वैश्विक

कोविड-19: स्कूलों में स्वच्छ जल व हाथ धोने की सुविधा का प्रबंध ज़रूरी

दुनिया में लगभग 82 करोड़ बच्चों के पास स्कूलों में हाथ धोने की बुनियादी सुविधाओं का अभाव है जिससे उनके कोविड-19 महामारी और अन्य संक्रामक बीमारियों से संक्रमित होने का ख़तरा ज़्यादा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साझा निगरानी कार्यक्रम द्वारा गुरुवार को जारी नई रिपोर्ट के आँकड़े दर्शाते हैं कि विश्व के हर पाँच में से दो स्कूलों में महामारी से पहले ही इन मूलभूत सुविधाओं की कमी थी. यूएन एजेंसियों के मुताबिक साफ़-सफ़ाई का समुचित प्रबंध किया जाना स्कूलों को फिर खोले जाने की एक अनिवार्य शर्त है. 

कोविड-19: शान्ति के लिये यूएन का संकल्प पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से ना केवल विकास और शान्तिनिर्माण में दशकों से हुई प्रगति पर ख़तरा पनप रहा है बल्कि मौजूदा हिंसक संघर्षों के और भी ज़्यादा गहरा होने व नए संकट भड़कने का भी जोखिम है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए बताया कि विश्व को हिला कर रख देने वाले कोरोनावायरस संकट के दौरान टिकाऊ शान्ति हासिल करने में किस प्रकार की चुनौतियाँ पेश आ रही हैं.

अन्तरराष्ट्रीय युवजन दिवस: युवा पीढ़ी की सहनक्षमता व दूरदृष्टि की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन, लैंगिक असमानता सहित अन्य विश्व चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में योगदान के लिये युवाओं की प्रशंसा की है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय युवजन दिवस’ पर विश्व नेताओं का आहवान किया है कि युवाओं की सम्भावनाओं को पूर्ण रूप से साकार करने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने होंगे. 

कोविड-19: युवा पीढ़ी के लिये शिक्षा व रोज़गार के अवसरों पर संकट का साया 

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया विश्लेषण दर्शाता है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से युवाओं की शिक्षा व प्रशिक्षण के अवसरों पर विनाशकारी असर पड़ा है जिससे विषमताएँ गहरी हो रही हैं और एक पूरी पीढ़ी की सम्भावनाओं पर जोखिम मँडरा रहा है. महामारी की शुरुआत से अब तक शिक्षा और पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ कामकाज में जुटे 70 फ़ीसदी से ज़्यादा युवजन स्कूल, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण केन्द्र बन्द होने से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

कोविड-19: प्रवासी कामगारों की मदद के लिए नए दिशा-निर्देश

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ सामूहिक जवाबी कार्रवाई के तहत प्रवासी कामगार अग्रिम मोर्चों पर डटे हैं लेकिन वे अनेक चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं. मौजूदा हालात के मद्देनज़र अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और इन्टरनेशनल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने नियोक्ताओं (Employers) के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं ताकि प्रवासी कामगारों को सहायता प्रदान करने के लिए उपायों को अपनाया जा सके. 

बेरूत विस्फोट: लेबनान को हरसम्भव सहायता का संकल्प

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लेबनान में पिछले सप्ताह हुए भीषण विस्फोट के बाद स्थानीय जनता के साथ एकजुटता ज़ाहिर करते हुए भरोसा दिलाया है कि यूएन और उसके साझीदार संगठन प्रभावितों तक आपात राहत पहुँचाने के काम में दिन-रात जुटे हैं.  यूएन प्रमुख ने विस्फोट के कारणों की तह तक जाने व जवाबदेही तय करने के लिए घटना की विश्वसनीय व पारदर्शी जाँच कराए जाने का आग्रह किया है.

कोविड-19: महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में ‘उम्मीद की किरण’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी भरे अन्दाज़ में कहा है कि कोरोनावायरस संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या इस सप्ताह दो करोड़ का आँकड़ा पार कर जाने की सम्भावना है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि बहुत से देशों को महामारी पर क़ाबू पाने में काफ़ी हद तक सफलता भी मिली है जो इस लड़ाई में आशा का संचार करता है और फैलाव पर क़ाबू पाने में बुनियादी स्वास्थ्य उपायों की अहमियत को रेखांकित करता है. 

कोविड-19 के दौर में आदिवासी लोगों की सहनशीलता की तरफ़ ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में दुनिया भर में रह रहे लगभग 47 करोड़ 60 लाख आदिवासी लोगों कों शामिल करना और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना  बहुत ज़रूरी है. 

कोविड-19: 'पीड़ा और मौत के सबब' अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबन्धों को हटाने की अपील

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने आग्रह किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान क्यूबा, ईरान, सूडान सहित अन्य देशों पर लगे प्रतिबन्ध हटाया जाना या उनके असर को कम करना बेहद अहम है. यूएन विशेषज्ञों के मुताबिक प्रभावित देशों में जनता कष्टों का सामना कर रही है और प्रतिबन्ध हटाने या उनमें ढील देने से स्थानीय समुदायों तक अहम राहत सामग्री पहुँचाना सम्भव हो सकेगा. 

कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिये वैश्विक एकजुटता ही एक मात्र विकल्प

दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के संक्रमण के लगभग एक करोड़ 85 लाख से ज़्यादा मामले हो गए हैं और सात लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने गुरूवार को तमाम देशों से इस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट होने की अपील फिर दोहराई है.