वैश्विक

बच्चों के लिए बेहद घातक साबित हुआ - सदी का दूसरा दशक

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने कहा है कि विश्व भर में हिंसक संघर्ष पहले से कहीं ज़्यादा अवधि तक खिंच रहे हैं और ज़्यादा संख्या में युवाओं की मौत का कारण बन रहे हैं. यूनीसेफ़ ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2010 की शुरुआत से अब तक बच्चों के अधिकार हनन के गंभीर मामलों की संख्या एक लाख 70 हज़ार आंकी गई है यानी पिछले 10 वर्षों में औसतन हर दिन हनन के 45 मामले.

उथल-पुथल भरे दौर में युवाओं पर टिकी उम्मीदें

एक ऐसे समय में जब हर तरफ़ अनिश्चितता और असुरक्षा का माहौल है, विश्व के युवजन ही एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए सभी की उम्मीद का महानतम स्रोत हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नववर्ष 2020 के लिए अपने शुभकामना संदेश में यह बात कही है. 

महिलाओं की ख़ातिर यूएन वीमेन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल की अनीता भाटिया को मई 2019 में सहायक महासचिव नियुक्त किया था. अनीता भाटिया को विश्व भर में लैंगिक समानता, लड़कियों और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने वाली यूएन संस्था यूएन वीमेन की डिपुटी कार्यकारी निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी है. ये पद उन्होंने अगस्त में संभाला और तभी से उन्होंने अनेक देशों का दौरा करके महिलाओं की भलाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायज़ा लिया है. यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत...

'समाजों का अटूट हिस्सा हैं प्रवासी'

प्रवासी समाजों का अटूट हिस्सा हैं, वो आपसी समझ बढ़ाने और अपने रहने के स्थान व मूल स्थानों - दोनों ही जगह के टिकाऊ विकास में योगदान करते हैं.

सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सभी के हित में है. प्रवासन मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए सर्वश्रेष्ठ तरीक़े से हासिल होती हैं.

सभी प्रवासियों को अपने सभी मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करने का बराबर अधिकार है.

ये सिद्धांत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट में वर्णित हैं.

फिर भी, हमें प्रवासियों के बारे में ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो हानिकारक व झूठी होती हैं.

और हम अक्सर देखते हैं कि तथ्यों पर आधारित होने के बजाय डर के प्रभाव में बनाई गई नीतियों की वजह से प्रवासियों को असीम मुश्किलें उठानी पड़ती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, मैं दुनिया भर में सभी नेताओं और आमजनों से आग्रह करता हूँ कि प्रवासियों के बारे में तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करें ताकि प्रवासन हम सभी के लिए कारगर साबित हो सके.

सुव्यवस्थित व सुरक्षित प्रवासन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ के अवसर पर कहा है कि तथ्यों के बजाय भय से प्रेरित नीतियों के कारण प्रवासियों ने ऐसी पीड़ाएँ सहन की हैं जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने संदेश अपील की है कि प्रवासन के मुद्दे पर वैश्विक समझौते के लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए.

मानवाधिकार दिवस: युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2019 के मानवाधिकार दिवस के मौक़े पर ख़ासतौर से युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है.

मानवाधिकार दिवस: युवाओं पर है ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 2019 के मानवाधिकार दिवस पर जीवन में मानवाधिकार सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  उन्होंने कहा है...

दिल दहला देने वाली है जलवायु की स्थिति

अत्यधिक गर्म हवाओं, सूखा, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़ों और जंगलों में लगी भीषण आग जैसी विशाल प्रभावों वाली घटनाओं ने सभी महाद्वीपों को प्रभावित किया है. करोड़ों लोगों को गर्म हवाओं और वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ा है. चौंकाने वाली है जलवायु स्थिति. एक झलक...

विकलांगता सम्बन्धी अधिकारों पर नेतृत्व के लिए तैयार है यूएन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार सुनिश्चित करने के विषय पर यूएन उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करने के लिए तैयार है. यूएन प्रमुख ने मंगलवार, 3 दिसंबर, को 'विकलांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर अपने संदेश में कहा है कि विकलांग व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करना टिकाऊ विकास लक्ष्यों के नज़रिए से भी महत्वपूर्ण है.

गन्दगी साफ़ करने का अदम्य साहस

अनेक देशों में अब भी मानव मल व कचरा साफ़ करने के लिए स्वच्छता कर्मचारियों की ही सेवाएँ ली जाती हैं. ये कम लोग ही जानते हैं कि ये काम कितना जोखिम भरा है. कई बार तो स्वच्छता कर्मचारियों की मौत भी हो जाती है. और समाज में उनकी इस महत्वपूर्ण सेवा और बुनियादी कार्य को हिकारत की नज़र से देखा जाता है, ये तो किसी से छुपा नहीं है. ऐसे ही कुछ स्वच्छता कर्मचारियों की कहानी...