वैश्विक

बदलाव की साक्षी - अनु मेल्को

फिनलैण्ड की नागरिक, अनु मेल्को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ सुधार इकाई की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संघर्ष भरे इलाक़ों में महिला शान्तिरक्षक एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, उन्हें शान्तिरक्षा के कार्य से बहुत सन्तुष्टि मिलती है, और इस ऐहसास से बहुत गर्व महसूस होता है कि वह संयुक्त राष्ट्र के लिये योगदान दे रही हैं. (वीडियो)...

छोटे पैकेट की बड़ी शक्ति: ऐनी की कहानी

माली में  संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन - MINUSMA की सूचना संचालन उप प्रमुख, ऐनी फैम क़द में छोटी हैं, लेकिन उनके इरादे बहुत ऊँचे हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में एकदम अन्तरराष्ट्रीय और विविधतापूर्ण माहौल है, और सभी महिलाओं को इसमें शामिल होना चाहिये, क्योंकि यह एक बहुत ही समावेशी और ज्ञानवर्धक अनुभव है. (वीडियो)...

एक सपने की शुरूआत: ज़ोहरा की कहानी

इराक़ में UNAMI के एक क्षेत्रीय कार्यालय की प्रमुख और सुरक्षा समन्वयक, ज़ोहरा तबौरी ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहित उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान शुरू किया गया. देखिये, ज़ोहरा की शान्तिरक्षक बनने की कहानी, इस वीडियो में...

चुनौतियों के पार: फ़ियोना की कहानी

फ़ियोना बेने, युगाण्डा की नागरिक हैं और इराक़ में UNAMI में सुरक्षा विभाग में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक के रूप में कार्य करना बेहद सन्तुष्टिपूर्ण  व चुनौतीपूर्ण अनुभव है, जो करियर के लिये महान अवसर प्रदान करता है. (वीडियो)...

इतिहास सहेजतीं - जैनिफ़र की कहानी

UNVMC, कोलम्बिया में सत्यापन अधिकारी और फोटोग्राफ़र, जैनिफर मोरेनो कहतीं हैं  कि संयुक्त राष्ट्र के शान्ति मिशन पर काम करने से उनका व्यक्तिगत और पेशेवर स्तर पर ज्ञानवर्धन हुआ है. इस वीडियो में देखिये, जैनिफ़र किस तरह ऐतिहासिक लम्हे अपने क़ैमरे में क़ैद कर रही हैं...

महामारी - एक लड़की की नज़र से

कोविड-19 महामारी से दुनिया भर में करोड़ों बच्चों पर असर पड़ा है. स्कूल बन्द होने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिये अपनाए गए तालाबन्दी और अन्य उपायों ने लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,महत्वपूर्ण टीकों और पौष्टिक आहार से दूर कर दिया है. ख़ासतौर पर, लड़कियों के लिये स्थिति और भी ज़्यादा ख़राब हो गई है. इस तरह की संकट स्थितियों के दौरान लिंग आधारित हिंसा और हानिकारक प्रथाओं का ख़तरा बढ़ जाता है – विशेषकर ग़रीब और कमज़ोर वर्ग की लड़कियों के लिये. अनुमानों के मुताबिक, स्कूल फिर से खुलने पर भी शायद बहुत सी लड़कियाँ फिर कभी भी वापस विद्यालय ना जा सकें या फिर हालात से मजबूर होकर बाल विवाह का शिकार हो जाएँ. 

दूसरा मौक़ा - विवियाना की कहानी

अर्जेंटीना नेशनल जेण्डरमेरी UNVMC, कोलम्बिया की अन्तरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक सार्जेण्ट, विवियाना कैबरेरा लाइबेरिया में एक संयुक्त राष्ट्र मिशन पर काम कर रही थीं, जब उनके पति एक दुर्घटना का शिकार हो गए और उन्हें घर वापस जाना पड़ा. एक साल बाद, उन्हें फिर मिशन में शामिल होने का मौक़ा मिला. पति की यादों से मिले प्रोत्साहन और अपनी लगन से उन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिये, एक बार फिर उड़ान भरी. इस वीडियो में देखिये - विवियाना की कहानी...

यूएन दिवस समारोह: चार्टर मिशन ‘पहले से कहीं ज़्यादा अहम’

सात दशकों से भी ज़्यादा समय पहले विश्व नेता वैश्विक शान्ति और प्रगति को पारस्परिक सहयोग के ज़रिये बढ़ावा देने के लिये एकजुट हुए थे, और उनके प्रयासों के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र की नींव तैयार हुई. यूएन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने यूएन महासभा हॉल में उसी वादे के प्रति अपना संकल्प फिर पुष्ट किया है. 
 

पुराने वाहनों के निर्यात से वायु गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को ख़तरा

अमेरिका, योरोप और जापान में अनेक वर्षों तक इस्तेमाल की जा चुकी लाखों कारों, वैन और मिनी बसों का निर्यात विकासशील देशों को किया जाता है, लेकिन ख़राब गुणवत्ता होने के कारण उनसे वायु प्रदूषण फैलता है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के प्रयासों में बाधाएँ पैदा होती हैं. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है जो सोमवार को जारी की गई.

कोविड-19: विज्ञान, एकता और एकजुटता, महामारी को हराने के कारगर औज़ार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बेहतर तैयारी, विज्ञान को सुनने व समझने और एकजुट कार्रवाई ऐसे चन्द औज़ार हैं जिनका इस्तेमाल दुनिया भर में सभी देश कोरोनावायरस संकट पर क़ाबू पाने में कर सकते हैं. यूएन महासचिव गुटेरेश ने रविवार को विश्व स्वास्थ्य शिखर वार्ता को सम्बोधित करते हुए यह बात कही.