मध्य पूर्व

शेख़ा लतीफ़ा के सम्बन्ध में ठोस जानकारी दिये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से शेख़ा लतीफ़ा मोहम्मद अल मख़तूम के बारे में अर्थपूर्ण जानकारी मुहैया कराए जाने की माँग की है. साथ ही ये भी माँग की गई है कि शेख़ा लतीफ़ा की सुरक्षा व कल्याण के बारे में, बिना देरी के आश्वासन दिये जाएँ. 

यमन: कूटनैतिक एकता है युद्ध का अन्त करने की कुंजी

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने गुरूवार को एक अपील जारी करके, युद्धरत पक्षों से राष्ट्रव्यापी युद्धविराम लागू करने और शान्ति वार्ता के लिये किसी निश्चित तारीख़ पर सहमति बनाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि ये क़दम देश में हिंसक संघर्ष पर विराम लगाने की योजना के अनुरूप हैं.

फ़लस्तीनी इलाक़ों में, इसराइली बाशिन्दों की हिंसा बढ़ी, मानवाधिकार विशेषज्ञों की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि इसराइल द्वारा क़ब्ज़ा किये हुए फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में बसाए गए इसराइली बाशिन्दों द्वारा फ़लस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा में, हाल के महीनों में तेज़ी आई है, और इस हिंसा के ज़िम्मेदार लोगों में क़ानून या दण्ड के लिये निडरता का माहौल भी देखा गया है.

सीरिया: सैन्य हैलीकॉप्टर द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के 'पर्याप्त आधार'

विश्व को रासायनिक हथियारों से मुक्त कराने के लिये समर्पित संस्था (OPCW) की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके पास ऐसा विश्वास करने के पर्याप्त आधार हैं कि सीरियाई सेना के एक हैलीकॉप्टर ने, 2018 में सराक़िब क़स्बे पर रासायनिक हमला किया था.

सीरिया: 'युद्ध को रोकना, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक ज़िम्मेदारी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संकटग्रस्त देश सीरिया में लोगों की मदद जारी रखने के लिये, धन एकत्र करने के वास्ते हुए संकल्प सम्मेलन में कहा है कि देश में, 10 वर्षों से जारी संघर्ष को समाप्त करना, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक ज़िम्मेदारी है. इस ब्रसेल्स सम्मेलन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र और योरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से किया.

लीबिया में हथियार प्रतिबन्ध बिल्कुल बेअसर - यूएन विशेषज्ञ पैनल

संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ पैनल ने कहा है कि वर्ष 2011 में, लीबिया पर, सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए हथियार प्रतिबन्ध पूर्ण रूप से बेअसर साबित हुए हैं. विशेषज्ञ समूह के अनुसार प्रवासियों व शरणार्थियों सहित आम लोगों को व्यापक स्तर पर मानवाधिकार हनन व दुर्व्यवहारों का सामना करना पड़ रहा है. 

यमन में हालात ‘नाटकीय ढंग से बिगड़ने’ की चेतावनी

यमन में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि हिंसक संघर्ष से पीड़ित देश में हाल के दिनों में परिस्थितियाँ नाटकीय ढंग से ख़राब हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत, मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को, मौजूदा घटनाक्रम से अवगत कराते हुए बताया कि दुनिया के सबसे बदतर मानवीय संकट से जूझते देश यमन में, हिंसा ने अनेक नए मोर्चों को अपनी चपेट में ले लिया है.  

सीरिया: अकल्पनीय हिंसा, पीड़ा और सहनक्षमता के 10 साल 

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पैडरसन ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में हालात को, हालिया इतिहास के बेहद स्याह अध्यायों में शामिल किया जाएगा. उन्होंने दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि गृहयुद्ध का एक दशक पूरा होना, सीरिया के लिये एक गम्भीर पड़ाव है और वहाँ के लोग इस सदी के सबसे ज़्यादा पीड़ितों में हैं. 

सीरिया: 10 साल के दौरान, औसतन हर आठ घण्टे में एक बच्चा हताहत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि सीरिया में, 10 वर्ष से चल रहे गृहयुद्ध के कारण, देश के लगभग 90 प्रतिशत बच्चों को मदद की ज़रूरत है, क्योंकि हिंसा, आर्थिक मुसीबतों और कोविड-19 महामारी ने, परिवारों को गहरी मायूसी के कगार पर धकेल दिया है. एजेंसी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के दौरान, गृहयुद्ध में, औसतन हर आठ घण्टे में, एक बच्चा हताहत हुआ है.

सीरिया: हिंसक संघर्ष, दस वर्ष बाद भी एक भयावह सपना

 संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गेटरेश ने सीरिया में गृहयुद्ध के राजनैतिक हल की तलाश के लिये, यूएन के दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया है. उन्होंने, बुधवार को, यूएन के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से जारी हिंसक संघर्ष, स्थानीय आबादी के लिये एक “जीवित दुस्वप्न” बनकर रह गया है.