वैश्विक

विश्व शरणार्थी दिवस: शरणार्थियों के लिये हमदर्दी और सहारे की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 20 जून, को विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में शरणार्थियों के लिये सम्वेदना व हमदर्दी की अपील की है. 

कोविड-19: बचाव उपायों के कारगर पालन का अभाव, वायरस के लिये फैलने का मौक़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के 18 महीने बीत जाने के बावजूद, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का असरदार ढँग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

यूएन महासचिव: दूसरे कार्यकाल के लिये एंतोनियो गुटेरेश की फिर से नियुक्ति

संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश को यूएन महासचिव के तौर पर दूसरे पाँच-वर्षीय कार्यकाल के लिये फिर से नियुक्त किया गया है.

कोविड-19: मध्य-आय वाले देशों के लिये कर्ज़ राहत का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन महासभा में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए, कोविड-19 महामारी से उबरने में मध्य-आय वाले देशों के लिये, वित्तीय संसाधनों व कर्ज़ राहत की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

आत्महत्या, हर 100 में से एक मौत की वजह - रोकथाम के लिये नए दिशानिर्देश 

हर वर्ष, दुनिया में लाखों लोग आत्महत्या कर अपने जीवन को समाप्त कर लेते हैं. एचआईवी, मलेरिया, स्तन कैंसर समेत कुछ अन्य कारणों की तुलना में, आत्महत्या कहीं अधिक संख्या में लोगों की मौत की वजह है.

मरुस्थलीकरण और सूखा – मानव कल्याण के लिये ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चिन्ता जताई है कि मानवता ने प्रकृति के विरुद्ध एक आत्मघाती, निर्मम युद्ध छेड़ा हुआ है जिसे रोका जाना होगा. उन्होंने गुरुवार, 17 जून, को मरुस्थलीकरण व सूखा का सामना करने के लिए मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर आगाह किया कि जलवायु परिवर्तन के कारण हुए भूमि क्षरण और कृषि, शहरों व बुनियादी ढाँचे के विस्तार से, तीन अरब से अधिक लोगों के जीवन व आजीविका के लिये चुनौती खड़ी हो गई है. 

व्यवसाय व मानवाधिकारों पर मार्गदर्शक सिद्धान्तों के लिये 'असाधारण लम्हा'

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि पहले से ज़्यादा संख्या में कम्पनियाँ, मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये संकल्प ले रही हैं, इसके बावजूद ख़ामियाँ व चुनौतियाँ बरक़रार हैं.

इण्टरव्यू: मानवीय राहत ज़रूरतें घटाने के लिये 'हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, बीमारियों से निपटना होगा'

मार्क लोकॉक ने चार वर्ष पहले जब मानवीय मामलों व आपात राहत समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव के तौर ज़िम्मेदारी सम्भाली, तो उन्हें उम्मीद की थी कि वैश्विक स्तर पर मानवीय राहत ज़रूरतों में कमी आएगी. मगर, लम्बे समय से जारी हिंसक संघर्षों व उभरते टकरावों, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर और ईबोला व कोविड-19 जैसी बीमारियों के कारण ज़रूरतमन्दों की संख्या इस अवधि में अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है. अपना कार्यभार छोड़ने से पहले, मार्क लोकॉक के साथ यूएन न्यूज़ की एक ख़ास बातचीत....

कोविड-19: अति-आवश्यक सेवाएँ जारी रखने में प्रवासियों का अहम योगदान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 16 जून, को ‘पारिवारिक धन प्रेषण का अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में कहा कि महामारी के दौरान, प्रवासियों ने मेज़बान देशों में, अति-आवश्यक सेवाओं और अर्थव्यवस्थाओं को सुचारू रूप से जारी रखने में अहम भूमिका निभाई है.

बढ़ते ई-कचरे से बच्चों के स्वास्थ्य के लिये ख़तरा - WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ई-कचरे पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी करते हुए, इस बढ़ते स्वास्थ्य जोखिम से बच्चों की रक्षा के लिये ज़्यादा असरदार उपायों व बाध्यकारी क़दम उठाये जाने का आग्रह किया है.