वैश्विक

शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आहवान

‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के उन सभी शान्तिरक्षकों को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है जिन्होंने वर्ष 1948 से विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है. इस वर्ष यूएन शान्तिरक्षक दिवस पर शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश के लिए यूएन एजेंसी का नया फ़ाउन्डेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के लिए धनराशि जुटाने के लक्ष्य से एक नए संस्थान (WHO Foundation) की स्थापना की गई है जिसके ज़रिये ग़ैर-पारम्परिक स्रोतों से धनराशि जुटाने का इन्तज़ाम किया जाएगा. यह संस्थान एक स्वतन्त्र इकाई के रूप में दानदाताओं से मिलने वाली सहायता की बुनियाद को मज़बूत बनाने के लिए रणनीति का अहम हिस्सा होगा.

कोविड-19: हिन्साग्रस्त क्षेत्रों में आम लोगों के समक्ष एक नया ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिन्सा में फँसे मासूम लोगों के सामने कोविड-19 के रूप में अब एक नया और घातक ख़तरा पैदा हो गया है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि कोरोनावायरस विश्व में पहले से मौजूद भंगुरताओं को और भी गम्भीर बना रहा है.  यूएन प्रमुख ने हिन्सक संघर्षों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक योजना भी पेश की है.

कोविड-19: युवाओं के लिए रोज़गार, शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भारी असर

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया में 16 फ़ीसदी से ज़्यादा युवाओं का रोज़गार छिन गया है और जिनके पास काम है उनके भी कामकाजी घण्टों में 23 फ़ीसदी की कटौती हुई है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के नए अपडेट के मुताबिक कोरोनावायरस से युवाओँ पर तिहरी मार पड़ी है और उनके लिए रोज़गार के साथ-साथ शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भी संकट खड़ा हो गया है. 

कोविड-19: क़ानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रयासरत है यूएन पुलिस

सशस्त्र सन्घर्ष से प्रभावित कई देशों में संयुक्त राष्ट्र क़ानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सहायता प्रदान करता है और इनमें पुलिस बल भी शामिल हैं. वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान यूएन के पुलिस अधिकारियों के काम में जिस तरह चुनौतियाँ पेश आई हैं वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. यूएन न्यूज़ के साथ एक इन्टरव्यू में यूएन की पुलिस डिविज़न के प्रमुख लुइस कैरिल्हो ने बताया कि कोरोनावायरस की वजह से शान्ति बनाए के उनके सहकर्मियों के प्रयास किस तरह प्रभावित हुए हैं.

कोविड-19: प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों नें सभी देशों से प्रवासियों और उनके परिवारों के अधिकारों की रक्षा करने का आहवान किया है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी प्रवासियों के दर्जे की परवाह किए बग़ैर उनके मानवाधिकार सुनिश्चित किए जाने होंगे.

अनौपचारिक रोज़गार पर गाज

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि कोविड-19 के कारण दुनिया भर में अनौपचारिक सैक्टर में काम करने वाले लगभग दो अरब लोगों की आजीविका पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं. करोड़ों लोगों के भुखमरी के गर्त में चले जाने का भी ख़तरा है. एक वीडियो फ़ीचर...

ईद के मौक़े पर तालिबान और अफ़ग़ान सरकार में युद्धविराम का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और तालिबान द्वारा तीन दिन के लिए लड़ाई रोके जाने की घोषणा का स्वागत किया है. ईद-उल-फ़ित्र के पर्व से कुछ ही घण्टे पहले तालिबान ने अनेपक्षित घोषणा में कहा था कि उनकी ओर से हमले सिर्फ़ तभी होंगे जब उनके ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. इसके कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने भी सुरक्षा बलों को इसका पालन करने के आदेश जारी कर दिए.

पाकिस्तान: यूएन प्रमुख ने विमान दुर्घटना पर जताया शोक

पाकिस्तान में कराची शहर के एक रिहायशी इलाक़े में एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरा दुख जताया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस विमान में चालक दल के सदस्यों सहित 99 लोग सवार थे जिनमें 97 की मौत हो गई है और दो लोगों को विमान के मलबे से जीवित निकाला गया है.

कोविड-19: बाल टीकाकरण में दशकों की वैश्विक प्रगति पर मँडराता ख़तरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फिर आगाह किया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण टीकाकरण सेवाएँ बाधित हुई हैं जिसके कारण लाखों नन्ही जानों पर डिप्थीरिया, ख़सरा और न्यूमोनिया जैसी घातक बीमारियों का जोखिम मँडरा रहा है. सुरक्षित और असरदार टीकाकरण की बदौलत बाल मृत्यु दर में पिछले 20 सालों में 50 फ़ीसदी की गिरावट आई है लेकिन महामारी के कारण नियमित टीकाकरण सेवाएँ लगभग 70 देशों प्रभावित हुई हैं जिससे एक साल से कम उम्र के आठ करोड़ बच्चों पर असर पड़ने की आशंका है.