वैश्विक

काम के तनाव, ओवरटाइम और बीमारियों से हर साल 28 लाख मौतें

कार्यस्थलों पर असुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माहौल, ज़्यादा तनाव, काम करने के लंबे घंटों और बीमारियों की वजह से हर साल 28 लाख कामगारों की मौत होती है. हर साल 37.4 करोड़ लोग नौकरी से जुड़ी वजहों के चलते या तो बीमार पड़ते हैं या फिर ज़ख़्मी होते हैं. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट में ये तथ्य उभरकर सामने आए हैं.

 

घातक ई-कचरे को रोज़गार के बेहतर अवसरों में बदलने पर ज़ोर

दुनिया में हर साल करोड़ो टन ई-कचरा पैदा होता है और इलैक्ट्रिक और इलैक्ट्रॉनिक कचरे की ज़हरीली बाढ़ पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को नुक़सान पहुंचा रही है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने कहा है कि ई-कचरा के दुष्प्रभावों को तत्काल रोकने के साथ-साथ उसे अच्छे और उपयुक्त कार्य के स्रोत में भी तब्दील किया जाना चाहिए.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिए और धन की ज़रूरत

असमान वृद्धि, बढ़ता कर्ज़, वित्तीय बाज़ारों में उतार-चढ़ाव, और वैश्विक व्यापार पर कायम तनाव जैसी वैश्विक चुनौतियां, टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पाने के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रही हैं. 2030 एजेंडा लागू करने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने पर न्यूयॉर्क में बैठक हो रही है जिसे संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए और धन की आवश्यकता होगी.

'शांतिरक्षा अभियानों के केंद्र' में महिलाओं को रखना है लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि शांतिरक्षा अभियानों के केंद्र में महिला अधिकारों, आवाज़ों और भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए और प्रयास किए जाने होंगे. सुरक्षा परिषद में इस विषय पर चर्चा में उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला शांतिरक्षकों के होने से दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलती है. 

स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी समस्याओं से जूझती महिलाएं

दुनिया के 51 देशों में हर दस में से चार महिलाओं को अपने संगी की शारीरिक संबंधों की मांग को मानने के लिए मजबूर होना पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की ओर से बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं गर्भ धारण करने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने जैसे बुनियादी निर्णय भी नहीं ले पातीं.  

शरणार्थियों के विरूद्ध 'ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल' चिंताजनक

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR)  के उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रान्डी ने कहा है कि उनके साढ़े तीन दशक से भी लंबे अनुभव में शरणार्थियों, प्रवासियों और विदेशियों के लिए राजनीति, मीडिया और सोशल मीडिया में इतनी ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ. सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शरणार्थी संकट से निपटने के लिए उसके बुनियादी कारणों पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

वैश्विक चुनौतियों से निपटने में युवाओं का साथ अहम

एक टिकाऊ दुनिया के निर्माण के लिए युवाओं को सशक्त बनाने वाले कौशलों, मूल्यों, नौकरियों और आजीविका के साधनों की आवश्यकता है. आठवीं यूथ फ़ॉरम को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद की अध्यक्ष इन्गा रहोन्डा किंग ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने में युवाओं की प्रमुख भूमिका को रेखांकित किया. 

सभी को समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि समाज और अर्थव्यवस्थाओं को मज़बूत बनाने में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की बेहद अहम भूमिका है. दुनिया में करीब आधी आबादी की अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच नहीं है. महासचिव गुटेरेश ने सभी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने और मानव संसाधन में निवेश करने की ज़रूरत पर बल दिया है.

'बारूदी सुरंगों को खेल के मैदानों' में बदलने की मुहिम

2030 के टिकाऊ विकास एजेंडे को पूरा करने के रास्ते से हर हाल में बारूदी सुरंगों, विस्फोटकों और कामचलाऊ विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) की सफ़ाई की जानी चाहिए. 'अंतरराष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता दिवस' पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हर व्यक्ति को सुरक्षित रहने का अधिकार है और कदम आगे बढ़ाते समय जान का जोखिम नहीं होना चाहिए.

बुनियादी जल सेवाओं के अभाव में करोड़ों की जान ख़तरे में

दुनिया भर में दो अरब से ज़्यादा लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं क्योंकि हर चार में से एक स्वास्थ्य केंद्र पर पानी की मूलभूत सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं. पानी और साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था के बग़ैर संक्रामक रोगों के फैलने का ख़तरा बढ़ जाता है. संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावित देशों से इलाज योग्य संक्रमणों की रोकथाम के लिए समुचित प्रयास करने की अपील की है.