वैश्विक

संकट काल में शान्तिरक्षक हैं - 'निस्वार्थ सेवा व बलिदान' के प्रतीक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर तीन हज़ार 900 से ज़्यादा उन सभी शान्तिरक्षकों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए हैं जिन्होंने वर्ष 1948 से यूएन के झण्डे तले विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है.

कोविड-19: कारगर वैक्सीन व उपचार मुहैया कराने पर केन्द्रित नई पहल

वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम और उसके इलाज में असरदार वैक्सीन, दवाइयों और स्वास्थ्य टैक्नॉलजी को सभी के लिए मुहैया कराने के इरादे से शुक्रवार को 30 देशों और कई अन्तरराष्ट्रीय संगठनों ने एक नई पहल – ‘टैक्नॉलॉजी एक्सेस पूल’ – शुरू की है. 

कोविड-19: तत्काल कार्रवाई के अभाव में 'अकल्पनीय तबाही' का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेतावनी भरे अन्दाज़ में कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ देशों ने साथ मिलकर अगर अभी प्रयास नहीं किए तो यह सँकट दुनिया भर में अकल्पनीय तबाही और पीड़ा का कारण बन जाएगा. यूएन प्रमुख ने टिकाऊ विकास के लिए वित्तीय पोषण पर गुरुवार को आयोजित एक वर्चुअल उच्चस्तरीय कार्यक्रम में छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तत्काल सामूहिक कार्रवाई की पुकार लगाई है.

शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश शुक्रवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के उन सभी शान्तिरक्षकों को अपने श्रृद्धासुमन अर्पित करेंगे जिन्होंने वर्ष 1948 से विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है. इस वर्ष यूएन शान्तिरक्षक दिवस पर शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश के लिए यूएन एजेंसी का नया फ़ाउन्डेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के लिए धनराशि जुटाने के लक्ष्य से बुधवार को एक नए फ़ाउन्डेशन (WHO Foundation) की स्थापना की गई है जिसके ज़रिये ग़ैर-पारम्परिक स्रोतों से फ़ंडिंग का इन्तज़ाम किया जाएगा. एक स्वतन्त्र इकाई के रूप में यह फ़ाउन्डेशन दानदाताओं से मिलने वाली सहायता की बुनियाद को मज़बूत बनाने के लिए रणनीति का अहम हिस्सा होगा.

कोविड-19: हिन्साग्रस्त क्षेत्रों में आम लोगों के समक्ष एक नया ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिन्सा में फँसे मासूम लोगों के सामने कोविड-19 के रूप में अब एक नया और घातक ख़तरा पैदा हो गया है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि कोरोनावायरस विश्व में पहले से मौजूद भंगुरताओं को और भी गम्भीर बना रहा है.  यूएन प्रमुक ने हिन्सक सन्घर्षों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक योजना भी पेश की है.

कोविड-19: युवाओं के लिए रोज़गार, शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भारी असर

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया में 16 फ़ीसदी से ज़्यादा युवाओं का रोज़गार छिन गया है और जिनके पास काम है उनके भी कामकाजी घण्टों में 23 फ़ीसदी की कटौती हुई है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के नए अपडेट के मुताबिक कोरोनावायरस से युवाओँ पर तिहरी मार पड़ी है और उनके लिए रोज़गार के साथ-साथ शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भी संकट खड़ा हो गया है. 

कोविड-19: क़ानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रयासरत है यूएन पुलिस

सशस्त्र सन्घर्ष से प्रभावित कई देशों में संयुक्त राष्ट्र क़ानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सहायता प्रदान करता है और इनमें पुलिस बल भी शामिल हैं. वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान यूएन के पुलिस अधिकारियों के काम में जिस तरह चुनौतियाँ पेश आई हैं वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. यूएन न्यूज़ के साथ एक इन्टरव्यू में यूएन की पुलिस डिविज़न के प्रमुख लुइस कैरिल्हो ने बताया कि कोरोनावायरस की वजह से शान्ति बनाए के उनके सहकर्मियों के प्रयास किस तरह प्रभावित हुए हैं.

कोविड-19: प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों नें सभी देशों से प्रवासियों और उनके परिवारों के अधिकारों की रक्षा करने का आहवान किया है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी प्रवासियों के दर्जे की परवाह किए बग़ैर उनके मानवाधिकार सुनिश्चित किए जाने होंगे.

ईद के मौक़े पर तालिबान और अफ़ग़ान सरकार में युद्धविराम का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और तालिबान द्वारा तीन दिन के लिए लड़ाई रोके जाने की घोषणा का स्वागत किया है. ईद-उल-फ़ित्र के पर्व से कुछ ही घण्टे पहले तालिबान ने अनेपक्षित घोषणा में कहा था कि उनकी ओर से हमले सिर्फ़ तभी होंगे जब उनके ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. इसके कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने भी सुरक्षा बलों को इसका पालन करने के आदेश जारी कर दिए.