वैश्विक

विश्व खाद्य कार्यक्रम: एक तीन-वर्षीय प्रयोग जो अनिवार्य बन गया

वर्ष 2020 के लिये नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की आवश्यकता आज दुनिया में पहले से कहीं अधिक है. एक ऐसे दौर में जब काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य में हिंसक संघर्षों से लेकर दक्षिण सूडान में बाढ़ तक, और यमन में गृहयुद्ध से मानवजनित व प्राकृतिक आपदाओं में फँसे करोड़ों पीड़ितों के पास जीवन-यापन के लिये पर्याप्त भोजन का अभाव है और उनके जीवन में अनिश्चितता और ज़्यादा गहरी हो रही है. 

यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को वर्ष 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता घोषित किया गया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है अब

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड -19 महामारी ने दिखा दिया है कि स्वास्थ्य प्रणालियाँ काफ़ी नहीं हैं और कमज़ोर बुनियादी ढाँचे और स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिये समान रूप से उपलब्ध नहीं होना कुछ ऐसे मुख्य कारण हैं कि कोरोनावायरस दस लाख से ज़्यादा लोगों की मौत और उसकी लगभग 30 गुना ज़्यादा संख्या को संक्रमित करने का कारक बना है.

शान्ति की ख़ातिर ख़ास करने की चाह: हुमा ख़ान

दक्षिण सूडान में तैनात, UNMISS की वरिष्ठ महिला सुरक्षा सलाहकार, हुमा ख़ान ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहितत उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू किया गया. शान्तिरक्षक की भूमिका में हुमा ख़ान ने क्या-कुछ सीखा, क्या योगदान किया – देखिये उनकी ज़ुबानी...

महिलाएँ, शान्ति व सुरक्षा एजेण्डा को आगे बढ़ाने के लिये यूएन के अथक प्रयास

सशस्त्र हिंसक संघर्ष का महिलाओं व लड़कियों पर अनुपात से ज़्यादा असर होता है और इसके मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की पूर्ण, समान व अर्थपूर्ण भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है. यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाएँ, शान्ति व सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित एक गोलमेज़ चर्चा में यह बात कही है. 

लोगों में सफल संसाधन निवेश के पाँच महत्वपूर्ण सबक़ - विश्व बैंक ब्लॉग

सिंगापुर ने अपने यहाँ विश्वस्तरीय शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित की है, घाना के लिये स्कूलों में छात्र पंजीकरण के मामलों में सुधार लाना सम्भव हुआ है, और मोरक्को में स्वास्थ्य बीमा कवरेज से स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभता का दायरा बढ़ा है. विश्व बैंक विशेषज्ञों ने अपने नए लेख में उदाहरणों के ज़रिये यह दर्शाने का प्रयास किया है कि देश अपने नागरिकों में संसाधन निवेश के ज़रिये मानव विकास पथ पर प्रगति की रफ़्तार किस तरह बढ़ा सकते हैं.

कोविड-19 ने बदली ऑनलाइन शॉपिंग की तस्वीर, नया सर्वेक्षण

उभरती हुई और विकसित अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में हुआ एक नया सर्वेक्षण दर्शाता है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 ने ऑनलाइन ख़रीदारी के रूप को हमेशा के लिये बदल दिया है और यह रुझान बरक़रार रहने की सम्भावना है. व्यापार एवँ विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) और साझीदार संगठनों द्वारा नौ देशों में साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा उपभोक्ताओं पर आधारित इस सर्वेक्षण में यह तस्वीर उभरी है.

मृत जन्म: ग़ैर-ज़रूरी, अत्यन्त गहरे व ख़ामोश दर्द भरी मुसीबत

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में हर 16 सेकण्ड में एक मृत बच्चे का जन्म (Stillbirth) होता है जिसका मतलब है कि साल भर में लगभग 20 लाख बच्चे ऐसे पैदा होते हैं जो इस दुनिया में आने के बाद अपनी ज़िन्दगी की पहली साँस शुरू ही नहीं कर पाते हैं. 

मानव तस्करी और जबरन विवाह के बीच सम्बन्ध दर्शाती एक रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में 12 वर्ष तक की लड़कियों का जबरन या धोखे से विवाह ऐसे लोगों के साथ कराया जा रहा है जो यौन सम्बन्धों और घरेलू कार्य के लिये उनका शोषण करते हैं. मादक पदार्थों एवँ अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC) की एक नई रिपोर्ट में जबरन विवाह और मानव तस्करी के बीच सम्बन्ध की पड़ताल की गई है, जिसके मामलों की वास्तविक संख्या पूरी तरह सामने नहीं आ पाती.

अन्तरिक्ष सैक्टर कोविड-19 के दौरान समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मददगार

संयुक्त राष्ट्र की वृहद अन्तरिक्ष मामलों के लिये एजेंसी (UNOOSA) की अध्यक्ष सिमोनेट्टा डी पिप्पो ने कहा है कि अन्तरिक्ष सैक्टर में दशकों के दौरान हुए विकास का सदुपयोग कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में किया जा रहा है, जिससे देशों को उनके नागरिकों को सुरक्षित रखने और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मदद मिल रही है.