वैश्विक

कितना बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस?

कोरोनावायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाली एक ऐसी बीमारी का सबब है जो चीन के अलावा 18 अन्य देशों में फैल चुकी है. अभी इस वायरस के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित कर दिया है.

 

कोरोनावायरस से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब... 

कोरोनावायरस: अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडेहेनॉम घेबरेयेसस ने चीन सहित अन्य देशों में नॉवल कोरोनावायरस के मामले लगातार सामने आने के मद्देनज़र उसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक आपात स्थिति घोषित कर दिया है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा कि चीन में हालात की वजह से नहीं बल्कि अन्य देशों में परिस्थितियों को देखते हुए यह घोषणा की जा रही है.

यूएन-75 संवाद में सब आमंत्रित

'संयुक्त राष्ट्र 75' संवाद शुरू हो गया है. बुधवार, 29 जनवरी को यूएन मुख्यालय में एक अनोखी महफ़िल जमी जिसमें मुख्य मंच युवाओं के लिए उपलब्ध रहा. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी इस महफ़िल में शिरकत की मगर उन्होंने कहा कि कोई भाषण देने के बजाय, वो यहाँ युवाओं की बात सुनने के लिए आए हैं. इस सभा में युवा प्रतिनिधियों ने भविष्य के लिए अपनी महत्वाकांक्षी रूपरेखा के बारे में बात की जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग व सभी की बात को सुना जाना अहम बताया गया.

यूएन-75 संवाद शुरू: सभी हैं शिरकत के लिए आमंत्रित

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75वें वर्ष में वैश्विक चुनौतियों के समाधान की तलाश करने के लिए लोगों की आवाज़ सुने जाने के प्रयासों के तहत बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में युवा प्रतिनिधियों ने महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के साथ एक संवाद में हिस्सा लिया. इस सभा में युवा प्रतिनिधियों ने भविष्य के लिए अपनी महत्वाकांक्षी रूपरेखा के बारे में बात की जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग व सभी की बात सुना जाना अहम बताया गया.

न्यूमोनिया पर कार्रवाई के अभाव में 90 लाख बच्चों की जान को ख़तरा

न्यूमोनिया के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रयासों को ज़्यादा मज़बूत बनाकर अगले दशक में 90 लाख बच्चों की मौतों को टाला जा सकता है. स्पेन के बार्सिलोना शहर में ‘बालावस्था में न्यूमोनिया’ विषय पर आयोजित वैश्विक फ़ोरम से ठीक पहले जारी एक नए विश्लेषण में यह बात सामने आई है. वर्ष 2018 में न्यूमोनिया से आठ लाख बच्चों की मौत हुई यानी हर 39 सेकेंड में एक बच्चे की मौत.

कोरोनावायरस: संक्रमण खाड़ी क्षेत्र में भी, विश्व भर में कुल 6000 मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि कोरोनावायरस का संक्रमण अब खाड़ी क्षेत्र के देश संयुक्त अरब अमीरात तक भी पहुँच गया है. इस वायरस के संक्रमण के अधिकतर मामले अभी चीन में भी फैले हुए हैं और वहाँ 6 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से 68 मामले अन्य देशों में पाए गए हैं.

 

वैश्विक लक्ष्यों पर प्रगति के लिए नया वित्तीय आयोग

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने मंगलवार को सदस्य देशों से एक नए  वित्तीय आयोग को समर्थन देने की अपील की है जो वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास लक्ष्यों को वास्तविक बनाने के इरादे से गठित किया गया है.

जयपुर साहित्य महोत्सव में जलवायु मुद्दा भी चर्चा में

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित साहित्य महोत्सव की पृष्ठभूमि में जलवायु परिवर्तन से तत्काल निपटने की अहमियत को फिर दोहराया है. भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा डेज़ालिएन ने जलवायु आपात स्थिति पर एक सत्र के दौरान बताया कि जलवायु संकट पर असरदार कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र अपनी सीमाओं से परे जाकर प्रयासों में जुटा है.

हरित अर्थव्यवस्था पर सराहनीय कार्य के लिए पवन सुखदेव को 'टायलर सम्मान'

प्रख्यात पर्यावरण अर्थशास्त्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सदभावना दूत पवन सुखदेव को पर्यावरण क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए वर्ष 2020 का 'टायलर सम्मान' देने की घोषणा हुई है. पर्यावरण क्षरण के आर्थिक दुष्परिणामों और हरित अर्थव्यवस्था पर उनके अभूतपूर्व कार्य को पहचानते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है.

हॉलोकॉस्ट जैसी घटना फिर ना हो, 'इतिहास से सबक़ ज़रूरी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बढ़ती नफ़रत और यहूदी-विरोधी हमलों में तेज़ी के इस दौर में दुनिया को इतिहास से सबक़ लेना होगा ताकि यहूदी जनसंहार – हॉलोकॉस्ट – जैसी भयवाह घटना फिर ना दोहराई जा सके. यूएन प्रमुख ने पोलैंड में आउशवित्ज़-बर्केनाउ यातना शिविर को मुक्त कराए जाने के 75 साल पूरे होने और 60 लाख से ज़्यादा यहूदियों और अन्य लोगों के जनसंहार की याद में न्यूयॉर्क में आयोजित एक स्मरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही.