वैश्विक

बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर ही आधारित है यूएन का काम

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डो एस्पिनोसा ने कहा है कि दुनिया में बहुपक्षीय और क़ानून आधारित व्यवस्था तभी मज़बूत बन सकती है जब यूएन में नई ऊर्जा का संचार किया जाए. सदस्य देशों को अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कि यही उनकी पहली प्राथमिकता है.

जी-77 की अध्यक्षता फ़लस्तीन को मिलना 'ऐतिहासिक क्षण'

संयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों के समूह जी-77 और चीन की बागडोर अब फ़लस्तीन के हाथों में आ गई है. इस अवसर पर आयोजित समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने जी-77 की अध्यक्षता फ़लस्तीन को मिलना एक ऐतिहासिक पल करार दिया है. 

बच्चों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने से 'दूर है' दुनिया

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने कहा है कि कुछ सदस्य देश बच्चों को बेहतर भविष्य देने में अब भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं. ऐसे देशों में बच्चों की समय से पहले मौतें हो रही हैं या फिर वे ग़रीबी का शिकार हो रहे हैं. 

बढ़ती असमानता पर केंद्रित है श्रम संगठन का मिशन

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर (ILO) महानिदेशक गाए रायडर ने कहा है कि असमानता से निपटने के लिए सदस्य देशों की ओर से हो रहे प्रयासों में संगठन अपना योगदान देता रहेगा. संगठन के कामकाज के प्रचार-प्रसार के लिए एक मुहिम भी शुरू की गई है. 

लंबी दूरियां तय करते शरणार्थियों के समर्थन में नई मुहिम

नए साल के पहले कुछ हफ़्ते आम तौर पर लोगों के लिए अपनी सेहत सुधारने का संकल्प लेने का अवसर होता है. ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने  एक नई मुहिम शुरू की है जिसका उद्देश्य ये बताना है कि बेहतर जीवन की तलाश और अत्याचार से बचने के लिए शरणार्थी कितने लंबे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं.

मानव तस्करी के पीड़ितों में एक तिहाई बच्चे

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया में मानव तस्करी के मामले भयावह रूप से बढ़ते जा रहे हैं जिसके पीछे पीड़ितों का शारीरिक शोषण होना एक बड़ा कारण है. तस्करी का शिकार होने वालों में एक तिहाई से ज़्यादा बच्चे हैं और लड़कों की तुलना में लड़कियां ज़्यादा पीड़ित हैं. 

ब्रेल दिवस पर नेत्रहीनों के मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता पर ज़ोर

दृष्टिबाधिता से पीड़ित लोगो के मानवाधिकारों और ब्रेल लिपि के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक रूप से पहली बार विश्व ब्रेल दिवस मना रहा है. दुनिया भर में एक अरब से ज़्यादा लोग नेत्रहीनता या मंददृष्टि से पीड़ित हैं. अब से हर बार यह दिवस 4 जनवरी को मनाया जाएगा.

साल के पहले दिन पैदा होंगे तीन लाख से ज़्यादा बच्चे: यूनिसेफ़

​संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) के एक अनुमान के अनुसार साल 2019 के पहले दिन दुनिया में 395,072 बच्चों को जन्म होगा. इनमें से एक करीब एक-चौथाई बच्चे दक्षिण एशिया में पैदा होंगे. पैदा होने के तुरंत बाद  होने वाली मौतें चिंता का कारण बनी हुई हैं जिसके प्रति यूनिसेफ़ ने आगाह किया है. 

मुश्किल समय में आशा की उजली किरण:यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा है कि दुनिया कई खतरों से जूझते हुए एक मुश्किल दौर से गुजर रही है .  पिछले साल 2018 के आगमन पर दिए अपने संदेश में जारी एक रेड अलर्ट की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की कई चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं लेकिन आशा का दामन थामे रखने के भी कई कारण हैं. 

मानवाधिकारों के सार्वभौमिक चिरंतन मूल्‍यों की वर्षगांठ

संयुक्‍त राष्‍ट्र परिवार दुनिया भर में यह सुनिश्चित करने की भरसक कोशिश करता रहा कि इस वर्ष मानवाधिकार दिवस, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में निहित सिद्धांतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल हो सके. वर्ष 2018 में ये दिन सोमवार को था और इस वर्ष मानवाधिकार दिवस की 70वीं वर्षगाँठ है. ये सिद्धांत आज भी उतने ही महत्‍वपूर्ण और प्रासंगिक हैं जितने 1948 में थे.