मध्य पूर्व

सीरिया में 'टाइम बम' जैसे हालात, 'और उपेक्षा ना करे दुनिया'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने शुक्रवार को चिंता जताई है इस्लामिक स्टेट (दाएश) सहित हिंसा में शामिल कुछ पक्ष कोविड-19 महामारी का इस्तेमाल फिर से संगठित होने और आम आबादी को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं. सीरिया में हिंसा में हताहत होने वाले आम लोगों की बढ़ती संख्या और मानवाधिकार हनन के मामल निर्बाध गति से जारी रहने के बीच उन्होंने यह बात कही है.    

कोविड-19: 'साझा दुश्मन' से लड़ाई में सहयोग से खुल सकता है शांति का रास्ता

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से निपटने के प्रयासों में आपसी सहयोग से इसराइल और फ़लस्तीन के लिए ऐसे अवसरों का सृजन संभव है जिन्हें अपनाकर दोनों पक्ष मध्यपूर्व में शांति स्थापित करने और दशकों से चले आ रहे विवाद पर विराम लगाने में कर सकते हैं. मध्यपूर्व शांति वार्ता के लिए यूएन के विशेष समन्वयक निकोलय म्लादेनॉफ़ ने गुरुवार को वीडियो कान्फ़्रेंसिंग ज़रिए सुरक्षा परिषद को क्षेत्र में हालात से अवगत कराते हुए यह बात कही है. 

'यमन दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ सकता'

यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 के और ज़्यादा गंभीर होते जाने के कारण अब बिल्कुल सही वक़्त है कि युद्धरत पक्ष अपनी अदावत ख़त्म करके लड़ाई बन्द कर दें. यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कही.  

यूनिफ़िल में भारतीय दल की पहल

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र का अंतरिम बल - यूनिफ़िल दुनियाभर के उन सभी डॉक्टरों और नर्सों का सम्मान करता है, जो कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहे हैं. यूनिफ़िल ने भी स्थानीय समुदाय की मदद करने के सटीक उपाय किए हैं. देखिए इस वीडियो में...

यमन में एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा का स्वागत 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युद्ध से त्रस्त यमन में सऊदी अरब की ओर से संघर्षविराम की घोषणा का स्वागत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस एकतरफ़ा घोषणा से यमन में शांति स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने के साथ-साथ कोविड-19 महामारी का फैलाव भी रोका जा सकेगा.  

सीरिया: अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का पालन करने में विफल रहे युद्धरत पक्ष

सीरिया में दसवें साल में प्रवेश कर चुके बर्बर गृहयुद्ध में शामिल पक्ष अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत तय दायित्वों को पूरा कर पाने में विफल रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को सीरिया में बोर्ड ऑफ़ इन्क्वायरी की रिपोर्ट के सारांश की जानकारी देते हुए बताया कि लड़ाई के दौरान अस्पतालों और नागरिक प्रतिष्ठानों को नहीं बख़्शा गया है. महासचिव ने बोर्ड ऑफ़ इन्क्वायरी द्वारा तैयार 185 पन्नों की एक रिपोर्ट का सारांश सुरक्षा परिषद को भेजा है.

कोविड-19: इसराइल द्वारा फ़लस्तीनियों के साथ सहयोग की सराहना

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र  विशेष समन्वयक निकोलय म्लादेनॉफ़ ने कोविड-19 महामारी मुक़ाबला करने के लिए इसराइली और फ़लस्तीनी सरकारों के बीच हो रहे सहयोग  सराहना की है.

कोविड-19 से निपटने में फ़लस्तीनियों के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और हमास से आग्रह किया है कि उन्हें ग़ाज़ा, पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशेलम में सभी फ़लस्तीनी लोगों को भी कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए उनके स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी ज़िम्मेदारियाँ भली-भाँति तरीक़े से निभाएँ.

सीरिया: मानवीय त्रासदी व बेइंतेहा तकलीफ़ों को रोकने की पुकार

सीरिया में मौजूदा गृहयुद्ध व ख़ून-ख़राबा दसवें वर्ष में दाख़िल हो चुका है और इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने इंसानों की भीषण तकलीफ़ों की तरफ़ ध्यान खींचते हुए कहा है कि इदलिब में हाल ही में दस लाख से भी ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं और मानवीय त्रासदी और ज़्यादा गहराती जा रही है.

सीरिया में ‘मार-काट और मानवाधिकारों का हनन’ रोकने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने सीरिया में हिंसा से प्रभावित आम लोगों को मदद जारी रखने के अपने संकल्प को फिर दोहराया है. मार्च महीने में सीरिया में हिंसक संघर्ष दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने बयान में कहा है कि दसवें साल में पहले जैसी हिंसा व मार-काट और अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार व मानवीय राहत क़ानूनों का मख़ौल उड़ाए जाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.