वैश्विक

ब्रेल दिवस पर नेत्रहीनों के मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता पर ज़ोर

दृष्टिबाधिता से पीड़ित लोगो के मानवाधिकारों और ब्रेल लिपि के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक रूप से पहली बार विश्व ब्रेल दिवस मना रहा है. दुनिया भर में एक अरब से ज़्यादा लोग नेत्रहीनता या मंददृष्टि से पीड़ित हैं. अब से हर बार यह दिवस 4 जनवरी को मनाया जाएगा.

साल के पहले दिन पैदा होंगे तीन लाख से ज़्यादा बच्चे: यूनिसेफ़

​संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) के एक अनुमान के अनुसार साल 2019 के पहले दिन दुनिया में 395,072 बच्चों को जन्म होगा. इनमें से एक करीब एक-चौथाई बच्चे दक्षिण एशिया में पैदा होंगे. पैदा होने के तुरंत बाद  होने वाली मौतें चिंता का कारण बनी हुई हैं जिसके प्रति यूनिसेफ़ ने आगाह किया है. 

मुश्किल समय में आशा की उजली किरण:यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा है कि दुनिया कई खतरों से जूझते हुए एक मुश्किल दौर से गुजर रही है .  पिछले साल 2018 के आगमन पर दिए अपने संदेश में जारी एक रेड अलर्ट की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की कई चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं लेकिन आशा का दामन थामे रखने के भी कई कारण हैं. 

मानवाधिकारों के सार्वभौमिक चिरंतन मूल्‍यों की वर्षगांठ

संयुक्‍त राष्‍ट्र परिवार दुनिया भर में यह सुनिश्चित करने की भरसक कोशिश करता रहा कि इस वर्ष मानवाधिकार दिवस, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में निहित सिद्धांतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल हो सके. वर्ष 2018 में ये दिन सोमवार को था और इस वर्ष मानवाधिकार दिवस की 70वीं वर्षगाँठ है. ये सिद्धांत आज भी उतने ही महत्‍वपूर्ण और प्रासंगिक हैं जितने 1948 में थे. 

प्रवासियों की बेहतरी के वैश्विक प्रवासन संधि का अनुमोदन

164 देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को ग्‍लोबल कम्‍पैक्‍ट फॉर माइग्रेशन नामक संधि का अनुमोदन कर दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने इस ऐतिहासिक क़दम को पीड़ा और उथल-पुथल से बचने की राह का निर्माण क़रार दिया. इस सम्मेलन में मुख्य रूप से सरकारों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की. 

ग्रीनहाउस गैसों का स्तर रिकॉर्ड ऊँचाई पर

वातावरण में तापमान बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है. संयुक्त राष्ट्र के मौसम विज्ञान संस्थान ने गुरूवार को एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस चलन में कमी आने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं. इसी कारण से जलवायु परिवर्तन हो रहा है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, महासागरों का अम्लीकरण हो रहा है और मौसम का मिज़ाज प्रतिकूल हो रहा है.

'महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा समाज के लिए ‘शर्म की बात’ है'

महिलाओं और बच्चियों के ख़िलाफ़ हिंसा न सिर्फ मानवाधिकार का मुद्दा है, बल्कि यह ‘नैतिक रूप से उनका तिरस्कार’ भी है और सभी समाजों के लिए ‘शर्म की बात’. महिलाओं विरुद्ध हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने यह बात कही. उन्होंने इस उत्पीड़न को समाप्त करने के लिए दुनिया भर के देशों का आह्वान किया.  

ओज़ोन परत में बेहतरी से उम्मीद मज़बूत हुई

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में दिखाया गया है कि ओज़ोन परत में लगातार सुधार हो रहा है. इन ताज़ा परिणामों की ये कहते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है कि विश्व स्तर पर एकजुट प्रयासों के ज़रिए कितनी बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है. साथ ही इन आँकड़ों को जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप विश्व तापमान में बढ़ोत्तरी को रोकने के प्रयासों में एक प्रेरणा के रूप में भी पेश किया जा रहा है. 

2050 तक दो अरब आबादी और जुड़ जाएगी

विश्व की जनसंख्या में वर्ष 2050 तक 2 अरब 20 करोड़ आबादी और जुड़ जाएगी. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि इसमें से आधी से अधिक जनसंख्या यानी क़रीब 1अरब 30 करोड़ सब सहारा अफ्रीका में बढ़ने की उम्मीद है जहां स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच बहुत सीमित है, साथ ही उन्हें ‘बड़े पैमाने पर लैंगिक भेदभाव’ का भी सामना करना पड़ता है.

मानसिक स्वास्थ्य क्यों बन रहा है चुनौती

दुनिया भर में किशोर उम्र के लड़के-लड़कियों में हर पाँच में से एक को मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन फिक्र की बात ये है कि ज़्यादातर मामलों का चिकित्सा के दायरे में पता ही नहीं चलता और बहुत से मामलों का कोई इलाज नहीं हो पाता है.