वैश्विक

कोविड-19: विश्व में कामकाजी घंटों और रोज़गार में भारी नुक़सान की आशंका

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 की चपेट में आने के कारण विश्व अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में दुनिया भर में कुल कामकाजी घंटों में 6.7 फ़ीसदी का नुक़सान होगा – यह आँकड़ा 19 करोड़ 50 लाख पूर्णकालिक कर्मचारियों के कामकाज के बराबर है. 

एक नर्स की ज़ुबाँ से: बचाव पोशाकों व उपकरणों पर निर्भर है उनकी ‘क़िस्मत’ 

इटली में  विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के संक्रमितों की देखभाल में जुटी एक 24 वर्षीय नर्स ने बयान किया है कि संक्रमण से बचाव और उनकी क़िस्मत इस पर निर्भर करती है कि ख़ुद के बचाव के लिए पहनी जाने वाली पोशाकें और अन्य बचाव उपकरण उन्होंने कितने अच्छे ढंग से पहने हैं. 

कोविड-19: भेदभाव के ख़तरों के प्रति चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या अनेक आधारों पर होने वाले भेदभाव के कारण बढ़ सकती है. इसके मद्देनज़र सरकारों से नस्लीय समानता और बराबरी के लिए संकल्प को मज़बूत बनाने की पुकार लगाई गई है. 

कोविड-19: युवाओं के पास डिजिटल समाधान पेश करने का अवसर 

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने कोविड-19 महामारी का मुक़ाबले की मुहिम में युवा डेटा विज्ञानियों, डिज़ाइनरों और नवोन्मेषकों (इनोवेटर) को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. इस सिलसिले में एक महीने तक चलने वाले हैकाथॉन की शुरुआत हुई है जिसके ज़रिए विश्वव्यापी महामारी की चुनौती से निपटने के लिए डिजिटल समाधानों तैयार किए जाएंगे. 

कोविड-19: महिलाओं पर हिंसा के अंत की मुहिम को यूएन का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं व लड़कियों के ख़िलाफ़ हर प्रकार की हिंसा के अंत के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई की पुरज़ोर अपील की है. विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण तालाबंदी होने से लोग घरों में महदूद रहने के लिए मजबूर हैं जिसके बाद घरेलू हिंसा के मामलों में तेज़ी आई है. हर क्षेत्र में स्थित देशों से अब तक मिली रिपोर्टों के अनुसार आवाजाही पर पाबंदी लगने, सामाजिक जीवन में दूरी बरते जाने, और आर्थिक व सामाजिक दबाव बढ़ने से घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं.

‘बारूदी सुरंग के ख़तरों को ना भूले दुनिया’

दशकों पहले दुनिया के कई देशों में लाखों बारूदी सुरंगों के बिछे होने और लोगों के उनकी चपेट में आने से मासूम ज़िंदगियां बर्बाद हो रही थी. शनिवार, 4 अप्रैल, को ‘अंतरराष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता दिवस’ पर यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाया है कि कोविड-19 की चुनौती पर पार पाते समय ध्यान रखना होगा कि कई इलाक़ों में युद्धों के विस्फोटक अवशेष आज भी लोगों के लिए ख़तरा बने हुए हैं. 

कोविड-19: 'साझा लड़ाई में ऊर्जा का हर क़तरा अहम' 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया में आज सिर्फ़ एक ही लड़ाई की ज़रूरत है, जो विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ साझा लड़ाई है. उन्होंने चेतावनी जारी की है कि अनेक हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में महामारी के कारण हालात अभी और भी बदतर हो सकते हैं इसलिए शांति व एकता की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है. 

कोविड-19: ऑटिज़्म वाले लोगों के 'अधिकारों का ना हो हनन'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से निपटने की कार्रवाई में ऑटिज़्म के साथ रह रहे लोगों का भी ख़याल रखा जाना ज़रूरी है. गुरुवार, 2 अप्रैल, को ‘विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस’ पर यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में विकलांगों के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए. 

कोविड-19: यूएन जलवायु शिखर वार्ता को स्थगित करने का फ़ैसला

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण पैदा हुए संकट को देखते हुए स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में नवंबर 2020 में होने वाली संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक जलवायु शिखर वार्ता को स्थगित करने का फ़ैसला किया गया है. जलवायु मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था (UNFCCC) ने कहा है कि बैठक के स्थगित होने से प्रतिनिधियों व पर्यवेक्षकों की सुरक्षा के साथ-साथ सभी पक्षों को महत्वपूर्ण जलवायु मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और तैयारी करने का ज़्यादा समय मिल सकेगा.  

कोविड-19: पीड़ितों व ज़रूरतमंदों के लिए राहत के मरहम की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित लोगों और ज़रुरतमंद समुदायों के लिए भोजन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने का आहवान किया है. उन्होंने भारत सरकार की उस योजना का उल्लेख किया है जिसके तहत विकट हालात का सामना कर रहे लोगों की मदद के लिए 24 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की गई है.