वैश्विक

50 करोड़ लोगों को नहीं मिल पाता समुचित मेहनताना

दुनिया भर में 50 करोड़ से भी ज़्यादा ऐसे लोग हैं जिन्हें कामकाज करने के बदले धन मिलने वाली स्थिति में उतना काम नहीं मिल पाता जितना वो करना चाहते हैं या फिर उन्हें ऐसा समुचित कामकाज ही नहीं मिल पाता है जिसमें उन्हें काम के बदले धन मिल सके.

सरकारी शिक्षा ख़र्च में 'शर्मनाक विषमताओं" को दूर करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग़रीब परिवारों की एक तिहाई किशोरी लड़कियों को कभी स्कूली शिक्षा की सुविधा हासिल नहीं हुई और शिक्षा पर ख़र्च धनी परिवारों की तरफ़ भारी रूप में झुका हुआ है.

बेक़ाबू हो रहे बैक्टीरिया का तत्काल उपचार ढूँढे जाने की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में ऐसे संक्रमण तेज़ी से उभर रहे हैं जिन पर मौजूदा एंटीबॉयोटिक दवाओं का असर नहीं होता जबकि नई एंटीबॉयोटिक दवाएँ विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र का धन निवेश कम हो रहा है.

जलवायु संकट से जीवन की गुणवत्ता प्रभावित, बढ़ रहा है असंतोष

जलवायु संकट, दुनिया भर में लगातार जारी गंभीर विषमताएँ, खाद्य असुरक्षा के बढ़ते स्तर और कुपोषण जैसी स्थितियाँ बहुत से समाजों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं जिनके कारण असंतोष भी बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति व संभावनाओं पर वर्ष 2020 की रिपोर्ट में ये आकलन पेश किया गया है. रिपोर्ट के लेखकों ने संकट का सामना करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव करने का आहवान किया है.  

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

'एक स्वस्थ विश्व बनाने के लिए कोई "शॉर्ट कट" नहीं'

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी - विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने अगले दशक के लिए पूरी दुनिया में स्वास्थ्य चुनौतियों का ख़ाका पेश करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में और ज़्यादा धन निवेश करने का आहवान किया है.  ग़ौरतलब है कि आने वाले दस वर्षों की समयावधि को यूएन महासभा ने "कार्रवाई दशक" क़रार दिया है. 

तैरते शहरों की दुनिया की संभावना

ये विचार कई दशकों से घूम रहा है कि क्या सूखी धरती की सीमाओं से दूर समुद्रों की सतह पर तैरती हुई दुनिया बस सकती है. कुछ वैज्ञानिकों ने इस विचार पर काम किया और बताया कि ये संभव है. तो क्या भविष्य में समुद्र भी रहने के स्थान बन सकेंगे. एक जायज़ा...

यूएन महासभा प्रमुख ने गिनाईं नए साल की अपनी प्राथमिकताएँ

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने शांति व सुरक्षा, ग़रीबी उन्मूलन, भुखमरी का अंत, गुणवत्तापरक शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और समावेशन को वर्ष 2020 में 74वें सत्र की प्राथमिकताओं में शामिल किया है. उन्होंने इन चुनौतियों के समाधान में एक रोडमैप को अमल में लाने के लिए साझेदारियों को नई स्फूर्ति प्रदान करने का संकल्प भी जताया है. महासभा अध्यक्ष ने 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों को अगला दशक शुरू होने तक एक वास्तविकता बनाने का लक्ष्य हासिल करने की मंशा भी ज़ाहिर की है.

विश्व को ‘युद्ध की विभीषिका’ से बचाने का दस्तावेज़ है - यूएन चार्टर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भू-राजनैतिक तनावों के बढ़ने और देशों के बीच दरकते भरोसे के इस दौर में सदस्य देशों को यूएन चार्टर के मूल्यों की ओर लौटने के लिए प्रोत्साहित किया है. उन्होंने यूएन चार्टर को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक निर्धारक दस्तावेज़ क़रार दिया जिसके मूल में अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा है.

खोई कला को बचाने की कला - मुख्यालय में प्रदर्शनी

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक अनोखी कला प्रदर्शनी आयोजित की गई है जिसमें दुनिया भर से लाई गई ऐसी कला कृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं जो इतिहास की एक झलक पेश करती हैं.