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कोविड-19: सांस्कृतिक दुनिया भी प्रभावित, अनेक संग्रहालयों के दरवाज़े बन्द

दुनिया भर में कोविड-19 की तबाही के माहौल में संग्रहालय भी अछूते नहीं बचे हैं. संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था – यूनेस्को ने सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौक़े पर बताया कि 90 प्रतिशत सांस्कृतिक धरोहर संस्थानों को अपने दरवाज़े बन्द करने पड़े हैं, जबकि लगभग 13 फ़ीसदी तो अपने दरवाज़े फिर कभी नहीं खोल पाने के जोखिम का सामना कर रहे हैं. 

कोविड-19: स्वास्थ्य मुश्किलों से परे भी जाती है आदिवासी समुदायों की पीड़ा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दन्श से दुनिया के आदिवासी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और इस बीमारी के नकारात्मक प्रभाव महज़ उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले तात्कालिक असर तक ही सीमित नहीं है. आदिवासी व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के नए स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ खोसे फ़्रांसिस्को काली ज़ाई ने सोमवार को उनकी मुश्किलों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि उनके जीवन-यापन के लिए ज़रूरी संसाधनों के लिए भी संकट खड़ा हो रहा है.

कोविड-19: रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में घनी आबादी है चिन्ता का सबब

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में घनी आबादी वाले रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में कोरोवनावायरस संक्रमण के फैलाव के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है जिससे चिन्ताएँ बढ़ गई हैं. यूएन एजेंसियों ने आठ लाख 60 हज़ार से ज़्यादा रोहिंज्या शरणार्थियों को पनाह देने वाले इन शिविरों में कोविड-19 से बचाव के लिए स्वास्थ्य तैयारियाँ और बचाव उपाय तेज़ कर दिए हैं. 

कोविड-19: 'वैश्विक एकजुटता' से तय होगा साझा सफलता और विफलता का फ़ासला

वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए सभी देशों द्वारा एक व्यापक और समन्वित प्रयास की आवश्यकता है अन्यथा विफलता हाथ लगने का ख़तरा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जिनीवा में विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिन्ग के ज़रिये सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने भी आगाह किया है कि विश्व आबादी का अधिकांश हिस्सा अब भी इस वायरस से संक्रमित होने के जोखिम का सामना कर रहा है. 

कोविड-19: कार्यस्थलों पर वापसी के लिए सुरक्षा व ऐहतियाती उपाय ज़रूरी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि निकट भविष्य में कोविड-19 से निपटने की ही स्थिति में बहुत से लोग कामकाज पर वापिस लौटेंगे, इसके लिए कार्यस्थलों पर ठोस सुरक्षा उपाय करना बहुत ज़रूरी है. साथ ही ऐहतियाती उपायों के बारे में समुचित जानकारी मुहैया कराना भी बहुत अहम बताया गया है. देखिए वीडियो फ़ीचर...

एलजीबीटीआई: भेदभाव व नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुटता का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी के दौरान एलजीबीटीआई लोगों के साथ भेदभाव और नफ़रत की घटनाओं पर क्षोभ ज़ाहिर करते हुए उनके आज़ाद व समान अधिकारों के साथ जीवन के अधिकार के प्रति समर्थन जताया है. यूएन प्रमुख ने 'होमोफ़ोबिया, बाइफ़ोबिया और ट्राँसफ़ोबिया के ख़िलाफ़ अन्तरराष्ट्रीय दिवस' पर एलजीबीटीआई समुदाय के लिए गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने और हिंसा व यातना से संरक्षण की पुकार लगाई है. 

रवाण्डा जनसंहार के मुख्य सन्दिग्ध की गिरफ़्तारी का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया के सबसे वान्छित भगोड़ों की सूची में शामिल फ़ेलिसियाँ काबुगा की गिरफ़्तारी का स्वागत किया है. फ़ेलिसियाँ काबुगा पर वर्ष 1994 में रवाण्डा जनसंहार में शामिल होने का आरोप है जिसमें  केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज़्यादा अल्पसंख्यक तुत्सियों और उदारवादी हुतु लोगों की हत्या कर दी गई थी. 

कोविड-19 संकट ने दर्शाई 'संयुक्त राष्ट्र की अहम भूमिका'

तुर्की के वरिष्ठ राजदूत और सांसद वोल्कान बोज़किर ने वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला करने में संयुक्त राष्ट्र और यूएन एजेंसियों की अहम भूमिका की सराहना की है. यूएन महासभा के अध्यक्ष पद के लिए वह एकमात्र आवेदक हैं और यह तय है कि सितम्बर 2020 में आरम्भ होने वाला संयुक्त राष्ट्र का ऐतिहासिक 75वाँ सत्र उनके नेतृत्व में होगा.

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा व्यापक व मज़बूत करनी होगी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि विकासशील देशों में कोविड-19 ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज में ख़ामियों को उजागर कर दिया है जिसके कारण महामारी से उबरने के प्रयासों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और करोड़ों लोग ग़रीबी के गर्त में धकेले जा सकते हैं. ऐसा हुआ तो इसी तरह के संकटों का सामना करने की वैश्विक तैयारी भी प्रभावित होगी. 

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविर में कोरोनावायरस की दस्तक

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों वाले इलाक़ों में वैश्विक महामारी कोविड-19 के मामले की पुष्टि होने के बाद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसियों ने राहत और ऐहतियात के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है. साथ ही बीमारी के व्यापक फैलाव को रोकने के लिए 32 करोड़ डॉलर की धनराशि की अपील की है.