जलवायु और पर्यावरण

पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिये प्रकृति में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता और भूमि क्षरण, आपस में जुड़े इन संकटों से सफलतापूर्वक निपटने के लिये, मौजूदा समय से लेकर वर्ष 2050 तक, प्रकृति में कुल आठ ट्रिलियन डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी. 

दुनिया वैश्विक तापमान में 1.5°C बढ़ोत्तरी के नज़दीक - WMO की चेतावनी

वैश्विक औसत तापमान में वार्षिक बढ़ोत्तरी, पूर्व औद्योगिक काल में तापमान के स्तर से, 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा होने की सम्भावना लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट के साथ चेतावनी भी जारी की है कि ऐसा अगले पाँच वर्षों के भीतर ही हो सकता है. रिपोर्ट दर्शाती है कि इस अवधि के दौरान, तापमान में बढ़ोत्तरी के इस स्तर को छूने की सम्भावना 40 फ़ीसदी है, और यह सम्भावना लगातार प्रबल हो रही है.

खनिज संसाधनों से प्राप्त लाभों को सर्वजन तक पहुँचाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि प्रकृति की रक्षा सुनिश्चित करते हुए, खनिज संसाधनों से हासिल होने वाले लाभों को, भावी पीढ़ियों और समाज में हर किसी तक पहुंचाना हमारा साझा दायित्व है. यूएन प्रमुख ने टिकाऊ विकास के लिये निष्कर्षण उद्योगों (Extractive industries) में रूपान्तरकारी बदलाव के मुद्दे पर आयोजित एक गोलमेज़ चर्चा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. 

पाकिस्तान: आर्थिक और पारिस्थितिकीय लाभ के लिये मैन्ग्रोव की बहाली

पाकिस्तान में 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' मनाने की तैयारियों के तहत मैन्ग्रोव वन सहित अन्य महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रों को बहाल किये जाने पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है. जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में मैन्ग्रोव को एक महत्वपूर्ण औज़ार के रूप में देखा जाता है, और ये करोड़ों लोगों के लिये आजीविका का साधन भी है.

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रगति, मगर जैवविविधता की रक्षा ज़रूरी

अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण प्राप्त क्षेत्रों के विषय में तय लक्ष्यों पर व्यापक प्रगति दर्ज की है, मगर इन क्षेत्रों की गुणवत्ता के सम्बन्ध में निर्धारित संकल्पों को साकार नहीं किया जा सका है, और जैवविविधता की रक्षा पर भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और उसके साझीदार संगठनों द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई है.   

भारत में चक्रवाती तूफ़ान 'ताउते' का प्रकोप - यूएन ने जताई एकजुटता

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ से प्रभावित इलाक़ो में राहत एवँ बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मियों की सराहना की है, जिनके प्रयासों के फलस्वरूप अनेक लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना सम्भव हुआ है. ‘ताउते’ से गुज़रात, महाराष्ट्र, गोवा सहित देश के अनेक राज्य प्रभावित हुए हैं.

भारत में कोविड-19 के बीच चक्रवात ‘ताउते’ का संकट

भारत में कोरोनोवायरस की दूसरी लहर के बीच अब चक्रवाती तूफ़ान का भी संकट पैदा हो गया है. चक्रवात ताउते, देश के पश्चिमी घाट के पास स्थित शहरों से टकराया है, जिससे इलाक़ों में भारी बारिश, तेज़ हवाएँ और तूफ़ान से लोग परेशान हैं.

तापमान वृद्धि को रोकने में, मीथेन गैस कटौती की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव गतिविधि द्वारा उत्पन्न मीथेन गैस का उत्सर्जन, इस दशक में 45 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिससे पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुरूप, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने में मदद मिलेगी.

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरूवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने में युवाओं की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि न्यायसंगत खाद्य प्रणाली को आकार देने में युवजन एक अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. मंगलवार को ‘सर्वजन के लिये अच्छा भोजन’ (Good Food for All) नामक विषय पर आयोजित एक वैश्विक युवा सम्वाद के अवसर पर ये बात कही गई है.