वैश्विक

महासागर से मिलने वाले लाभों पर मानवीय गतिविधियों का नकारात्मक असर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से बेहतर ढंग से उबरने और टिकाऊ विकास व जलवायु कार्रवाई पर सहमत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, महासागरों के प्रति समझ का दायरा बढ़ाना बेहद अहम है. यूएन प्रमुख ने महासागरों को पृथ्वी की जीवनरक्षक प्रणाली क़रार देते हुए बुधवार को इस विषय में एक नई रिपोर्ट जारी की है, जो दर्शाती है कि मानवीय गतिविधियों के कारण महासागर को नुक़सान पहुँच रहा है.

पेरिस जलवायु समझौते पर एक वीडियो नज़र...

पेरिस जलवायु समझौता, देशों को नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये अपने स्वयं के रास्ते बनाने देता है. यह राष्ट्रों, व्यवसायों और लोगों के ऊपर है कि वे यह करने के नए तरीक़े खोजें. ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन, विनिर्माण और खेती तक. एक वीडियो परिचय...

कोविड-19: वैक्सीन समता पहल, ग्रेटा थनबर्ग ने दान किये एक लाख यूरो

स्वीडन की किशोरी जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने कोविड-19 वैक्सीन को हर स्थान पर, हर ज़रूरतमन्द के लिये वितरित करने के वैश्विक प्रयासों को स्फूर्ति देने के उद्देश्य से, एक लाख यूरो की रक़म दान की है. इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 25 से 59 आयु वर्ग के लोगों में, कोरोनावायरस संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के बढ़ते मामलों पर चिन्ता जताई है.  

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के बीच दुनिया जलवायु ‘रसातल’ के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) द्वारा सोमवार को जारी नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पृथ्वी के तापमान में बढ़ोत्तरी बेरोकटोक जारी है, और साल 2020, अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में दर्ज किया गया है. "State of the Global Climate" रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में वैश्विक औसत तापमान, औद्योगिक काल से पूर्व के स्तर की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जोकि चिन्ताजनक है.

वैक्सीन समता समय की चुनौती, एकजुटता व साझेदारी की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मामले, पिछले दो महीनों के दौरान लगभग दो गुना बढ़ गए हैं, और दुनिया भर में महामारी का संक्रमण अभी तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है, ऐसे में वैक्सीन का विषम वितरण, ना केवल नैतिक भयावहता है, बल्कि आर्थिक व महामारी विज्ञान के नज़रिये से भी आत्म-पराजयी है.  

नगरों से जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास के तरीक़े अपनाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नगरीय नियोजन व नगरीय परिवहन में क्रान्तिकारी बदलाव लाए जाने का आहवान किया ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करके, सर्वजन के लिये हरित व टिकाऊ भविष्य बनाया जा सके.

कोविड-19: अनेक देशों में कोरोनावायरस संक्रमण में चिन्ताजनक बढ़ोत्तरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया भर के अनेक देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेज़ उभार पर चिन्ता जताते हुए कहा है कि नए मामले उन देशों में भी दर्ज किये जा रहे हैं, जहाँ पहले व्यापक पैमाने पर वायरस नहीं फैला था. विश्व भर में, कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 13 करोड़ 84 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 29 लाख 74 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

'शरीर मेरा है, मगर फ़ैसला मेरा नहीं' महिला सशक्तिकरण पर यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 57 विकासशील देशों की लगभग आधी महिलाओं को गर्भनिरोधक का उपयोग करने, स्वास्थ्य देखभाल की मांग करने या फिर अपनी कामुकता सहित अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है.

'मेरा शरीर, मेरा फ़ैसला’

संयुक्त राष्ट्र की एक नई प्रमुख रिपोर्ट में, व्यक्तियों की शारीरिक स्वायत्तता की पुकार लगाई गई है. इस मुद्दे पर पहली बार ध्यान केन्द्रित करते हुए, यूएन जनसंख्या कोष (UNFPA) की प्रमुख रिपोर्ट, ख़ुद के शरीर के बारे में, ख़ुद के निर्णय लेने की शक्ति और पसन्द की पुकार लगाती है. और ये शक्ति, हिंसा के डर के बिना, व किसी अन्य को ये फ़ैसला करने का अधिकार दिये बिना मिले.

हिंसक संघर्ष के दौरान यौन हिंसा – रोकथाम ही ‘एकमात्र उपाय’

संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि हिंसक संघर्ष के दौरान यौन हिंसा में जीवित बचे पीड़ित, लम्बे समय तक जिन विनाशकारी दुष्परिणामों को भुगतने के लिये मजबूर हैं, उनसे निपटने का सर्वोत्तम और एकमात्र इलाज, ऐसे मामलों की पूर्ण रोकथाम है. हिंसक संघर्ष में यौन हिंसा के मुद्दे पर यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए बताया कि यौन हिंसा को एक क्रूर युद्ध-नीति के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है.