यादा बच्चे, बड़े धैर्य के साथ, एक होटल की तीन मंज़िला सीढ़ियाँ चढ़कर छत पर पहुँचे, जो उनके क्लासरूम्स के पास थी. ये नज़ारा था इण्डोनेशिया के बाली द्वीप में एक प्रारम्भिक शिक्षा स्कूल का, जिसे यूएन उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने भी देखा.

जलवायु को क्षति पहुँचाने वाले उद्योगों के लिये काम मत कीजिये – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में सीटन हॉल विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा है कि आज के कॉलेज स्नातक, उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने वाली पीढ़ी बन सकते हैं, जिनका मुक़ाबला करने में उनकी पीढ़ी विफल रही है.