वैश्विक

मरीज़ों के स्वास्थ्य की सुरक्षित देखभाल सर्वोपरि

असुरक्षित ढंग से मरीज़ों की देखरेख किए जाने की वजह से प्रति मिनट कम से कम पांच लोगों की मौत हो जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों, नीत-निर्धारकों, स्वास्थ्य देखरेख के काम में जुटे लोगों से मरीज़ों की समुचित तरीक़े से देखभाल करने की पुकार लगाई है ताकि इलाज कराते समय ख़तरों की रोकथाम हो सके. मंगलवार, 17 सितंबर, को ‘मरीज़ सुरक्षा दिवस’ मनाया जा रहा है.

महासभा अध्यक्ष के अनूठे हथौड़े की अनूठी कहानी

अगर आप संयुक्त राष्ट्र महासभा की कार्यवाही को नज़दीकी से देखते होंगे तो आपने ध्यान दिया होगा कि महासभा के अध्यक्ष कार्यवाही संचालित करने के लिए एक हथौड़े का इस्तेमाल करते हैं. ये आइसलैंड की तरफ़ से एक अनूठा तोहफ़ा है और इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है.

ओज़ोन परत के क्षतिग्रस्त हिस्से तेज़ी से बेहतरी की ओर

संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण एजेंसी (UNEP) ने कहा है कि अगर मौजूदा प्रगति आने वाले समय में भी बरक़रार रही तो पृथ्वी की सुरक्षा परत के रूप में काम करने वाले ओज़ोन परत के कई क्षतिग्रस्त हिस्सों में वर्ष 2030 तक पूरी तरह सुधार हो जाएगा.  यूएन संस्था ने एक बयान जारी करके कहा कि ओज़ोन परत को क्षति पहुंचाने वाले पदार्थों के सीमित इस्तेमाल को बंद करने से भावी पीढ़ियों के लिए ओज़ोन संरक्षण में मदद मिली है और मानव स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखने में सफलता हासिल हुई है.

कॉप-14, माहिरों की राय

मरुस्थलीकरण रोकने और भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने के प्रयासों को मज़बूती देने के इरादे से कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज़ यानी कॉप-14 सम्मेलन भारत की राजधानी दिल्ली में 2 से 13 सितंबर तक हुआ. विभिन्न देशों और क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों में से कुछ के विचार...

मरुस्थलीकरण सम्मेलन कॉप-14 भारत में

दुनिया भर में भूमि क्षय और मरुस्थलीकरण को रोकर ज़मीन को खेतीबाड़ी के लिए उपजाऊ बनाने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के उपायों में सहयोग देने के रास्ते तलाश करने के लिए कॉप-14 सम्मेलन भारत में 2 से 13 सितंबर तक हो रहा है. एक झलक...

‘नारकीय श्रेणी’ के तूफ़ान डोरियन से बहामास में अभूतपूर्व तबाही

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बहामास में चक्रवाती तूफ़ान ‘डोरियन’ से हुई बर्बादी को क़रीब से देखने के बाद उसे नारकीय हालात पैदा करने वाली श्रेणी का तूफ़ान बताया है. उन्होंने ध्यान दिलाया है कि तूफ़ान पहले भी आते रहे हैं लेकिन अब उनकी तीव्रता और संख्या बढ़ रही है और जलवायु परिवर्तन उन्हें और घातक बना रहा है. उन्होंने कहा है कि इस तूफ़ान से जैसी तबाही हुई है वैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी.

तूफ़ान प्रभावित बहामास के साथ एकजुटता का प्रदर्शन

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने चक्रवाती तूफ़ान ‘डोरियन’ से हुई तबाही झेल रहे बहामास की यात्रा के दौरान वहां की सरकार और जनता के साथ इस मुश्किल समय में एकजुटता व्यक्त की है. 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होने वाली जलवायु शिखर वार्ता से पहले उन्होंने दोहराया है कि जलवायु संकट से तूफ़ानों की तीव्रता और ताक़त बढ़ रही है और उसके दुष्प्रभावों से निपटने के लिए महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता है.

एक करोड़ से ज़्यादा बच्चों को नहीं मिल पाएगा स्कूल

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संगठन (यूनेस्को) ने शुक्रवार को नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि तत्काल कार्रवाई के अभाव में लगभग एक करोड़ 20 लाख बच्चे कभी स्कूल नहीं जा पाएंगे. लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज़्यादा बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है.

भूमि की उर्वरता बहाल करने की योजना पर सहमति

मरुस्थलीकरण रोकने और भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने के प्रयासों को मज़बूती देने के इरादे से कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज़ यानी कॉप-14 सम्मेलन में ठोस कार्रवाई की पहल की गई है. सम्मेलन के अंतिम दिन शुक्रवार को ‘दिल्ली घोषणापत्र’ जारी किया गया जिसके तहत वर्ष 2030 तक ‘लैंड डिग्रेडेशन न्यूट्रैलिटी’ हासिल करना यानी भूमि क्षय के स्तर को स्थिर रखना अब देशों की राष्ट्रीय कार्ययोजनाओं में शामिल होगा.

दक्षिण-दक्षिण सहयोग से टिकाऊ विकास को मिलेगा बढ़ावा

विकासशील देशों के बीच सहयोग को एक ऐसा अनूठा रास्ता बताया गया है जिसके ज़रिए 2030 एजेंडा में निर्धारित टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा जा सकता है. 12 सितंबर को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के संयुक्त राष्ट्र दिवस पर आयोजित एक समारोह में विकासशील देशों में पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नया प्लैटफ़ॉर्म शुरू किया गया है.