जलवायु और पर्यावरण

जलवायु परिवर्तन से जल एवं स्वच्छता सुलभता के लिये ख़तरा 

संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, आम लोगों के लिये जल और साफ़-सफ़ाई की सुलभता पर दबाव बढ़ने की आशंका है. इसकी रोकथाम के लिये देशों की सरकारों से बुनियादी ढाँचे अभी से तैयार करने की अहमियत को रेखांकित किया गया है. 

आपबीती: आधुनिक मधुमक्खी पालन का मधु स्वाद

हेती के दक्षिणी कम्यून (क्षेत्र) बॉनबॉन में मधुमक्खी पालक, एक ऐसे इलाक़े में शहद के इर्द-गिर्द धूम मचा रहे हैं जो वर्ष 2021 में आए भूकम्प से उबरने की कोशिश कर रहा है.

'अक्षय ऊर्जा की जीवन रेखा, विश्व को निकाल सकती है जलवायु संकट से बाहर'

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) का कहना है कि वर्ष 2021 के दौरान, जलवायु परिवर्तन के चार प्रमुख संकेतकों – ग्रीनहाउस गैस की सघनता, समुद्री जल स्तर में वृद्धि, महासागरों का बढ़ता तापमान और अम्लीकरण (रासायनिक वृद्धि) ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. यूएन एजेंसी के अनुसार यह दर्शाता है कि मानव गतिविधियों के कारण भूमि, महासागर व वातावरण में व्यापक बदलाव हो रहे हैं, जिसके टिकाऊ विकास व पारिस्थितिकी तंत्रों पर दीर्घकालीन दुष्परिणाम होंगे. 

'विश्व घुमन्तू पक्षी दिवस' में प्रकाश प्रदूषण के स्याह पक्ष पर रौशनी

दुनिया भर में अनेक देशों की सरकारें, शहर, कम्पनियाँ और समुदाय, प्रवासी यानि घुमन्तु पक्षियों सहित वन्य जीवन के लिये ‘प्रकाश प्रदूषण’ नामक एक अन्य महत्वपूर्ण और बढ़ते जोखिम का सामना करने के लिये कार्रवाई कर रहे हैं.

वैश्विक खाद्य सुरक्षा में जान फूँकने के लिये, पौध स्वास्थ्य अहम

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने प्रथम अन्तरराष्ट्रीय पौध स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये, और ज़्यादा संसाधन निवेश करने की पुकार लगाई है, विशेष रूप से ऐसे हालात में जबकि दुनिया भर में अरबों लोग भोजन की क़िल्लत के साथ जीवन जी रहे हैं.

सूखे का संकट: बेहतर प्रबन्धन और सहनक्षमता विकास पर बल

मरुस्थलीकरण से निपटने के लिये संयुक्त राष्ट्र सन्धि (UNCCD) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सूखा प्रबन्धन के विषय में, मानवता एक दोराहे पर खड़ी है, और सूखे की घटनाओं में कमी लाने के लिये जल्द से जल्द रोकथाम उपाय किये जाने की आवश्यकता है.  

यमन: जर्जर तेल टैंकर के जोखिम से निपटने के लिये, 3.3 करोड़ डॉलर रक़म के संकल्प

अनेक देशों ने यमन के पश्चिमी तट के नज़दीक स्थित एक उम्र दराज़ और ख़स्ता हाल तेल टैंकर जहाज़ से पर्यावरणीय और मानवीय आपदा उत्पन्न होने से रोकने की ख़ातिर, संयुक्त राष्ट्र द्वारा संयोजित एक कार्यक्रम के लिये, बुधवार को क़रीब तीन करोड़ 30 लाख डॉलर की रक़म एकत्र करने के संकल्प व्यक्त किये हैं.

जलवायु संकट: दुनिया, तापमान वृद्धि की 1.5 डिग्री सेल्सियस सीमा के क़रीब

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अगले पाँच वर्षों में औसत वैश्विक तापमान के पूर्व-औद्योगिक काल के स्तर से, 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुँच जाने की सम्भावना लगभग 50 फ़ीसदी तक पहुँच गई है, और यह आशंका समय के साथ बढ़ती जा रही है.  

बेहतर भूमि प्रबन्धन व पुनर्बहाली उपायों के लिये, उच्चस्तरीय यूएन सम्मेलन

मरुस्थलीकरण से मुक़ाबले के लिये संयुक्त राष्ट्र सन्धि (UNCCD) में शामिल पक्षों के सम्मेलन का 15वाँ सत्र, (कॉप15), सोमवार को आइवरी कोस्ट की राजधानी आबिजान में आरम्भ हुआ है, जहाँ भूमि की रक्षा और उससे प्राप्त होने वाले लाभों को मौजूदा व भावी पीढ़ी के लिये सुनिश्चित किये जाने के उपायों पर चर्चा होगी. 

भारत और पाकिस्तान भीषण गर्मी की चपेट में, जीवनरक्षा के लिये ऐहतियाती उपायों पर ज़ोर

विश्व में घनी आबादी वाले देशों में शुमार होने वाले भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में इन दिनों करोड़ों लोग भीषण गर्मी में झुलस रहे हैं और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को छू चुका है. इसके मद्देनज़र, दोनों देशों में मौसम विज्ञान विभाग, स्वास्थ्य व आपदा प्रबन्धन एजेंसियों साथ मिलकर उन उपायों को प्रभावी ढँग से लागू करने में जुटे हैं, जिनकी मदद से अतीत के सालों में ज़िन्दगियों की रक्षा कर पाना सम्भव हुआ है.