मध्य पूर्व

सीरिया में ग़रीबी और ज़रूरतों का बढ़ता दायरा

हिंसा प्रभावित सीरिया में मानवीय सहायता अभियान के ज़रिये एक महीने में 68 लाख लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है लेकिन बदहाल आर्थिक हालात से ग़रीबी गहरी हो रही है जिससे देश में ज़रूरतमन्दों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रमुख मार्क लोकॉक ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को देश में हालात से अवगत कराते हुए यह जानकारी दी है.

अरब क्षेत्र की पुनर्बहाली

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अरब क्षेत्र संसाधनों व सम्भावनाओं से भरपूर है लेकिन उनका सदुपयोग करने के लिये एक नई दृष्टि की ज़रूरत है. उन्होंने कहा है कि अरब क्षेत्र के देशों को कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों में जीवाष्म ईंधन से हटकर हरित अर्थव्यवस्था की तरफ़ रुख़ करना होगा. साथ ही हर क्षेत्र में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी. देखिये ये वीडियो सन्देश...

कोविड-19: अरब क्षेत्र में 'व्यवस्थागत ख़ामियों व हिंसक संघर्षों से निपटने का अवसर'

अरब देशों को वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने की कार्रवाई में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन यह महामारी लम्बे समय से चले आ रहे हिंसक संघर्षों और पूरे क्षेत्र में ढाँचागत ख़ामियों को दूर करने का भी एक अवसर प्रदान करती है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने महामारी से अरब क्षेत्र की बेहतर पुनर्बहाली के लिये गुरुवार को अपना नीतिपत्र (Policy brief) जारी करते हुए यह बात कही है.  

मध्य पूर्व में अदावत फिर बढ़ी, कोविड -19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में मुश्किलें

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदमॉफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में इसराइली और फ़लस्तीनियों के बीच नज़र आई एकजुटता अब बिखरने लगी है जिससे लोगों की ज़िन्दगी के लिए जोखिम पैदा होने के साथ-साथ अर्थव्यस्था में मन्दी आने लगी है. साथ ही इसराइल द्वारा पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों को छीनने का ख़तरा भी बरक़रार है.

इसराइल द्वारा फ़लस्तीनियों को सामूहिक दण्ड - ‘ग़ैरक़ानूनी और न्याय का तिरस्कार’ 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल से उन सभी कार्रवाइयों को तत्काल रोकने का आग्रह किया है जो फ़लस्तीनियों के लिये सामूहिक दण्ड के समान हैं. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर माइकल लिन्क ने कहा कि लाखों निर्दोष  फ़लस्तीनियों को रोज़ाना कष्ट पहुँच रहा है जिससे तनाव के और भी ज़्यादा गहरा होने और हिंसा के लिये अनुकूल माहौल बनने के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता. 

अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय का वायुक्षेत्र विवाद मामले में फ़ैसला क़तर के पक्ष में

अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) ने मध्य पूर्व के देशों में वायुक्षेत्र सम्बन्धी विवाद पर अपना फ़ैसला क़तर के पक्ष में सुनाया है. कोर्ट ने बहरीन, सऊदी अरब, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा दाख़िल की गई उस अपील को ख़ारिज कर दिया है जिसमें अन्तरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अधिकारों पर सवाल उठाए गए थे. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यूएन एजेंसी इस विवाद पर सुनवाई करने में सक्षम है.

सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित – सीरिया को मदद की अवधि बढ़ी

तुर्की से सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े में मानवीय राहत पहुँचाने की व्यवस्था जारी रखने के लिए एक अहम प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में शनिवार को पारित किया गया है. प्रस्ताव 2533 के ज़रिये बाब अल-हावा सीमा चौकी से होकर अगले एक वर्ष तक भोजन, दवाएँ और अन्य जीवनरक्षक सामग्री  ज़रूरतमन्दों तक भेजी जानी सम्भव हो सकेगी. मानवीय राहत पहुँचाने के लिए बाब अल-हावा एक अहम पड़ाव है जहाँ से इदलिब तक सहायता सामग्री पहुँचाई जा सकती है. 

सीरिया: जीवनरक्षक मानवीय राहत जारी रखने के लिए अनुमति अधर में

तुर्की से पश्चिमोत्तर सीरिया में भोजन और जीवनदायी मानवीय राहत पहुँचाने के लिए समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है लेकिन सुरक्षा परिषद में इस अवधि को बढ़ाने के लिए इस सप्ताह तीसरा प्रयास भी विफल हो गया. 

 

सीरिया में हिंसा के दौरान अन्तरराष्ट्रीय क़ानून की अवहेलना के नए सबूत

 अनेक वर्षों से सीरिया को अपनी गिरफ़्त में लेने वाले क्रूर हिंसक संघर्ष की आँच में आम लोगों का झुलसना अब भी जारी है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त जाँचकर्ताओं की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि इदलिब गवर्नरेट में लड़ाई के दौरान अस्पतालों, स्कूलों, घरों और आम लोगों को निशाना बनाया गया. जाँचकर्ताओं के मुताबिक इन हमलों को युद्धापराध की श्रेणी में रखा जा सकता है. यह रिपोर्ट जिनीवा में मानवाधिकार परिषद के मौजूदा सत्र में 14 जुलाई को पेश की जानी है.

कुवैत में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा: रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर का ब्लॉग

कुवैत में, संयुक्त राष्ट्र ने उस ज़ैनोफ़ोबिक बयानबाज़ी का मुक़ाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें प्रवासी श्रमिकों पर कोविड-19 फैलाने का झूठा आरोप लगा था. कुवैत में संयुक्त राष्ट्र के रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर  तारेक अलशेख ने इस ब्लॉग में विदेशी निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किये जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला है.