जलवायु और पर्यावरण

चीन में साफ़ पानी की ख़ातिर...

चीन में, बीजिंग की एक युवती ने एक ऐसा मोबाइल ऐप बनाया है जिससे ग्रामीणों को यह पता चलता है कि उनके स्थानों पर उपलब्ध पानी पीने के लिये सुरक्षित है या नहीं. इसके लिये उन्हें संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण पुरस्कार - 'यंग चैम्पयिन ऑफ़ द अर्थ' से नवाज़ा गया है... (वीडियो)

शताब्दी के अन्त तक प्रवाल भित्तियों के विलुप्त होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी नहीं होती, तो सदी के अन्त तक दुनिया की सभी प्रवाल भित्तियाँ यानि कोरल रीफ़ ख़त्म हो जाएँगी. 

फल व सब्ज़ियाँ - स्वस्थ जीवन व टिकाऊ दुनिया के लिये हैं बहुत अहम

संयुक्त राष्ट्र ने, मानव स्वास्थ्य में पोषण और खाद्य सुरक्षा में, फल व सब्ज़ियों की बहुत अहम भूमिका के बारे में जानकारी बढ़ाने के इरादे से, वर्ष 2021 को फल व सब्ज़ियों का अन्तरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है. इस अवसर पर टिकाऊ खाद्य उत्पादन बढ़ाने और खाद्य पदार्थों को कूड़े-कचरे में तब्दील होने से रोकने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने का भी आहवान किया गया है.

गन्दे नाले में मगरमच्छों की वापसी का रास्ता कैसे हुआ साफ़!

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने, भारत के गुजरात राज्य में,  ‘प्लास्टिक टाइड टर्नर चैलेंज’ अभियान के तहत एक विश्वविद्यालय की छात्रा ने प्लास्टिक कचरे के बारे में जानकारी हासिल कर, अपने कॉलेज के बीचो-बीच बहती जलधारा से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करने की मुहिम चलाई. नतीजा यह हुआ कि बरसों से गन्दे नाले के रूप में पहचान पाने वाली खुकी जलधारा स्वच्छ तो हुई ही, उसमें मगरमच्छ और कछुए भी वापस लौट आए.

विद्युत मोहन: यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ-2020

भारत के युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ((UNEP) का - यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ 2020 चुना गया है. विद्युत मोहन ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है जिसके ज़रिये, खेतीबाड़ी के कूड़े-करकट को पर्यावरण अनुकूल ईंधन में तब्दील किया जा सकता है, जिससे ना केवल प्रदूषण को रोकने में मदद मिलती है, बल्कि उससे आमदनी भी होती है. देखिये, इस वीडियो में...

मानव और ग्रह, टकराव की राह पर, यूएनडीपी की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक ताज़ा और प्रमुख रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर प्राकृतिक दुनिया और पर्यावरण को नुक़सान में कमी लानी है तो, तमाम देशों को अपने विकास रास्तों पर फिर से ग़ौर करना होगा, नहीं तो पूरी मानवता के लिये प्रगति व्यवधान पैदा हो जाने का जोखिम है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 के अवसर पर विशेष सामग्री

युवा पृथ्वी चैम्पियन: स्वच्छ ऊर्जा की चाह पूर्ति के वाहक, विद्युत मोहन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने, भारत के एक युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को, एक ऐसी अदभुत तकनीक ईजाद करने के लिये पुरस्कृत किया है, जिससे ना केवल ऊर्जा पैदा होती है, बल्कि हवा को भी साफ़-सुथरा रखने में मदद मिलती है और अन्ततः जलवायु परिवर्तन में भी कमी होती है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020

ऐतिहासिक पेरिस समझौता वजूद में आने के पाँच वर्ष बाद, विश्व नेताओं ने जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिये, और अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाने के लिये, जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 में, नए संकल्प व्यक्त किये. कुछ झलकियाँ... (वीडियो)

CAS-20: नए महत्वाकाँक्षी लक्ष्य, जलवायु आपदा घोषित करने की पुकार भी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 में विश्व नेताओं से अपील की है कि वो अपने यहाँ तब तक जलवायु आपदा घोषित कर दें जब तक कि कार्बन निष्पक्षता का लक्ष्य नहीं हासिल कर लिया जाता है. विभिन्न देशों ने कार्बन उत्सर्जन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये नई योजनाओं, नीतियों और समय सीमा के महत्वाकाँक्षी लक्ष्यों की घोषणा की है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 पर विशेष सामग्री

यूएन व्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में सार्थक प्रगति

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था ने वर्ष 2019 में अपने कामकाज से पर्यावरण पर हो रहे असर को कम करने की दिशा में ठोस प्रगति जारी रखी है. मौजूदा प्रयासों के तहत उत्सर्जन में कटौती आँकी गई है और आधुनिक पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली को लागू करने में सफलता मिली है.