वैश्विक

जलवायु परिवर्तन के समाधान में योग से मिल सकती है मदद

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से उपजते ख़तरों से निपटने में योग और उससे प्रेरित टिकाऊ जीवनशैली की अहम भूमिका है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरुवार को न्यूयॉर्क में यूएन महासभा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि योग के ज़रिए जीवन, समाज और प्रकृति के साथ समरसता स्थापित करने में मदद मिलती है. 

ग़रीब देशों में मिर्गी पीड़ितों के लिए समुचित इलाज का अभाव

विकासशील देशों में एपिलेप्सी यानी मिर्गी से पीड़ित हर 10 में से सात व्यक्तियों को ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं और देखरेख उपलब्ध नहीं हो पा रही है जबकि इसका इलाज महंगा नहीं है. इस वजह से ऐसे देशों में पीड़ितों की मौत होने की आशंका विकसित देशों की तुलना में बढ़ जाती है. मिर्गी की समस्या पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी की गई यह पहली वैश्विक रिपोर्ट है.

शरणार्थियों को सहारा देने वाले देशों की सराहना

गुरुवार को विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उन देशों की सराहना की है जो आर्थिक चुनौतियों और सुरक्षा चिंताओं से जूझने के बावजूद अपने यहां शरणार्थियों को शरण देते हैं. युद्ध, संघर्ष और उत्पीड़न से बचने के लिए घर छोड़कर अन्य देशों में शरण लेने वाले लोगों की संख्या पिछले 20 साल में दोगुनी हो गई है.

'सामूहिक सुरक्षा को ख़तरा' है हिंसा और संघर्ष के दौरान यौन हिंसा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अशांत इलाक़ों में यौन हिंसा हमारी सामूहिक सुरक्षा के लिए एक ख़तरा और साझा मानवीयता पर एक कलंक है. हिंसा और संघर्ष में यौन हिंसा के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर उन्होंने पीड़ितों की आवाज़ों को सुनने और उनकी ज़रूरतों को पहचाने जाने पर ज़ोर दिया है.

विस्थापितों की रिकॉर्ड संख्या चिंता का सबब

युद्ध, यातना और संघर्ष से जान बचाने के लिए साल 2018 में सात करोड़ से ज़्यादा लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने अपनी रिपोर्ट में नए आंकड़े जारी करते हुए अपील की है कि विश्व में शांति स्थापना को संभव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की ज़रूरत है.

'नफ़रत को नोटिस मिल चुका है' - निपटने के लिए नई रणनीति

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नफ़रत फैलाने वाले संदेशों और भाषणों यानी हेट स्पीच पर धावा बोलते हुए सदस्य देशों का आहवान किया है कि सभी को बहुत ज़्यादा मुस्तैदी से काम लेना होगा. मंगलवार को हेट स्पीच पर संयुक्त राष्ट्र की रणनीति और कार्य योजना शुरू करते हुए उन्होंने कहा, “हेट स्पीच को अपने पैर जमाने के लिए कुछ ज़मीन मिल गई है मगर इसे अब नोटिस भी मिल चुका है.”

30 वर्षों में विश्व आबादी हो जाएगी नौ अरब 70 करोड़

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की जनसंख्या बढ़कर नौ अरब 70 करोड़ हो जाएगी.  भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों में सबसे ज़्यादा बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है. सोमवार को जारी हुई नई रिपोर्ट दर्शाती है कि बच्चे पैदा होने की दर में कमी आ रही है और कई देशों को बूढ़ी होती जनसंख्या से उपजने वाली चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा.

प्रवासियों द्वारा भेजी रक़म से ग़रीबों को बड़ा सहारा

अपने घर, गाँव, शहर और देश छोड़कर रोज़ी रोटी कमाने के लिए निकलने वाले लोग दुनिया में जहाँ भी रहते हैं वहाँ से अपने मूल स्थानों में रहने वाले परिवारों व समुदायों को हर साल भारी रक़म भेजते हैं. प्रवासियों के इस योगदान को महत्व देने के लिये हर वर्ष 16 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस (International Day of Family Remittances) मनाया जाता है. 

वृद्धों पर यौन हमले सभ्य समाजों के माथे पर कलंक

वृद्धावस्था में अक्सर लोगों के साथ ख़राब बर्ताव होने के मामले तो पूरी दुनिया में सामने आते हैं मगर उनका यौन शोषण होने के मामले होते तो हैं लेकिन उनका अक्सर पता नहीं चलता. वृद्ध लोगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शनिवार, 15 जून को विश्व दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) मनाया जा रहा है.

रंगहीनता वाले लोगों को चाहिए सामान्य बर्ताव

एल्बीनिज़म यानी रंगहीनता की स्थिति वाले लोगों को अपने जीवन में बहुत से अवरोधों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिससे उनके मानवाधिकार कमज़ोर होते हैं. अंतरराष्ट्रीय एल्बीनिज़्म यानी रंगहीनता जागरूकता दिवस इस स्थिति वाले लोगों को पहचानने, उनके साथ एकजुटता दिखाने और उनके लिए समर्थन जुटाने का एक अवसर है.