नवीनतम समाचार

कोरोनावायरस वैक्सीन, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19, दुनिया के लिये असाधारण पीड़ा की वजह बनी है, और इस पर क़ाबू पाने के लिये, जीवनरक्षक कोविड-19 वैक्सीनों को वैश्विक सार्वजनिक भलाई के रूप में देखा जाना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अनेक देशों में, जंगल में आग की तरह फैल रहे वायरस को रोकने का कोई अन्य रास्ता नहीं है.

बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को गहरा झटका

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, दो दशकों में पहली बार, दुनिया भर में बाल मज़दूरी के शिकार बच्चों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुँच गई है. पिछले चार वर्षों में इस आँकड़े में 84 लाख की वृद्धि हुई है., अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष द्वारा जारी इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप, वर्ष 2022 के अन्त तक, वैश्विक स्तर पर, 90 लाख अतिरिक्त बच्चों को बाल श्रम में धकेल दिये जाने का ख़तरा है...

सुरक्षा परिषद: यूएन महासभा ने पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों को चुना

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान, शुक्रवार को अल्बानिया, ब्राज़ील, गेबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों के रूप में चुना गया है. नवनिर्वाचित सदस्य देश अपना कार्यकाल 1 जनवरी 2022 को शुरू करेंगे और उनके पास 31 दिसम्बर 2023 तक सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता रहेगी.

म्याँमार में 'तबाहीपूर्ण हालात', सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की प्रमुख  मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा रोकने और मानवीय संकट को गहराने से बचाने के लिये, वहाँ तेज़ होती हिंसा को रोका जाना होगा. उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि महज़ चार महीनों में, म्याँमार एक नाज़ुक लोकतंत्र से मानवाधिकारों के लिये त्रासदी बन गया है, और मौजूदा संकट के लिये सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय की जानी होगी.

बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये समन्वित प्रयास

जैसलमेर, भारत के राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा ज़िला है, मगर यहाँ स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने, विशेषकर मातृत्व व प्रसव सम्बन्धी सेवाओं के लिये विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने वर्ष 2013 में महिला स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये ज़िला प्रशासन व राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रयास किये, जिसके सकारात्मक नतीजे दिखाई दिये हैं. इस क्षेत्र में हुई प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों से एक मुलाक़ात....

इथियोपिया: टीगरे में भुखमरी से गम्भीर हालात, यूएन एजेंसियों ने तेज़ किये राहत प्रयास

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के प्रमुख डेविड बीज़ली ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में तत्काल जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये रास्तों को खोले जाने का आग्रह किया है. सरकारी सुरक्षा बलों और हथियारबन्द गुटों के बीच लड़ाई जारी रहने से, हिंसा प्रभावित इलाक़े में साढ़े तीन लाख लोगों पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है.

 

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में मानवाधिकार हनन पर विराम के लिये नए दिशानिर्देश

विश्व भर में, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल मुख्यत: मनोविकार केन्द्रों व अस्पतालों में प्रदान की जाती है और मानवाधिकार हनन के मामले व जबरन इस्तेमाल में लाये जाने वाले तौर-तरीक़े अब भी आम हैं. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नए दिशानिर्देश जारी किये हैं जिनमें मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, किफ़ायती रूप से समुदाय-आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की कारगरता को रेखांकित किया गया है.  

बाल श्रमिकों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ हुई, अन्य लाखों बच्चों पर भी जोखिम

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि दो दशकों में पहली बार, बाल श्रमिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. दुनिया भर में काम पर लगाए जाने वाले बच्चों का आँकड़ा अब 16 करोड़ पहुँच गया है. पिछले चार वर्षों में इस संख्या में 84 लाख की वृद्धि हुई है. गुरुवार को जारी साझा रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी के कारण लाखों अन्य बच्चों पर जोखिम मंडरा रहा है.  

भारत के 'अदृश्य पर्यावरण कार्यकर्ता' - सफ़ाई साथी

भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान, प्लास्टिक कचरे में इस्तेमाल किये गए दस्तानों, मास्क व अन्य सामग्री की मात्रा बढ़ी है जिससे सफ़ाईकर्मियों के संक्रमण का शिकार होने का भी जोखिम बढ़ा है. उनके पास अक्सर ज़रूरी बचाव उपकरणों का अभाव होता है और सामाजिक संरक्षा योजनाओं तक पहुँच नहीं होती. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने ‘उत्थान’ नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है जिसके तहत, सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने के लिये, नौ हज़ार सफ़ाई साथियों को राष्ट्रीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद मिली है और उनके टीकाकरण के भी प्रयास किये जा रहे हैं.

 

सुरक्षा परिषद में आईसीसी मुख्य अभियोजक – दार्फ़ूर में न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह

अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की मुख्य अभियोजक फ़तू बेन्सूडा ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि दार्फ़ूर की जनता के लिये न्याय और शान्ति को सुनिश्चित किया जाना होगा. उन्होंने बुधवार को अपने नौ-वर्षीय कार्यकाल के दौरान अन्तिम बार सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि आईसीसी, एकमात्र संस्था है जिसने सूडान के दार्फ़ूर प्रान्त में हिंसक संघर्ष के पीड़ितों को उम्मीद बंधाई है.