वैश्विक

'मज़बूत नेतृत्व व ठोस नीतियों' से करोड़ों का रोज़गार बचाना संभव

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कोविड-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट के बादलों के बीच रोज़गार बचाए रखने के लिए अनेक उपाय सुझाए हैं. यूएन एजेंसी ने कहा है कि अगर सरकारों ने जल्द क़दम उठाए तो कार्यस्थलों पर कर्मचारियों का ख़याल रखने, अर्थव्यवस्था को स्फूर्ति प्रदान करने और लाखों-करोड़ों लोगों का रोज़गार बचाना संभव हो सकेगा. 

कोविड-19: बाल मन में पनपी बेचैनियों को शांत करने के उपाय

दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों में कोविड-19 के मामलों की पुष्टि होने से लोगों में भय, बेचैनी और अनिश्चितता का माहौल है और इस भावना से बच्चे भी अनछुए नहीं है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इस कठिन समय में बच्चों के मन में चल रही उथल-पुथल को समझने का प्रयास किया है. साथ ही अभिभावकों को बच्चों के साथ खुले  व सौम्य ढंग से बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है. 

कोविड-19 के बारे में बहुत सारी बातें

कोविड -19 को महामारी परिभाषित किया गया है और विश्व स्तर पर इस बीमारी का सामना करने के लिए असाधारण प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में बहुत से सवाल, भ्रांतियाँ, अफ़वाहें भी देखे जा रहे हैं. ऐसे ही कुछ प्रासंगिक सवालों के जवाब देती ये वीडियो देखें - सांकेतिक भाषा में...

कोविड-19: तथ्य और भ्रान्तियाँ, ऐहतियाती उपाय

कोरोनावायरस यानि कोविड-19 ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है. निसंदेह इस वायरस का संक्रमण बीमारी का कारण बन सकता है मगर इसका मुक़ाबला करने में लोग अक्सर भ्रांतियों व अफ़वाहों के भी शिकार हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि सही समझ, जागरूकता, एकजुटता व चिकित्सा सलाह का पालन करके इस विश्व स्वास्थ्य चुनौती का मुक़ाबला असरदार तरीक़े से किया जा सकता है. कुछ इसी तरह के सवाल-जवाब और तथ्यों व भ्रांतियों में अंतर यहाँ प्रस्तुत है...

कोविड-19: चीन के अनुभव से सीखने होंगे सबक 

ऐसे समय जब दुनिया के कई देशों, विशेषकर योरोप में, संक्रमितों व मृतकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, पहले इस बीमारी के केंद्र रहे चीन में कोविड-19 के नए मामलों में गिरावट देखी गई है.  विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूएन न्यूज़ के साथ एक विशेष बातचीत में कहा है कि वायरस पर क़ाबू पाने में चीन के अनुभव से वे सभी देश सबक सीख सकते हैं जो फ़िलहाल इस विश्वव्यापी महामारी के संकट से जूझ रहे हैं.

कोविड-19: विकलांग व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत

विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष रैपोर्टेयर कैटालीना डेवन्डस ने आगाह करते हुए कहा है कि बहुत से विकलांग व्यक्ति बहुत नाज़ुक परिस्थितियों का सामना करते हुए जीवन जीते हैं, फिर भी कोविड-19 विश्व महामारी से बचने के उपायों के तहत अभी विकलांग व्यक्तियों को समुचित व पर्याप्त दिशा-निर्देश व सहायता उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

कोविड-19: संकट काल में मानसिक स्वास्थ्य का ख़याल ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जनवरी 2020 में नॉवल कोरोनावायरस (कोविड-19) को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी’ घोषित किया और फिर मार्च में इसे विश्वव्यापी महामारी के रूप में परिभाषित किया गया. लगातार फैलती बीमारी से दुनिया के माथे पर तनाव की लकीरें गहरी हुई हैं जिसका लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा की अहमियत को समझते हुए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं.
 

विश्व तापमान वृद्धि की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा व व्यापक जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर्यावरण के सभी पहलुओं पर बहुत बड़ा असर डाल रहा है, साथ ही जलवायु संकट दुनिया भर की आबादी के स्वास्थ्य और रहन-सहन को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय मोहापात्रा के साथ विशेष बातचीत... 

कोविड-19 से निपटने की कार्रवाई में मानवाधिकारों का ध्यान रखने पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने सभी देशों से आग्रह किया है कि विश्वव्यापी महामारी कोरोनावायरस यानि कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयासों में आपात अधिकारों के ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल से बचना होगा. आपात अधिकारों का इस्तेमाल असहमतियों को कुचलने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बीमारी पर क़ाबू पाने के लिए ऐसे तरीक़े अपनाने होंगे जिनके मूल में मानवाधिकार हैं. 

कोविड-19: यूएन का स्पष्ट संदेश - टेस्ट टेस्ट टेस्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोनावायरस यानी कोविड-19 के संकट से निपटने के सभी देशों के लिए ज़रूरी है कि हर संदिग्ध मामले का टेस्ट किया जाए क्योंकि यही तरीक़ा इस बीमारी पर क़ाबू पाने का आधार है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख डॉक्टर टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने स्पष्ट शब्दों मे कहा कि इस विश्वव्यापी महामारी को तब तक नियंत्रित नहीं किया जा सकता जब तक कि संक्रमितों के बारे में पूरी जानकारी ना मालूम हो जाए.