मध्य पूर्व

सीरिया में स्थिति विकट, दो दिन में 11 शिशुओं की मौत

हिंसा, विस्थापन और बेहद कठिन परिस्थितियों के चलते उत्तरी और पूर्वी सीरिया में दिसंबर से अब तक 32 बच्चों की जान जा चुकी है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष  (UNICEF) के अनुसार विस्थापित परिवारों को मुश्किल हालात से जूझना पड़ रहा है और 11 नवजात शिशुओं की मौत पिछले दो दिनों में ही हुई है.

ग़ाज़ा में गहराते ईंधन संकट से मरीज़ों की मुश्किलें बढ़ीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ग़ाज़ा में ईंधन संकट के चलते अस्पताओं में आपात सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं जिससे मरीज़ों की जान को ख़तरा पैदा हो गया है.  संगठन ने स्थानीय प्रशासन और सभी पक्षों से अपनी ज़िम्मेदारी समझने और ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने की अपील की है. 

छह महीने में पहली बार पश्चिमी यमन में मदद पहुंची

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को यमन में हिंसक संघर्ष से प्रभावित हज़ारों परिवारों तक राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाने में सफलता मिल गई है. पिछले साल जुलाई के बाद यह पहली बार है जब लोगों को सहायता दी जा रही है जो शांति के लिए हो रहे प्रयासों का नतीजा है. 

सीरिया: इस्लामिक स्टेट के आख़िरी गढ़ में लड़ाई तेज़, हज़ारों का पलायन

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) का कहना है कि सीरिया के दाएर-एज़-ज़ोर गवर्नरेट में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के ख़िलाफ़ तेज़ होते अभियान का शिकार बड़ी संख्या में आम लोग हो रहे हैं. मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है और बड़े पैमाने पर लोग विस्थापन को मजबूर हैं. 

'यमन शांति प्रक्रिया में ढिलाई नहीं बरत सकते'

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सुरक्षा परिषद को यमन में हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शांति स्थापना के प्रयासों के तहत स्थायी राजनीतिक सहमति बनाने  का मुश्किल काम अभी अधूरा है. उन्होंने सुरक्षा परिषद से मुख्य बंदरगाह शहर हुदायदाह में  संघर्षविराम को बनाए रखने के लिए पूरा समर्थन देने का आग्रह किया. 

‘शांति बहाली की उम्मीद क़ायम रखना साझा ज़िम्मेदारी’

इसराइल द्वारा क़ब्ज़ा किए हुए फ़लस्तीनी इलाक़ों पूर्वी येरुशलम और पश्चिमी तट में हिंसा बढ़ रही है और इसराइली अधिकारी अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करते हुए लगातार फ़लस्तीनी घरों और संपत्ति को ध्वस्त करने के साथ-साथ ज़ब्त भी कर रहे हैं, और ऐसा इसराइली अधिकारी अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए कर रहे हैं. मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लादेनॉफ़ ने बृहस्पतिवार को सुरक्षा परिषद को ये जानकारी दी.

‘येरूशलम नहीं है बिकाऊ…’

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि एक स्वतंत्र और सम्प्रभु फ़लस्तीनी राष्ट्र के बिना मध्य पूर्व क्षेत्र में शान्ति स्थापित नहीं हो सकती.