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कोविड-19: मानव विकास की दिशा में उलटफेर होने का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने बुधवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि मानव विकास पथ पर प्रगति में पिछले तीन दशकों में पहली बार गिरावट आने की आशंका है. वैश्विक महामारी कोविड-19 के स्वास्थ्य प्रभावों के अलावा सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र में व्यापक असर से मानव विकास की दिशा में बड़ा उलटफेर हो सकता है.

मधुमक्खियों की अहमियत

20 मई को मधुमक्खी दिवस मनाया जा रहा है. इस मौक़े पर खाद्य आपूर्ति, जैव विविधता व पारिस्थितिकी तन्त्र में परागण जीवों के योगदान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है. शहद के अलावा मधुमक्खियों की और भी है अहमियत. देखें ये वीडियो...

विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली: कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के 'व्यापक मूल्याँकन' पर सहमति

मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के वर्चुअल सत्र में वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई की स्वतन्त्र रूप से समीक्षा कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है. इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी – विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रदर्शन के मूल्याँकन की बात भी कही गई है.  विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के कामकाज के वार्षिक निरीक्षण से जुड़ा आयोजन है. 

परिवहन सैक्टर को हरित बनाने से सम्भव है डेढ़ करोड़ रोज़गारों का सृजन 

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 संकट से उबरने की प्रक्रिया में अगर परिवहन सैक्टर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने  में धन निवेश किया गया तो डेढ़ करोड़ से ज़्यादा नए रोज़गार सृजित किए जा सकते हैं. साथ ही इससे देशों को हरित व स्वस्थ अर्थव्यवस्थाओं के पथ पर अग्रसर होने में भी मदद मिलेगी. यूएन योरोपीय आर्थिक आयोग की ताज़ा रिपोर्ट स्पष्टता से कहती है कि कोविड-19 महामारी से उबरने के बाद पहले जैसी व्यवस्था में वापिस नहीं लौटा जा सकता.

भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ की आहट

चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ भारत और बांग्लादेश में तटवर्ती घनी आबादी वाले इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहा है. बंगाल की खाड़ी में ‘अम्फन’ की तीव्रता में इज़ाफ़ा हुआ है और अब इसे ‘सुपर सायक्लोन’ कहा जा रहा है. कोरोनावायरस से ऐहतियाती उपायों के कारण क्षेत्र में लागू पाबन्दियों ने आपदा प्रबन्धन कार्य को पहले से कहीं अधिक जटिल बना दिया है. ‘अम्फन’ के 20 मई को तटीय इलाक़ों से टकराने की आशंका है जिस दौरान ख़तरनाक हवाएँ चलेंगी और भारी बारिश के साथ निचले इलाक़ों में बाढ़ का भी जोखिम है.

कोविड-19: सांस्कृतिक दुनिया भी प्रभावित, अनेक संग्रहालयों के दरवाज़े बन्द

दुनिया भर में कोविड-19 की तबाही के माहौल में संग्रहालय भी अछूते नहीं बचे हैं. संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था – यूनेस्को ने सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौक़े पर बताया कि 90 प्रतिशत सांस्कृतिक धरोहर संस्थानों को अपने दरवाज़े बन्द करने पड़े हैं, जबकि लगभग 13 फ़ीसदी तो अपने दरवाज़े फिर कभी नहीं खोल पाने के जोखिम का सामना कर रहे हैं. 

कोविड-19: स्वास्थ्य मुश्किलों से परे भी जाती है आदिवासी समुदायों की पीड़ा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दन्श से दुनिया के आदिवासी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और इस बीमारी के नकारात्मक प्रभाव महज़ उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले तात्कालिक असर तक ही सीमित नहीं है. आदिवासी व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के नए स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ खोसे फ़्रांसिस्को काली ज़ाई ने सोमवार को उनकी मुश्किलों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि उनके जीवन-यापन के लिए ज़रूरी संसाधनों के लिए भी संकट खड़ा हो रहा है.

कोविड-19: रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में घनी आबादी है चिन्ता का सबब

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में घनी आबादी वाले रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में कोरोवनावायरस संक्रमण के फैलाव के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है जिससे चिन्ताएँ बढ़ गई हैं. यूएन एजेंसियों ने आठ लाख 60 हज़ार से ज़्यादा रोहिंज्या शरणार्थियों को पनाह देने वाले इन शिविरों में कोविड-19 से बचाव के लिए स्वास्थ्य तैयारियाँ और बचाव उपाय तेज़ कर दिए हैं. 

कोविड-19: 'वैश्विक एकजुटता' से तय होगा साझा सफलता और विफलता का फ़ासला

वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए सभी देशों द्वारा एक व्यापक और समन्वित प्रयास की आवश्यकता है अन्यथा विफलता हाथ लगने का ख़तरा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जिनीवा में विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिन्ग के ज़रिये सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने भी आगाह किया है कि विश्व आबादी का अधिकांश हिस्सा अब भी इस वायरस से संक्रमित होने के जोखिम का सामना कर रहा है. 

कोविड-19: कार्यस्थलों पर वापसी के लिए सुरक्षा व ऐहतियाती उपाय ज़रूरी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि निकट भविष्य में कोविड-19 से निपटने की ही स्थिति में बहुत से लोग कामकाज पर वापिस लौटेंगे, इसके लिए कार्यस्थलों पर ठोस सुरक्षा उपाय करना बहुत ज़रूरी है. साथ ही ऐहतियाती उपायों के बारे में समुचित जानकारी मुहैया कराना भी बहुत अहम बताया गया है. देखिए वीडियो फ़ीचर...