मध्य पूर्व

कोविड-19: यूएन फ़लस्तीनी सहायता एजेंसी के समक्ष वित्तीय संकट

फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवँ कार्य एजेंसी (UNRWA) के पास कोविड-19 महामारी के दौरान आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिये ज़रूरी धनराशि ख़त्म हो गई है. यूएन एजेंसी की प्रवक्ता तमारा अलफ़िराई ने मंगलवार को जिनीवा में एक प्रैस वार्ता के दौरान मौजूदा चुनौतियों से अवगत कराते हुए बताया कि 28 हज़ार कर्मचारियों के वेतन के लिये संकट उत्पन्न हो गया है. 
 

ज़ैतून के ‘फ़लस्तीनी किसानों की हिंसा से रक्षा करने की ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों व अन्य अन्तरराष्ट्रीय ग़ैर-सरकारी संगठनों ने इसराइल से ज़ैतून की पारम्परिक खेती में लगे फ़लस्तीनी किसानों की हिंसा से हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. पश्चिमी तट में फ़लस्तीनी किसानों का अपने ज़ैतून बाग़ों तक पहुँच होना उनकी आजीविका के लिये अहम है लेकिन सख़्त पाबन्दियों और इसराइली बस्तियों में रह रहे बाशिन्दों द्वारा फ़लस्तीनी किसानों पर कथित हमलों के कारण हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं. 

इसराइल द्वारा पश्चिमी तट में घर ढहाने से, बच्चों सहित अनेक फ़लस्तीनी बेघर

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता संयोजन कार्यालय (OCHA) ने ख़बर दी है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में इसराइली अधिकारियों द्वारा फ़लस्तीनी लोगों के अनेक घर और अन्य ढाँचे ढहा दिये हैं जिसके कारण 73 फ़लस्तीनी बेघर हो गए हैं जिनमें 41 बच्चे हैं. हमसा अल बक़ाई इलाक़े में हुई इसराइली कार्रवाई में फ़लस्तीनियों का सामान भी नष्ट किया गया है.

इसराइल द्वारा 'ग़ैरक़ानूनी बस्तियाँ' बसाने का मुद्दा - जवाबदेही तय किये जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने शुक्रवार को कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून की अवहेलना के गम्भीर मामले की महज़ आलोचना करने के बजाय अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को आगे बढ़कर जवाब देना होगा. यूएन विशेषज्ञ का यह बयान इसराइल सरकार की उस घोषणा के बाद आया है जिसमें क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़ों में लगभग पाँच हज़ार नए घर बसाने की योजना को मंज़ूरी दी गई है. 

यमन में बाल कुपोषण का गम्भीर संकट, पूरी पीढ़ी पर मँडराता जोखिम

यमन में भुखमरी के कारण हाल के दिनों में कुपोषण से पीड़ित बच्चो की संख्या अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है. यमन को दुनिया में सबसे ख़राब मानवीय संकट के रूप में देखा जाता है और देश में हिंसक संघर्ष और आर्थिक बदहाली को दुष्प्रभावों को दूर करने के लिये पर्याप्त धनराशि का अभाव हालात को और जटिल बना रहा है.   

कोविड-19: महामारी पर क़ाबू पाने के लिये इसराइल व फ़लस्तीन के बीच सहयोग की दरकार

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादैनॉफ़ ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए बताया कि महामारी ने इसराइल और फ़लस्तीन, दोनों के लिये गम्भीर हालात पैदा किये हैं. उन्होंने शान्ति स्थापना के लिये हर विकल्प पर विचार किये जाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए आगाह किया कि अस्थिरता भरे माहौल में कोरोनावायरस के फलने-फूलने का ख़तरा है.

सूडान और इसराइल में सम्बन्ध सामान्य होने से 'नए अवसरों' के सृजन की आशा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान द्वारा इसराइल के साथ सम्बन्ध सामान्य करने की घोषणा को अपने संज्ञान में लेते हुए उम्मीद जताई है कि पारस्परिक सहयोग से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. शनिवार को यूएन प्रमुख की ओर से यह बयान अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों में हुई सहमति की घोषणा के बाद जारी किया गया है.

फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में शान्ति व स्थिरता की ख़ातिर एक सुर में काम करना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में जटिल व बहुआयामी चुनौतियों को देखते हुए ये ग़ौर करना बहुत ज़रूरी है कि हर कोई, ख़ासतौर से सुरक्षा परिषद शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये किस तरह सर्वसम्मत रूप में काम कर सकती है.

यमन: युद्धरत पक्षों को शान्ति वार्ता के लिये साहस दिखाना होगा

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि यमन में सभी युद्धरत पक्षों को आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. कई वर्ष से युद्धरत यमन में हाल के सप्ताहों के दौरान युद्धक गतिविधियों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है.

यमन में क़ैदियों की रिहाई से शान्ति स्थापना की उम्मीदों को मिली मज़बूती

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने युद्धरत पक्षों के बीच एक हज़ार से ज़्यादा बन्दियों को रिहा किये जाने पर हुई सहमति का स्वागत किया है. उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शान्ति निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये अन्य क़दम भी उठाने होंगे.