जलवायु और पर्यावरण

संकट काल में 'वैश्विक वित्तीय प्रणाली हुई विफल, एकजुटता का अभाव'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, सोमवार को विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के एक कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि मौजूदा संकट के दौरान विकासशील देशों की सहायता कर पाने में, वैश्विक वित्तीय प्रणाली विफल साबित हुई है और एकजुटता कहीं नज़र नहीं आ रही है.

टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट: अभी नुक़सान आकलन सम्भव नहीं

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि प्रशान्त द्वीपों में सप्ताहान्त के दौरान समुद्र के भीतर फटे ज्वालामुखी के बाद, टोंगा की राजधानी नुकुआलोफ़ा राख और धूल से ढक गई है, मगर वहाँ स्थिति शान्त है और सफ़ाई के आरम्भिक प्रयास शुरू कर दिये गए हैं.

टोंगा: समुद्री ज्वालामुखी फटने के बाद, सूनामी व राख के तूफ़ान में मदद के लिये, यूएन मुस्तैद

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने प्रशान्त देश टोंगा के निकट समुद्र के भीतर ज्वालामुखी फटने के बाद, समुद्री तूफ़ान – सूनामी और राख की आन्धी की ख़बरों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है जिससे टोंगा प्रभावित हुआ है.

पाकिस्तान: हरित पुनर्बहाली के लिये स्थानीय ज्ञान का दोहन

संयुक्त राष्ट्र के पिछले जलवायु सम्मेलन - COP26 में जलवायु सम्बन्धी प्रतिबद्धताओं और जलवायु वित्त पर चर्चा के मूल में - अस्थिर विकास का स्वरूप बदलने की मूलभूत आवश्यकता ही थी. जबकि सरकारें वर्ष 2050 और 2070 के लिये लक्ष्य निर्धारित कर रही हैं, बाढ़, भूस्खलन, चट्टानें ख़िसकने, या तूफ़ान की घटनाओं जैसे प्राकृतिक ख़तरों की गम्भीरता बढ़ती जा रही है. ऐसे में, स्थानीय ज्ञान के ज़रिये, सहनसक्षम एवं टिकाऊ पुनर्निर्माण सम्भव हो सकता है. विश्व बैंक में दक्षिण एशिया के लिये, जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम प्रबन्धन सलाहकार, मिशेल विंगली का ब्लॉग...

श्रीलंका: हरित, सहनसक्षम और समावेशी विकास से सबक़

एक नया विकास प्रतिमान उभर रहा है, जिसका उद्देश्य महामारी के बाद ऐसा आर्थिक सुधार करना है जो अधिक टिकाऊ, सहनसक्षम व समावेशी हो. विश्व बैंक के इस नए दृष्टिकोण को हरित, लचीले और समावेशी विकास, यानि GRID (Green, Resilient and Inclusive Development) का नाम दिया गया है, जिसके तहत जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 और असमानता के सम्बन्धित संकटों को समग्र रूप से सम्बोधित करने के लिये भागीदारों को मदद दी जाएगी.

पृथ्वी का तापमान बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों के बारे में पाँच अहम बातें

किसी ग्रीनहाउस में सूर्य का प्रकाश दाख़िल होता है, और गर्मी वहीं ठहर जाती है. ग्रीनहाउस प्रभाव इसी तरह का परिदृश्य पृथ्वी के स्तर पर भी परिभाषित होता है, मगर किसी ग्रीनहाउस में लगे शीशे के बजाय, कुछ तरह की गैसें, वैश्विक तापमान को लगातार बढ़ा रही हैं.

जलवायु परिवर्तन: ग्रीनलैण्ड की हिम चादरों का पिघलना, लगातार 25वें वर्ष भी जारी रहा

संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनुमोदित शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 लगातार ऐसा 25वाँ वर्ष रहा जिस दौरान ग्रीनलैण्ड की महत्वपूर्ण हिम चादर को, पिघलाव के मौसम के दौरान और ज़्यादा नुक़सान हुआ, हालाँकि, उसके बाद सर्दियों के मौसम में कुछ बेहतरी भी हुई.

फ़िलिपीन्स: सुपर टाइफ़ून ‘राई’ के बाद हालात बदतर होने की आशंका

फ़िलिपीन्स के अनेक इलाक़ों को अपनी चपेट में लेने वाले चक्रवाती तूफ़ान, सुपर टाइफ़ून ‘राई’ के गुज़र जाने के कई दिन बाद भी, वहाँ हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. प्रभावित समुदाय सुपर टाइफ़ून के असर से उबर नहीं पाए हैं और विशाल स्तर पर उत्पन्न हुईं बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. 

पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिये प्रयासरत, यूएन एजेंसी की आधी सदी

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना को वर्ष 2022 में, 50 साल पूरे हो रहे हैं. यूएन एजेंसी ने इस अवसर पर, सभी देशों से पृथ्वी के लिये ख़तरा पैदा करने वाले तीन बड़े जोखिमों, जलवायु परिवर्तन, प्रकृति व जैवविविधता की हानि, और प्रदूषण व कचरा से निपटने के लिये विशाल कार्रवाई करने का आहवान किया है.

भारत: प्लास्टिक प्रदूषण को आड़े हाथों लेता एक कार्यकर्ता

सक्रियता से बदलाव सम्भव है. भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार में, एक स्काउट और गाइड कार्यकर्ता  ऋतुराज की कोशिशों से प्लास्टिक प्रयोग के बारे में बदलाव लाने और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है. ऋतुराज, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के प्लास्टिक प्रदूषण का मुक़ाबला करने के लिये वैश्विक युवा आन्दोलन, टाइड टर्नर्स चैलेंज के एक सक्रिय प्रचारक हैं.