जलवायु और पर्यावरण

जलवायु को क्षति पहुँचाने वाले उद्योगों के लिये काम मत कीजिये – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में सीटन हॉल विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा है कि आज के कॉलेज स्नातक, उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने वाली पीढ़ी बन सकते हैं, जिनका मुक़ाबला करने में उनकी पीढ़ी विफल रही है.

'सम्पन्न देशों में संसाधनों की अति-खपत', बच्चों के स्वास्थ्य पर जोखिम 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि अधिकांश सम्पन्न देशों में संसाधनों का उपभोग अधिक होने से, विश्व भर में बच्चों के लिये अस्वस्थ, ख़तरनाक व हानिकारक परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं. यूनीसेफ़ ने बच्चों के स्वास्थ्य व पर्यावरण की रक्षा व उनके लिये बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिये सुझाव प्रस्तुत किये हैं. 

हमें प्रकृति के साथ शान्ति क़ायम करनी होगी - यूएन उप प्रमुख

एक काले बक्से में सौर ऊर्जा जनरेटर और जैविक भूमि में उगाया गया बैंगन, ऐसी ही कुछ अन्य विविध प्रकार की वस्तुओं को, इण्डोनेशिया में युवा जलवायु कार्यकर्ताओं ने पिछले सप्ताहांत संयुक्त राष्ट्र उप महासचिव आमिना मोहम्मद के समक्ष प्रस्तुत किया. जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिये युवजन के ये प्रयास उनकी आकाँक्षाओं को मूर्त रूप प्रदान करते हैं.   

प्रकृति के विरुद्ध 'नासमझी भरे, विनाशकारी युद्ध' का अन्त किये जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 22 मई, को ‘अन्तरराष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस’ के अवसर पर अपने सन्देश में, जैवविविधता की रक्षा व प्रकृति के साथ समरसतापूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने और सर्वजीवन हेतु एक साझा, टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लक्ष्य के साथ कारगर कार्रवाई का आहवान किया है.  

जलवायु परिवर्तन से जल एवं स्वच्छता सुलभता के लिये ख़तरा 

संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, आम लोगों के लिये जल और साफ़-सफ़ाई की सुलभता पर दबाव बढ़ने की आशंका है. इसकी रोकथाम के लिये देशों की सरकारों से बुनियादी ढाँचे अभी से तैयार करने की अहमियत को रेखांकित किया गया है. 

आपबीती: आधुनिक मधुमक्खी पालन का मधु स्वाद

हेती के दक्षिणी कम्यून (क्षेत्र) बॉनबॉन में मधुमक्खी पालक, एक ऐसे इलाक़े में शहद के इर्द-गिर्द धूम मचा रहे हैं जो वर्ष 2021 में आए भूकम्प से उबरने की कोशिश कर रहा है.

'अक्षय ऊर्जा की जीवन रेखा, विश्व को निकाल सकती है जलवायु संकट से बाहर'

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) का कहना है कि वर्ष 2021 के दौरान, जलवायु परिवर्तन के चार प्रमुख संकेतकों – ग्रीनहाउस गैस की सघनता, समुद्री जल स्तर में वृद्धि, महासागरों का बढ़ता तापमान और अम्लीकरण (रासायनिक वृद्धि) ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. यूएन एजेंसी के अनुसार यह दर्शाता है कि मानव गतिविधियों के कारण भूमि, महासागर व वातावरण में व्यापक बदलाव हो रहे हैं, जिसके टिकाऊ विकास व पारिस्थितिकी तंत्रों पर दीर्घकालीन दुष्परिणाम होंगे. 

'विश्व घुमन्तू पक्षी दिवस' में प्रकाश प्रदूषण के स्याह पक्ष पर रौशनी

दुनिया भर में अनेक देशों की सरकारें, शहर, कम्पनियाँ और समुदाय, प्रवासी यानि घुमन्तु पक्षियों सहित वन्य जीवन के लिये ‘प्रकाश प्रदूषण’ नामक एक अन्य महत्वपूर्ण और बढ़ते जोखिम का सामना करने के लिये कार्रवाई कर रहे हैं.

वैश्विक खाद्य सुरक्षा में जान फूँकने के लिये, पौध स्वास्थ्य अहम

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने प्रथम अन्तरराष्ट्रीय पौध स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये, और ज़्यादा संसाधन निवेश करने की पुकार लगाई है, विशेष रूप से ऐसे हालात में जबकि दुनिया भर में अरबों लोग भोजन की क़िल्लत के साथ जीवन जी रहे हैं.

सूखे का संकट: बेहतर प्रबन्धन और सहनक्षमता विकास पर बल

मरुस्थलीकरण से निपटने के लिये संयुक्त राष्ट्र सन्धि (UNCCD) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सूखा प्रबन्धन के विषय में, मानवता एक दोराहे पर खड़ी है, और सूखे की घटनाओं में कमी लाने के लिये जल्द से जल्द रोकथाम उपाय किये जाने की आवश्यकता है.