जलवायु और पर्यावरण

प्रकृति के साथ ज़्यादा विचारशील व सतत सम्बन्धों की दरकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार, 3 मार्च को विश्व वन्यजीवन दिवस पर अपने सन्देश में कहा है कि हर एक मानव को पृथ्वी पर मौजूद बहुमूल्य और बेबदल वन्यजीवन को सहेजने के लिये समर्पित होना चाहिये. 

यूनेप की 50वीं वर्षगाँठ: जलवायु क्षेत्र में योगदान पर शाबाशी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यूएन पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने पिछली आधी सदी के दौरान, दुनिया को अन्तरराष्ट्रीय सहयोग के स्तम्भों पर निर्मित, एक बेहतर व स्वस्थ पृथ्वी ग्रह के दृष्टिकोण पर आधारित रास्ता दिखाया है. यूएन महासचिव ने ये बात यूएन पर्यावरण एजेंसी - यूनेप की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर गुरूवार को कही है.

प्लास्टिक प्रदूषण की विभीषिका को ख़त्म करने के लिये, ऐतिहासिक प्रस्ताव अनुमोदित

केनया की राजधानी नैरोबी में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण ऐसेम्बली में बुधवार को, 175 देशों के राष्ट्राध्यक्षों, पर्यावरण मंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों ने, प्लास्टिक प्रदूषण का ख़ात्मा करने के लिये एक ऐतिहासिक प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, जिसके ज़रिये वर्ष 2024 के अन्त तक, एक क़ानूनी रूप से बाध्य अन्तरराष्ट्रीय समझौता वजूद में आएगा.

IPCC रिपोर्ट: जलवायु परिवर्तन पर नाकाम वैश्विक नेतृत्व की एक बानगी

संयुक्त राष्ट्र के वैज्ञानिकों ने, पृथ्वी और तमाम दुनिया पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बारे में, सोमवार को एक तीखी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पारिस्थितिकी विघटन, प्रजातियों के विलुप्तिकरण, जानलेवा गर्मियाँ और बाढ़ें, ऐसे जलवायु ख़तरे हैं जिनका सामना दुनिया, वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण, अगले दो दशकों तक करेगी.

जलवायु कार्रवाई के अभाव में, चरम मौसम घटनाओं से बढ़ेंगी मानवीय ज़रूरतें

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि मेडागास्कर में चरम मौसम घटनाओं का असर, एक उदाहरण है कि कारगर जलवायु कार्रवाई के अभाव में, आने वाले समय में दुनिया को किस तरह बढ़ती मानवीय आवश्यकताओं का सामना करना पड़ सकता है.

वनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका, ‘तैयार नहीं हैं सरकारें’

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और नॉर्वे में स्थित उसके एक साझीदार संगठन ( GRID-Arendal) की एक रिपोर्ट में जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आवृत्ति व गहनता बढ़ने की आशंका जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक इन घटनाओं में 14 प्रतिशत होने की सम्भावना है, जिसकी एक बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन और भूमि-इस्तेमाल में बदलाव आना है.

पर्यावरण पर संकट: जंगलों में जानलेवा आग, ध्वनि प्रदूषण, जीवन चक्र व्यवधान

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट में, जंगलों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं व उनकी गम्भीरता, शहरी इलाक़ों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिये समस्या बन रहे ध्वनि प्रदूषण व प्राकृतिक प्रणालियों के जीवन चक्र में नज़र आ रहे व्यवधान की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है, साथ ही रोकथाम उपाय भी पेश किये गए हैं. 

"आर्द्रभूमि हमें सभी कुछ देती है" - महत्वपूर्ण पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), भारत सरकार के साथ मिलकर ‘SECURE Himalaya’ नामक एक पहल पर काम कर रहा है, जिसके तहत पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिये बेहद अहम, ऊँचे इलाक़ों में स्थित आर्द्रभूमि के संरक्षण हेतु, हिमालयी क्षेत्रों के स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण दिया जाता है. 

'नज़र आने लगा है जलवायु परिवर्तन का असर', अनूकूलन पर बल

संयुक्त राष्ट्र के अन्तरसरकारी आयोग (IPCC) की सोमवार को एक वर्चुअल बैठक शुरू हुई है, जिसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, अनुकूलन और सम्वेदनशीलता पर आधारित एक रिपोर्ट पर चर्चा होगी.

‘हज़ार झरनों वाली पहल’ - ओडिशा के स्थानीय समुदायों के लिये वरदान

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और भारत सरकार ने देश के पूर्वी प्रदेश ओडिशा में ‘1000 स्प्रिंग्स पहल’ नामक एक योजना शुरू की है, जिसके तहत स्थानीय झरनों का संरक्षण करके, जल की समस्या वाले दुर्गम पहाड़ी इलाक़ों में स्थानीय समुदायों को चौबीसों घण्टे पीने का स्वच्छ पानी मिल रहा है.