वैश्विक

बचपन बदल रहा है, 'हमें भी बदलना होगा'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बाल अधिकारों पर संधि से बच्चों के अधिकारों के लिए अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का सृजन हुआ है और बच्चों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के प्रयासों को मज़बूती मिली है. यूएन प्रमुख ने बाल अधिकार संधि के पारित होने की 30वीं वर्षगांठ पर बुधवार को यूएन मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में ये बात कही.

बढ़ते तापमान की क़ीमत चुका रहे हैं महासागर और बर्फ़ीले इलाक़े

वैश्विक तापमान में दशकों से हो रही बढ़ोत्तरी और जलवायु परिवर्तन से महासागरों और बर्फ़ से जमे क्षेत्रों पर भारी असर पड़ रहा है. जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने एक नई रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है कि अगर मानवीय गतिविधियों में बड़े बदलाव नहीं आए तो समुद्री जलस्तर के बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं के बार-बार आने और खाने-पीने की क़िल्लत से करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की 'विनाशकारी डिजिटल भविष्य' के बारे में चेतावनी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के उच्च स्तरीय खंड को अपना संबोधन मुख्य रूप से आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते ख़तरों की तरफ़ पर केंद्रित किया. साथ ही उन्होंने ब्रेक्ज़िट का भी संक्षिप्त ज़िक्र किया जिसमें इसकी तुलना ग्रीस की एक पौराणिक कथा के साथ की.  यूरोपीय संघ की सदस्यता समाप्त करके इस ढाँचे से बाहर आने के ब्रिटेन के फ़ैसले को ब्रेक्ज़िट कहा जा रहा है. 

टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए 'तेज़ प्रयासों की ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने न्यूयॉर्क में टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर शिखर वार्ता का उद्घाटन करते हुए कहा है कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों के 2030 एजेंडा में जीवन का संचार हो रहा है. ये लक्ष्य एक बेहतर और स्वस्थ विश्व के निर्माण पर केंद्रित हैं. लेकिन यूएन प्रमुख का कहना है कि उत्साहजनक प्रगति के बावजूद अभी बहुत कुछ हासिल किया जाना बाक़ी है और प्रयास तेज़ करने होंगे.

हमें समस्याओं का हल चाहिए, ना कि निराशा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद - बांडे ने कहा है कि मुख्यालय में एक बार फिर विश्व नेताओं का एकत्र होना इस महान व बहुपक्षीय विश्व संस्था की इस प्रासंगिक हक़ीक़त को दिखाता है.

देशों को अपनी सीमाएं सुरक्षित रखने का अधिकार: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि शांति और बेहतर दुनिया का रास्ता घर से शुरू होता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने देशों से अनुरोध किया है कि व्यापार, मानव तस्करी और ग़ैरक़ानूनी आप्रवासन जैसे मुद्दों पर अपने हितों का ख़याल रखा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने खुली सीमाओं के पैरोकारों की आलोचना की है जो कथित रूप से सामाजिक न्याय का चोगा ओढ़ते हैं.

अशांत दुनिया में यूएन पर लोगों की उम्मीदें पूरा करने की ज़िम्मेदारी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन महासभा के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि हम अशांति से ग्रस्त दुनिया में रह रहे हैं जिसमें मानव मूल्यों पर ख़तरा मंडरा रहा है. उन्होंने विश्व नेताओं का आह्वान किया कि साझा मानवता और मूल्यों को बरक़रार रखते हुए साझा हित आगे बढ़ाए जाने होंगे.

दीया मिर्ज़ा के साथ ख़ास बातचीत

भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की भारत में सदभावना दूत दीया मिर्ज़ा ने भी न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में जलवायु कार्रवाई सम्मेलन में शिरकत की. इसी मौक़े पर यूएन समाचार ने उनके साथ ख़ास बातचीत की. रिपोर्टर: महबूब ख़ान / news.un.org/hi

संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर वार्ता का हासिल क्या?

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में जलवायु कार्रवाई शिखर वार्ता से पहले महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिए ठोस समाधान अपने साथ लाने की अपील की थी. सोमवार को शिखर वार्ता के दौरान किए गए वादों और घोषणाओं पर एक नज़र.

जलवायु कार्रवाई की उम्मीदों पर 'खरे नहीं उतर रहे' विश्व नेता

युवा जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए विश्व नेताओं को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि ठोस जलवायु कार्रवाई से जुड़ी आशाओं पर अगर वे खरे नहीं उतरे तो उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा. थुनबर्ग ने बिना लाग-लपेट के कहा है कि इतने बड़े संकट के सामने खड़े होने के बावजूद नेता परिपक्व ढंग से सीधी-सच्ची बात नहीं कर रहे हैं.