जलवायु और पर्यावरण

विश्व महासागर दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने 'विश्व महासागर दिवस' पर जारी अपने सन्देश में कहा है कि एक स्वस्थ व उत्पादक महासागर सुनिश्चित करना एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, और ये तभी सम्भव है जब हम सभी एक साथ मिलकर काम करें...

इण्टरव्यू: एक साथ मिलकर महासागरों की देखभाल करने का आग्रह

विश्व महासागर दिवस’ हर वर्ष 8 जून को मनाया जाता है, जोकि हमारे दैनिक जीवन में महासागरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर फिर से ध्यान दिलाने का एक अवसर है. वर्ष 2022 की थीम, ऊर्जा का पुन: संचार: महासागरों के लिये सामूहिक कार्रवाई (Revitalization: collective action for the ocean) के ज़रिये उनकी रक्षा के लिये साथ मिलकर प्रयास किये जाने की अहमियत को रेखांकित किया जा रहा है.

‘विश्व महासागर दिवस’ पर यूएन प्रमुख का आग्रह - महासागर में फिर से जान फूँकें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को विश्व महासागर दिवस के एक समारोह कार्यक्रम में कहा है कि पूरे पृथ्वी ग्रह की मांगें पूरी करने में सक्षम एक स्वस्थ व उत्पादक महासागर सुनिश्चित करना एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, और ये तभी सम्भव है जब हम सभी एक साथ मिलकर काम करें.

विश्व पर्यावरण दिवस: पृथ्वी की रक्षा के लिये कार्रवाई की साझा अपील

संयुक्त राष्ट्र ने 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर एक अपील जारी करते हुए आगाह किया है कि पृथ्वी ही हमारा एक मात्र घर है, और ये बहुत आवश्यक है कि पृथ्वी के वातावरण के स्वास्थ्य, और पृथ्वी पर जीवन की विविधता, इसकी पारिस्थितिकी और इसके सीमित संसाधनों की रक्षा की जाए...

भारत: ‘एकमात्र पृथ्वी’ की रक्षा के लिये, संयुक्त राष्ट्र और निकिलोडियोन का सफ़ाई अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस की #OnlyOne Earth थीम के तहत, भारत में संयुक्त राष्ट्र और कार्टून चैनल निकोलोडियोन ने मिलकर, पृथ्वी की रक्षा के लिये स्वच्छता मुहिम में हिस्सा लिया. इस अवसर पर निकोलोडियोन के मशहूर कार्टून,मोटू और पतलू व संयुक्त राष्ट्र पृथ्वी चैम्पियन अफ़रोज़ शाह ने साथ मिलकर भारत की वित्तीय नगरी, मुम्बई में समुद्र तट की सफ़ाई करके, लोगों से कूड़ा न फैलाने की अपील की.

यूएन जलवायु सम्मेलन - कॉप27 की ज़मीन तैयार करने के लिये बॉन में बैठक

संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप27) की मिस्र के शर्म अल-शेख़ में होने वाली बैठक के लिये, सफल वार्ता की ज़मीन तैयार करने के इरादे से, सोमवार को जर्मनी के बॉन शहर में बैठक शुरू हुई है. जलवायु परिवर्तन मामलों के लिये यूएन संस्था की कार्यकारी सचिव ने अपने सम्बोधन में जलवायु चुनौती से निपटने के लिये पेरिस समझौते के अनुरूप महत्वाकांक्षी कार्रवाई का आहवान किया है.

भारत: पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली अपनाने के लिये 'लाइफ़ आन्दोलन'

भारत ने अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व स्थानीय सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देकर, लोगों व समुदायों में जलवायु-अनुकूल व्यवहार-परिवर्तन लाने वाले समाधान पेश करने के लक्ष्य से, संयुक्त राष्ट्र की अनेक एजेंसियों की साझेदारी में LiFE नामक एक आन्दोलन शुरू किया गया है. इसके लिये लोगों, विश्वविद्यालयों, चिन्तकों, ग़ैर-लाभकारी संस्थाओं आदि को जलवायु सम्बन्धी, पारम्परिक एवं अभिनव उत्कृष्ट प्रथाएँ व समाधान पेश करने के लिये जलवायु-अनुकूल उत्पादन व रोज़गार-सृजन को बढ़ावा देने के लिये आमंत्रित किया गया है.

भारत: झील के संरक्षण व कायाकल्प के लिये युवजन की कार्रवाई

भारत में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़), यूथ4वॉटर अभियान के ज़रिये, जलवायु कार्रवाई में युवजन को शामिल करने के लिये प्रयासरत है. ऐसे ही एक कार्यक्रम के तहत, ओडिशा राज्य में स्थित चिल्का झील का कायाकल्प सम्भव हुआ है, जिससे ना केवल स्थानीय लोगों को अपनी आजीविका प्राप्त हुई है, बल्कि क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों का आवागमन बढ़ गया है, जोकि क्षेत्रीय पर्यटन के लिये वरदान साबित हो रहा है. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छोटे प्रयासों से आ रहे बड़े बदलावों की एक कहानी....

डायनासोर ‘फ़्रैंकी’ पहुँचा भारत: क़ुतुब मीनार और सफ़दरजंग के मक़बरे से जलवायु कार्रवाई की पुकार

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की ‘Don't Choose Extinction' नामक एक मुहिम के तहत, कम्प्यूटर-जनित डायनासोर फ़्रैंकी ने भारत में सर्वजन से हिन्दी में, विलुप्ति की राह ना चुनने व जलवायु कार्रवाई की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में सर्वजन से पृथ्वी की रक्षा के लिये वैश्विक प्रयासों का हिस्सा बनने का आहवान किया है.

स्टॉकहोम+50: पर्यावरण की रक्षा के लिये रूपान्तरकारी बदलावों की पुकार

स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित पर्यावरण सम्मेलन (Stockholm+50) के समापन पर वैश्विक पर्यावरणीय चिन्ताओं से निपटने और न्यायोचित व टिकाऊ अर्थव्यवस्थाओं की दिशा में आगे बढ़ने के लिये, वास्तविक संकल्प लिये जाने की पुकार लगाई गई है.