वैश्विक

बीते दशक पर एक नज़र - दूसरा भाग

अब जब वर्ष 2019 विदा होने के कगार पर है, आइए यूएन न्यूज़ के साथ एक नज़र डालते हैं साल 2010 और 2019 के बीच घटी विश्व की कुछ बड़ी घटनाओं पर. सदी के दूसरे दशक पर केंद्रित तीन हिस्सों वाली इस समीक्षा की दूसरी कड़ी में हम 2014 और 2016 के बीच हुई घटनाओं पर नज़र डालेंगे जिनमें शामिल हैं: ईबोला का भयावह प्रकोप; ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते के माध्यम से विश्व नेताओं द्वारा जलवायु संकट से निपटने का प्रयास; और टिकाऊ विकास पर संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा का शुभारंभ.

क्रिसमस पर शांति और सद्भावना का संदेश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को वेटिकन में रोमन कैथोलिक चर्च के मुखिया पोप फ़्रांसिस के साथ मुलाक़ात करने के बाद क्रिसमस पर शांति का सद्भावना का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में सभी को शांति व सामंजस्य की ख़ातिर एकजुट होना चाहिए.

महिलाओं की ख़ातिर यूएन वीमेन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल की अनीता भाटिया को मई 2019 में सहायक महासचिव नियुक्त किया था. अनीता भाटिया को विश्व भर में लैंगिक समानता, लड़कियों और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने वाली यूएन संस्था यूएन वीमेन की डिपुटी कार्यकारी निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी है. ये पद उन्होंने अगस्त में संभाला और तभी से उन्होंने अनेक देशों का दौरा करके महिलाओं की भलाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायज़ा लिया है. यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत...

सीरिया में ताज़ा हिंसा और विस्थापन के बीच लड़ाई रोकने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े में सैन्य कार्रवाई तेज़ होने के बाद उपजे हालात पर चिंता जताते हुए लड़ाई तत्काल रोके जाने की अपील की है. हिंसा प्रभावित इलाक़ों में लोग नए सिरे से विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में भीड़ बढ़ने और तापमान गिरने से चुनौतियां बढ़ गई हैं.

बीते दशक पर एक नज़र - पहला भाग

21वीं सदी अपनी किशोरावस्था से गुज़र कर उम्र के अगले पड़ाव में प्रवेश करने की तैयारी में है और वर्ष 2020 दस्तक दे रहा है. ऐसे में आइए यूएन न्यूज़ के साथ एक नज़र डालते हैं साल 2010 और 2019 के बीच घटी विश्व की कुछ बड़ी घटनाओं पर. सदी के दूसरे दशक की तीन हिस्सों वाली इस समीक्षा की पहली कड़ी में हम 2010 और 2013 के बीच हुई घटनाओं पर नज़र डालेंगे जिनमें शामिल हैं: हेती में आया विनाशकारी भूकंप, सीरिया में हिंसक संघर्ष की शुरुआत, लड़कियों की शिक्षा के पक्ष में मलाला यूसुफज़ई का प्रेरणादायी कार्य और माली में "दुनिया का सबसे ख़तरनाक संयुक्त राष्ट्र मिशन".

ख़ुराकों ने दिखाया असर, हैज़ा के मामलों में 60 फ़ीसदी कमी

दुनिया भर में हैज़ा को ख़त्म करने के उपायों में अच्छी कामयाबी मिलती नज़रआ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरूवार को ख़बर दी है कि हैज़ा के ख़िलाफ़ चलाई गई अंतरराष्ट्रीय मुहिम की बदौलत इस बीमारी के मामलों में 2018 के मुक़ाबले वर्ष 2019 में 60 फ़ीसदी की कमी दर्ज की गई है.

धूम्रपान: पुरुष और लड़के छोड़ रहे हैं तंबाकू सेवन

विश्व भर में पिछले दो दशकों के दौरान तंबाकू सेवन के बढ़ते चलन के बाद अब हालात अच्छी तरफ़ मुड़ते नज़र आ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ताज़ा और चौंकाने वाले आँकड़ों का आकलन करने के बाद कहा है कि अब पहले की तुलना में कम पुरुष और लड़के धूम्रपान कर रहे हैं.

स्तन कैंसर के लिए किफ़ायती और असरदार दवाई

स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के उपचार के लिए ट्रैस्टुज़ुमाब एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन महंगी दवाई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को बताया कि इस दवाई के एक किफ़ायती संस्करण को शुरुआती मंज़ूरी मिल गई है यानी अब कम आय वाले देशों के लिए भी उन्हें ख़रीद पाना और मरीज़ों तक पहुंचाना आसान हो सकेगा.

'समाजों का अटूट हिस्सा हैं प्रवासी'

प्रवासी समाजों का अटूट हिस्सा हैं, वो आपसी समझ बढ़ाने और अपने रहने के स्थान व मूल स्थानों - दोनों ही जगह के टिकाऊ विकास में योगदान करते हैं.

सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सभी के हित में है. प्रवासन मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए सर्वश्रेष्ठ तरीक़े से हासिल होती हैं.

सभी प्रवासियों को अपने सभी मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करने का बराबर अधिकार है.

ये सिद्धांत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट में वर्णित हैं.

फिर भी, हमें प्रवासियों के बारे में ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो हानिकारक व झूठी होती हैं.

और हम अक्सर देखते हैं कि तथ्यों पर आधारित होने के बजाय डर के प्रभाव में बनाई गई नीतियों की वजह से प्रवासियों को असीम मुश्किलें उठानी पड़ती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, मैं दुनिया भर में सभी नेताओं और आमजनों से आग्रह करता हूँ कि प्रवासियों के बारे में तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करें ताकि प्रवासन हम सभी के लिए कारगर साबित हो सके.

सुव्यवस्थित व सुरक्षित प्रवासन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ के अवसर पर कहा है कि तथ्यों के बजाय भय से प्रेरित नीतियों के कारण प्रवासियों ने ऐसी पीड़ाएँ सहन की हैं जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने संदेश अपील की है कि प्रवासन के मुद्दे पर वैश्विक समझौते के लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए.