जलवायु और पर्यावरण

कॉप26: ग्लासगो की सड़कों पर उतरे हज़ारों युवा कार्यकर्ता, जलवायु कार्रवाई की मांग

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन कॉप26 के दौरान शुक्रवार, 5 नवम्बरका दिन, ‘युवजन’ के नाम समर्पित रहा और हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतर कर, जलवायु कार्रवाई के समर्थन में प्रदर्शन किया. ग्लासगो का केन्द्रीय इलाक़ा इन नारों से गूंज उठा: “हम क्या चाहते हैं? जलवायु न्याय! हम यह कब चाहते हैं? अभी!”

सूनामी जागरूकता दिवस: आपदा जोखिम रोकथाम के लिये नवाचारी उपायों पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 5 नवम्बर, ‘विश्व सूनामी जागरूकता दिवस’ पर घातक सूनामी लहरों के जोखिमों में कमी लाने के लिये नवाचारी समाधान अपनाए जाने पर बल दिया है.  

कॉप26 में ‘ऊर्जा दिवस’, जीवाश्म ईंधन के प्रयोग पर रोक के लिये उठी आवाज़ें

स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन कॉप26 में गुरूवार को, दिन का मुद्दा या मुख्य विषय ‘ऊर्जा’ रहा और इस ‘ऊर्जा दिवस’ के मौक़े पर सूरज की गर्मी भी महसूस की गई, जो बुधवार को ही बादल हटाकर, जैसे जलवायु हस्तियों को अभिवादन करने के लिये निकल आया था.

जलवायु अनुकूलन में जान फूँकने के लिये तेज़ प्रयासों की ज़रूरत, यूनेप

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने गुरूवार को प्रकाशित अपनी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिये नीतियाँ व योजनाएँ बढ़ तो रही हैं, मगर वित्त और क्रियान्वयन अब भी पीछे है.

कॉप26: जलवायु वित्त के लिये, निजी सैक्टर के संकल्प

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन कॉप26 में बुधवार का दिन, वित्तीय घोषणाओं के नाम रहा. सबसे बड़ी घोषणा थी – दुनिया भर की लगभग 500 वित्तीय संस्थाओं व संगठनों द्वारा पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, 130 ट्रिलियन की धनराशि जुटाने पर सहमति. इन लक्ष्यों में तापमान वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना भी शामिल है और ये धनराशि दुनिया की कुल वित्तीय सम्पदाओं का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है.

विकसित देशों से, निर्बल देशों को जलवायु वित्त का वादा तेज़ी से पूरा करने का आग्रह

ऐसे में जबकि विश्व नेतागण ने ये उम्मीद जताई है कि विकासशील देशों को, जलवायु वित्तीय मदद के रूप में हर वर्ष 100 अरब डॉलर की रक़म अदा करने का लक्ष्य पहुँच में नज़र आता है, तो संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि ये लक्ष्य, वर्ष 2023 तक तो पूरा होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं, और उसके बाद के समय के लिये भी अतिरिक्त धनराशि की ज़रूरत होगी.

मैडागास्कर: कुछ इलाक़े अकाल से प्रभावित, बच्चों के लिये बढ़ा जोखिम

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने मंगलवार को कहा है कि दक्षिणी मैडागास्कर के कुछ इलाक़ों को अकाल के हालात का सामना करना पड़ रहा है. यूएन एजेंसी के देशीय उपनिदेशक एरडुइनो मैनगोनी के अनुसार यह जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाला, शायद पहला अकाल है. 

भारत: युवजन ही लाएंगे बदलाव

भारत एक वैश्विक जलवायु नेतृत्व की ओर अग्रसर है. भारत का लक्ष्य है - 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा का 40% नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करना. भारत की जलवायु महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिये, युवजन भी दृढ़ता से खड़े हैं. भारत में WETHECHANGENOW अभियान के तहत जलवायु कार्रवाई पर एक वीडियो रिपोर्ट...
 

जलवायु परिवर्तन: सहनसक्षम विश्व की ओर

विश्व के जलवायु संकट का मतलब है कि हम ज़्यादा सघन तूफ़ान, समुद्रों का बढ़ता जल स्तर, बढ़ता सूखा, और ज़्यादा इनसानी तकलीफ़ें देख रहे हैं. मगर, एक प्रमुख भारतीय पर्यावरणविद सुनीता नारायण का कहना है कि ज़रूरी नहीं कि हम इसे स्वीकार ही करके बैठ जाएँ. हम जानते हैं कि अपने गाँवों, खेतों, शहरों, रास्तों और घरों को किस तरह सुरक्षित बनाया जाए. हमें इंसाफ़ की ख़ातिर, तत्काल कार्रवाई करनी होगी. जलवायु मुद्दे पर यूएन वीडियो सिरीज़ में अगली कड़ी...

कॉप26: 2030 तक वनों की पुनर्बहाली का लक्ष्य, 100 से अधिक देशों ने जताई प्रतिबद्धता 

कॉप26 जलवायु सम्मेलन के दौरान, विश्व नेताओं की शिखर बैठक के दूसरे दिन, वन संरक्षण व पुनर्बहाली के लिये एक अहम प्रतिज्ञा की आधिकारिक घोषणा की गई है. इसके साथ ही, सार्वजनिक व निजी सैक्टर के पक्षकारों ने जलवायु परिवर्तन, जैविविधता लुप्त होने, भुखमरी और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिये संकल्प व्यक्त किये हैं.