वैश्विक

एलजीबीटीआई: भेदभाव व नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुटता का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी के दौरान एलजीबीटीआई लोगों के साथ भेदभाव और नफ़रत की घटनाओं पर क्षोभ ज़ाहिर करते हुए उनके आज़ाद व समान अधिकारों के साथ जीवन के अधिकार के प्रति समर्थन जताया है. यूएन प्रमुख ने 'होमोफ़ोबिया, बाइफ़ोबिया और ट्राँसफ़ोबिया के ख़िलाफ़ अन्तरराष्ट्रीय दिवस' पर एलजीबीटीआई समुदाय के लिए गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने और हिंसा व यातना से संरक्षण की पुकार लगाई है. 

रवाण्डा जनसंहार के मुख्य सन्दिग्ध की गिरफ़्तारी का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया के सबसे वान्छित भगोड़ों की सूची में शामिल फ़ेलिसियाँ काबुगा की गिरफ़्तारी का स्वागत किया है. फ़ेलिसियाँ काबुगा पर वर्ष 1994 में रवाण्डा जनसंहार में शामिल होने का आरोप है जिसमें  केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज़्यादा अल्पसंख्यक तुत्सियों और उदारवादी हुतु लोगों की हत्या कर दी गई थी. 

कोविड-19 संकट ने दर्शाई 'संयुक्त राष्ट्र की अहम भूमिका'

तुर्की के वरिष्ठ राजदूत और सांसद वोल्कान बोज़किर ने वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला करने में संयुक्त राष्ट्र और यूएन एजेंसियों की अहम भूमिका की सराहना की है. यूएन महासभा के अध्यक्ष पद के लिए वह एकमात्र आवेदक हैं और यह तय है कि सितम्बर 2020 में आरम्भ होने वाला संयुक्त राष्ट्र का ऐतिहासिक 75वाँ सत्र उनके नेतृत्व में होगा.

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा व्यापक व मज़बूत करनी होगी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि विकासशील देशों में कोविड-19 ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज में ख़ामियों को उजागर कर दिया है जिसके कारण महामारी से उबरने के प्रयासों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और करोड़ों लोग ग़रीबी के गर्त में धकेले जा सकते हैं. ऐसा हुआ तो इसी तरह के संकटों का सामना करने की वैश्विक तैयारी भी प्रभावित होगी. 

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविर में कोरोनावायरस की दस्तक

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों वाले इलाक़ों में वैश्विक महामारी कोविड-19 के मामले की पुष्टि होने के बाद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसियों ने राहत और ऐहतियात के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है. साथ ही बीमारी के व्यापक फैलाव को रोकने के लिए 32 करोड़ डॉलर की धनराशि की अपील की है. 

कोविड-19: 'जनता वैक्सीन' के लिए विश्व नेताओं ने दिखाई एकजुटता

एचआईवी/एड्स मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNAIDS) विश्व नेताओं की ओर से एक पहल आगे बढ़ाई गई है जिसमें वैश्विक महामारी कोविड-19 को दुनिया में सभी लोगों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाने की पुकार लगाई गई है. गुरूवार को 140 से ज़्यादा विश्व नेताओं और अन्य हस्तियों ने एक ‘खुले ख़त’ पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें कोविड-19 के ख़िलाफ़ 'जनता वैक्सीन' के लिए एकजुटता ज़ाहिर करने का अनुरोध किया गया है. 

युद्धग्रस्त यमन में जल्द 'शान्ति हासिल करना सम्भव'

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सुरक्षा परिषद को वहाँ के हालात से अवगत कराते हुए भरोसा जताया है कि देश हिंसा पर जल्द विराम लगने के नज़दीक पहुँच गया है लेकिन आशावान होने के साथ-साथ सतर्कता बरतते रहना ज़रूरी है. उनके मुताबिक शान्ति क़ायम करने के लिए हुई बातचीत में ठोस प्रगति हुई है, विशेषकर युद्धविराम के मुद्दे पर.

पाबन्दियाँ हटाने में सावधानी, नहीं तो बढ़ सकता है विनाश

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कोविड-19 वायरस के फैलाव को नियन्त्रित करने के लिए लागू की गई पाबन्दियाँ और तालाबन्दी को हटाने के सम्भावित ख़तरों के प्रति आगाह किया है. ध्यान रहे कि कुछ देश ये पाबन्दियाँ और तालाबन्दी हटाने पर विचार कर रहे हैं.

भोपाल जैसी त्रासदियों की रोकथाम के लिए 'मानवाधिकारों पर काम करे' रसायन उद्योग जगत

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवाधिकार विशेषज्ञ बास्कुट तुनचक ने कहा है कि भारत में पिछले सप्ताह एक रासायनिक संयन्त्र (कैमिकल प्लान्ट) में घातक गैस का रिसाव होना रसायन उद्योग जगत को नीन्द से जगा देने वाली घण्टी है. उन्होंने आगाह किया है कि मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए व्यवसायों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी. 7 मई को आन्ध्र प्रदेश राज्य के विशाखापट्टनम शहर के पास स्थित एक रसायन फ़ैक्ट्री से स्टायरीन गैस रिस जाने से 12 लोगों की मौत हो गई थी और एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी. 

मानसिक स्वास्थ्य का बहुत ध्यान ज़रूरी

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में इंसानों के ना केवल शारीरिक वजूद पर चोट की है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरी तरह हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि दुनिया भर में हर जगह, हर इंसान के मानसिक स्वास्थ्य का ख़याल रखा जाना बहुत ज़रूरी है और ये अभी के लिए नहीं, बल्कि महामारी पर क़ाबू पाए जाने के बाद के समय के लिए भी सुनिश्चित करना है. वीडियो सन्देश...