वैश्विक

कोविड-19: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए 2.5 ट्रिलियन डॉलर की ज़रूरत

विश्व की दो-तिहाई आबादी (चीन को छोड़कर) को कोविड-19 के कारण अभूतपूर्व आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है और हालात बेहतर होने से पहले और भी ज़्यादा ख़राब होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति की गंभीरता के मद्देनज़र सोमवार को विकासशील देशों के लिए ढाई ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज की अपील की है ताकि अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की भावना को ठोस कार्रवाई का आकार दिया जा सके. 

कोविड-19 से पनप रही है नफ़रत, यूएन विशेषज्ञ की चेतावनी

अल्पसंख्यक मामलों पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ फ़र्नान्ड डे वैरेनेस ने ध्यान दिलाया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण उपजी अन्य चुनौतियों का भी ख़याल रखा जाना ज़रूरी है. उन्होंने आगाह किया कि हाल के दिनों में चीनी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है और प्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखने की कोशिशें भी हो रही हैं. 

कोविड-19 संकट के बावजूद संयुक्त राष्ट्र का मुख्य कामकाज जारी

संयुक्त राष्ट्र के चार प्रमुख अंगों के अध्यक्षों ने सदस्य देशों को भरोसा दिलाते हुए कह है कि कि कोविड-19 महामारी ने संयुक्त राष्ट्र को भी काम करने के नए तरीक़े अपनाने पर मजबूर कर दिया है, इसके बावजूद दुनिया भर में संगठन के महत्वपूर्ण कार्य बिना रुके जारी हैं. इन अध्यक्षों ने शुक्रवार को ऑनलाइन के ज़रिए सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान ये बात कही.

कोविड-19 से लड़ाई में मानवाधिकार भी सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र के अनेक मानवाधिकार विशेषज्ञों ने ज़ोर देकर कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और आपदा उपाय किए जाने के बीच वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला करने की जद्दोजहद में हर एक व्यक्ति के बुनियादी अधिकारों का सम्मान किया जाना बहुत ज़रूरी है. 

कोविड-19 से लड़ाई के दौरान ‘जीवनरक्षक टीकों का भी रखें ध्यान’

विश्व भर में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ रहा है, मेडिकल सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और परिवहन तंत्र में व्यवधान आने से सप्लाई चेन पर अभूतपूर्व असर देखने को मिल रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि इन हालात में अन्य जीवनरक्षक टीकों की अहमियत को नहीं भूला जाना चाहिए. 

कोविड-19: जी-20 नेताओं से एकजुटता के साथ समन्वित कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जी-20 समूह की बैठक में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए सामूहिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई किए जाने की पुकार लगाई है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के ज़रिए विश्व के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस वायरस के ख़िलाफ़ युद्ध में जीत हासिल करने के लिए आपसी एकजुटता की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

'कोविड-19 हमारी अर्थव्यवस्थाओं की भंगुरता को दर्शाता है', गाय राइडर, आईएलओ

कोविड-19 महामारी के मानवीय जीवन पर परिणाम हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था से कहीं आगे तक पहुँचते है. इससे हमारे भविष्य के आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक सभी पहलू प्रभावित होंगे. हमारी प्रतिक्रिया तत्काल एकजुट और वैश्विक होनी चाहिए, और तुरंत उन लोगों तक मदद पहुंचानी चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

कोविड-19 से कैसे बचें

नए कोरोनावायरस से होने वाले संक्रामक रोग कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज तो नहीं है मगर बहुत सावधानी बरतने से इसके संक्रमण से बचा भी जा सकता है. कुछ ऐसे ही नुस्ख़े इस वीडियो में...

कोविड-19: जेलों व बंदीगृहों में रोकथाम के त्वरित उपायों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने बुधवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कोविड-19 अब बंदीगृहों, जेलों और आप्रवासन हिरासत केंद्रों को अपनी चपेट में ले रहा है. उन्होंने सरकारों से आग्रह किया है कि सलाख़ों के पीछे बंद लोगों को भी ध्यान में रखने की ज़रूरत है और महामारी पर क़ाबू पाने में ऐसे केंद्रों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना महत्वपूर्ण है.

प्रगति के लिए ‘दासता की नस्लीय विरासत से टक्कर ज़रूरी’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को ‘दासता और पराअटलांटिक दास व्यापार के पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्मरण दिवस’ पर अपने संदेश में नस्लीय तंत्रों और संस्थाओं को तोड़ने का आहवान किया है ताकि दुनिया की प्रगति का रास्ता सुनिश्चित किया जा सके.