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पोप फ्राँसिस की इराक़ यात्रा, ‘शान्ति का प्रतीक’ 

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने कहा है कि पोप फ्राँसिस का इराक़ी शहर मोसुल का दौरा, आशा का प्रतीक होगा और शान्ति व एकता के लिये एक साथ आने का अवसर प्रदान करेगा. पोप फ़्राँसिस, शुक्रवार को इराक़ की राजधानी बग़दाद पहुँचे हैं, और उनका रविवार को मोसुल जाने का कार्यक्रम है.

भोजन की बर्बादी, जलवायु परिवर्तन को न्योता

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के एक नए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 में बेचा गया, 93 करोड़ टन से ज़्यादा भोजन, कूड़ेदान में फेंक दिया गया. यूएन एजेंसी के अनुसार भोजन की बर्बादी केवल धनी देशों की समस्या नहीं है, और इससे जलवायु परिवर्तन के लिये भी खाद मिलती है. वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास एजेण्डा के तहत, वर्ष 2030 तक, भोजन की बर्बादी में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है.

मानव तस्करों ने, अदन की खाड़ी में, प्रवासियों को समुन्दर में फेंका, कम से कम 20 की मौत

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन मामलों सम्बन्धी एजेंसी -IOM ने गुरूवार को कहा है कि जिबूती से यमन को जाने वाले रास्ते में, मानव तस्करों ने, नाव में सवार अनेक प्रवासियों को समुन्दर में फेंक दिया जिसके कारण, कम से कम 20 लोगों की डूबकर मौत हो गई.

कोविड-19: प्रभावित महिलाओं के लिये 'अस्थाई बुनियादी आय' का सुझाव

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने कोविड-19 महामारी के दौरान, उसके सामाजिक-आर्थिक दुष्प्रभावों का सामना कर रही निर्धनतम महिलाओं के लिये, 'अस्थाई बुनियादी आय' प्रदान किये जाने की अहमियत को रेखांकित किया है. यूएन एजेंसी की नई रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सहायता प्रदान करके, कोरोनावायरस संकट के प्रभावों को कम करने, और उन्हें दैनिक जीवन में, सामने आने वाले वित्तीय दबावों से उबारने में मदद मिलेगी. 

'महामारी से जुड़ी पाबन्दियों से करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोखिम'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक स्वास्थ्य आदेशों या अनुशंसाओं के कारण, दुनिया भर में करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिये जोखिम उत्पन्न हो गया है, और इन हालात के कारण, हर सात में से लगभग एक बच्चा अपने घर पर ही रहने को विवश है.

‘महामारी’ के रूप में उभरती मुस्लिम-विरोधी नफ़रत, कार्रवाई का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्लाम के नाम पर किये गए  11 सितम्बर, 2001 के हमलों और अन्य भयावह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिये जाने के बाद से, मुसलमानों को संदिग्ध नज़र से देखे जाने की समस्या महामारी का आकार ले रही है. धर्म या आस्था की आज़ादी पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने, गुरुवार को, मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिये उपाय सुनिश्चित किये जाने होंगे. 

म्याँमार: सेना से प्रदर्शनकारियों की 'हत्याएँ' और 'क्रूर बल प्रयोग' रोकने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने गुरूवार को कड़े शब्दों में कहा है कि म्याँमार में सेना को, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अपना “क्रूर और हिंसक दमन” रोकना होगा. मानवाधिकार उच्चायुक्त का ये सख़्त बयान ऐसी ख़बरों को बीच आया है कि 1 फ़रवरी को सेना द्वारा तख़्तापलट किये जाने के बाद 54 लोग मारे जा चुके हैं, इनमें से 38 लोगों की मौत, बुधवार को केवल एक दिन में हुई है.

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में समानता, टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिये अहम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) व साझीदारों द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा को साकार करने, और किसी को भी पीछे ना छूटने देने के लिये, अभियान्त्रिकी (इंजीनियरिंग) में व्याप्त क्षेत्रीय विसंगतियाँ को दूर किया जाना होगा.  

म्याँमार: विरोध प्रदर्शनों के दौरान, एक दिन में, 38 लोगों की मौत ‘स्तब्धकारी’ 

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश में हालात से क्षेत्रीय स्थिरता के लिये चुनौती पैदा हो रही है, और मौजूदा संकट वास्तव में एक युद्ध में तब्दील हो सकता है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों में, बुधवार को 38 लोगों की मौत हुई है. 

2050 तक, उपचार के अभाव में, ढाई अरब लोगों की श्रवण क्षमता खोने का ख़तरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में, हर चार में से एक व्यक्ति, यानि लगभग 25 प्रतिशत आबादी, किसी ना किसी हद तक, श्रवण क्षमता में कमी की अवस्था के साथ जी रही होगी. यूएन एजेंसी ने, बुधवार, 3 मार्च, को ‘विश्व श्रवण दिवस’ के अवसर पर पहली बार, इस विषय में एक रिपोर्ट जारी की है.