मध्य पूर्व

बेरूत: विस्फोट से शरणार्थियों पर भी असर, राहत कार्य में तेज़ी

लेबनान की राजधानी बेरूत के बन्दरगाह पर एक सप्ताह पहले हुए भीषण विस्फोट में अनेक शरणार्थी भी हताहत हुए हैं. शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने मंगलवार को बताया कि अब तक कम से कम 34 शरणार्थियों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या और बढ़ने की आशंका है. 124 शरणार्थी घायल हुए हैं जिनमें 20 की हालत गम्भीर बताई गई है जबकि सात अन्य लापता हैं.

लेबनान विस्फोट: 'त्वरित कार्रवाई से ही तकलीफ़ें कम की जा सकेंगी'

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि लेबनान को विस्फोक से उत्पन्न हुए संकट उबरने और बेहतर तरीक़े से पुनर्निर्माण करने के लिये “हम सभी को एकजुट होने की ज़रूरत होगी”. रविवार को दानदाताओं के एक वर्चुअल सम्मेलन में आमिना जे मोहम्मद ने ये पुकार लगाई.

लेबनान को तत्काल सहायता मुहैया कराने में लगीं यूएन एजेंसियाँ

लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए घातक बम विस्फोट हज़ारों लोग घायल हुए और लाखों लोगों को बेघर भी होना पड़ा, तबाही के स्तर को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावितों के लिये राहत कार्य तत्काल और बहुत तेज़ी से शुरू किये. संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसियों का व्यापक नैटवर्क एक जुट होकर राजधानी बेरूत में प्रभावित लोगों की मदद करने में लग गया है ताकि लोगों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा किया जा सके. अगर आप भी बेरूत के लोगों की मदद करने के बारे में सोच रहे हैं तो हमने यहाँ यूएन एजेंसियों द्वारा किये जा रहे सहायता व राहत कार्यों के बारे में कुछ विवरण प्रस्तुत किया है और आप चाहें तो किस तरह योगदान कर सकते हैं.

लेबनान: जीवितों की तलाश के बीच विशाल ज़रूरतों की चेतावनी 

लेबनान के बेरूत शहर में भारी तबाही का सबब बनने वाले भीषण विस्फोट के बाद यूएन एजेंसियों ने शुक्रवार को कहा है कि मौजूदा हालात में ज़रूरतों का दायरा और स्तर बहुत व्यापक हैं और तत्काल व्यापक सहायता उपलब्ध करानी होगी. इस विस्फोट में अब तक 150 से ज़्यादा लोगों के मौत हो चुकी है और हज़ारों लोग घायल व बेघर हुए हैं. राहत और बचाव अभियान के बीच हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. 

लेबनान: भीषण विस्फोट के पीड़ितों के लिये मानवीय सहायता के संगठित प्रयास

लेबनान की राजधानी बेरूत के बन्दरगाह में भीषण विस्फोट से हुई तबाही की व्यापकता जैसे-जैसे स्पष्ट हो रही है, प्रभावितों तक मदद पहुँचाने के प्रयास भी तेज़ हो रहे हैं. संकट की इस घड़ी में लेबनान में स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमता मज़बूत करने के उद्देश्य से 20 टन मेडिकल सामग्री व आपूर्ति से भरा विमान बेरूत पहुँचा है. लेबनान में मानवीय राहत समन्वयक व यूएन प्रतिनिधि ने कहा है कि इस तबाही से उबरने के लिये लेबनान को वैश्विक समर्थन की ज़रूरत है. 

लेबनान: भीषण विस्फोट के बाद अस्पतालों की मदद करना यूएन की शीर्ष प्राथमिकता

संयुक्त राष्ट्र  लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद स्थानीय प्रशासन को राहत अभियान में नज़दीकी सहयोग प्रदान कर रहा है. बेरूत के बन्दरगाह पर हुए इस धमाके से पूरा शहर थरथरा उठा और अनेक इलाकों में व्यापक नुक़सान हुआ है. अब तक इस घटना में 130 लोगों की मौत हुई है, हज़ारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं.     

जनसंहार के छह वर्ष - यज़ीदी समुदाय के लिये न्याय सुनिश्चित करने की पुकार

आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (दाएश) ने छह वर्ष पहले इराक़ में धार्मिक अल्पसंख्यक यज़ीदी समुदाय के ख़िलाफ़ जनसंहारी कृत्य शुरू किये थे. इस दुखद अध्याय के पीड़ितों की स्मृति और उनके समर्थन में सोमवार को एक वर्चुअल समारोह का आयोजन हुआ जिसमें नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता नादिया मुराद ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अत्याचारों का शिकार और यज़ीदी समुदाय के जीवित बच गए लोगों के लिये न्याय सुनिश्चित करने की पुकार लगाई है.  

सीरिया में ग़रीबी और ज़रूरतों का बढ़ता दायरा

हिंसा प्रभावित सीरिया में मानवीय सहायता अभियान के ज़रिये एक महीने में 68 लाख लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है लेकिन बदहाल आर्थिक हालात से ग़रीबी गहरी हो रही है जिससे देश में ज़रूरतमन्दों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रमुख मार्क लोकॉक ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को देश में हालात से अवगत कराते हुए यह जानकारी दी है.

अरब क्षेत्र की पुनर्बहाली

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अरब क्षेत्र संसाधनों व सम्भावनाओं से भरपूर है लेकिन उनका सदुपयोग करने के लिये एक नई दृष्टि की ज़रूरत है. उन्होंने कहा है कि अरब क्षेत्र के देशों को कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों में जीवाष्म ईंधन से हटकर हरित अर्थव्यवस्था की तरफ़ रुख़ करना होगा. साथ ही हर क्षेत्र में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी. देखिये ये वीडियो सन्देश...

कोविड-19: अरब क्षेत्र में 'व्यवस्थागत ख़ामियों व हिंसक संघर्षों से निपटने का अवसर'

अरब देशों को वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने की कार्रवाई में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन यह महामारी लम्बे समय से चले आ रहे हिंसक संघर्षों और पूरे क्षेत्र में ढाँचागत ख़ामियों को दूर करने का भी एक अवसर प्रदान करती है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने महामारी से अरब क्षेत्र की बेहतर पुनर्बहाली के लिये गुरुवार को अपना नीतिपत्र (Policy brief) जारी करते हुए यह बात कही है.