वैश्विक

कोविड-19: मुक़ाबले के लिए दो अरब डॉलर की मानवीय राहत योजना

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से उपजी अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए बुधवार को एक व्यापक मानवीय राहत अपील जारी की है. इस मुहिम के ज़रिए कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों की सहायता सुनिश्चित करने और लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बचाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक कोविड-19 के संक्रमण के चार लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और क़रीब 20 हज़ार लोगों की मौत हुई है. कोरोनावायरस दुनिया के उन इलाक़ों में भी दस्तक दे रहा है जो हिंसक संघर्ष, प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे हैं. 

विश्व तपेदिक दिवस: टीबी पर कार्रवाई का समय 'यही है'

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार, 24 मार्च, को 'विश्व तपेदिक दिवस' पर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनका लक्ष्य टीबी संक्रमितों को बीमार होने से बचाने के लिए रोकथाम व इलाज जल्द से जल्द सुनिश्चित करना है. टीबी दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारी है और हर दिन इसके कारण चार हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत होती है.     

कोविड-19: यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की सलाह पर ओलंपिक खेल स्थगित

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने वर्ष 2020 में जापान की राजधानी टोकियो में होने वाले ओलंपिक खेलों को स्थगित करने की घोषणा की है. विश्व के कई देशों में तेज़ी से फैलती विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से चिंतित संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी, विश्व स्वास्थ्य संगठन, द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है. वर्ष 1944 के बाद यह पहला मौक़ा है जब ओलंपिक खेलों को स्थगित किया गया है.

वैश्विक युद्धविराम की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 के विश्व व्यापी ख़तरे को देखते हुए दुनिया भर में किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़ों और युद्धक गतिविधियों को तुरंत रोककर वैश्विक युद्धविराम लागू करने की अपील की है. एक वीडियो संदेश में उन्होंने इस महामारी को पूरी मानव जाति की असल चुनौती बताया...

कोविड-19: बचाव उपायों में चाहिए असाधारण तेज़ी

दुनिया भर में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों की संख्या तीन लाख से ज़्यादा हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए घरों में बंद रहने और शारीरिक दूरी बरतने जैसे रक्षात्मक उपायों के साथ-साथ बहुत तेज़ कार्रवाई किए जाने की अहमियत को दोहराया है. इस बीच यूएन एजेंसी और अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल महासंघ ने एक मुहिम शुरू की है जिसके तहत फ़ुटबॉल के बड़े खिलाड़ी कोविड-19 पर जागरूकता फैलाने के प्रयासों का हिस्सा बनेंगे.

जल की बूंद-बूंद को सहेजा जाना ज़रूरी

बाढ़, भारी बारिश, सूखा और पिघलते हिमनद...जलवायु परिवर्तन के कई बड़े संकेत स्पष्ट रूप से जल पर आधारित हैं. इस वर्ष विश्व मौसम विज्ञान दिवस पर यूएन की मौसम विज्ञान एजेंसी ने जल और जलवायु के आपसी संबंध को रेखांकित करते हुए जल संबंधी ऑंकड़ों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की पुकार लगाई है.   
 

कोविड-19: दुनिया भर में लड़ाई ख़त्म करके महामारी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर में किसी भी स्थान पर जारी संघर्ष या युद्ध में शामिल पक्षों से अपील की है कि वो अपने हथियार डाल दें ताकि विश्व के सामने दरपेश एक ज़्यादा बड़ी चुनौती कोविड-19 का मुक़ाबला करने में उनका सहयोग काम आ सके. सोमवार को जारी इस अपील में उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक ऐसा दुश्मन है जिसने पूरी मानवता के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है. 

जलवायु समस्या के समाधान का हिस्सा है टिकाऊ जल प्रबंधन

रविवार, 22 मार्च, को ‘विश्व जल दिवस’ (World Water Day) पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक अहम रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और उनके असर को कम करने के लिए जल संसाधानों के इस्तेमाल के तरीक़ों में बड़ा बदलाव आवश्यक है. नई रिपोर्ट में बढ़ते जल संकट और कृषि व उद्योगों में जल के दक्षतापूर्ण उपयोग के लिए ठोस प्रयासों की पुकार लगाई है.
 

कोविड-19: संक्रमितों की संख्या पहुँची दो लाख से ऊपर

कोविड-19 संक्रमण के पहले एक लाख मामलों की पुष्टि होने में क़रीब तीन महीने का समय लगा था, लेकिन उस संख्या के दोगुने होने में महज़ 12 दिन लगे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि कोविड-19 हर दिन एक नए और त्रासदीपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रहा है. 

कोविड-19: ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

कोविड-19 महामारी की विकराल चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक स्तर पर तेज़ कार्रवाई जारी है. इसके साथ ही यूएन की मानवीय राहत एजेंसियों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और आपात हालात में रहने को मजबूर 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रखा है. इन प्रयासों के तहत साढ़े आठ करोड़ से ज़्यादा लोगों को भोजन सहित जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई जा रही है.