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कोविड-19: भेदभाव के कारण अल्पसंख्यकों पर दहला देने वाला असर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि इस बारे में तुरन्त ठोस क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है कि नस्लीय व जातीय अल्पसंख्यकों पर वैश्विक स्वास्थ्य महामारी कोविड-19 के ग़ैर-आनुपातिक असर ना हो. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने कुछ देशों में चेता देने वाली असमानताएँ उजागर कर दी हैं:

यूरो, पाउण्ड, डॉलर - प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली रक़म पर गाज

कहीं से यूरो, कहीं से पाउँड और कही से डॉलर, विदेशों में रहने वाले प्रवासी कामगार अपने मूल स्थानों पर रहने वाले अपने परिवारों को धन भेजते रहे हैं. इस धन से करोड़ों लोगों को अत्यन्त ग़रीबी से उबारने में मदद मिलती है और अन्ततः टिकाऊ विकास लक्ष्यों का दिशा में प्रगति होती है. उसके बाद आ गई कोविड-19 नामक महामारी, जिसने इस धन पर गहरी छाया छोड़ दी है.

शान्तिरक्षा में महिलाओं का बढ़ता योगदान

संयुक्त राष्ट्र की शान्तिरक्षा सुरक्षा कार्यों की आधारशिला है और महिला शान्तिरक्षक इसकी सफलता की कुन्जी हैं. आज के दौर में संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा में नेतृत्व के पदों पर पहले से कहीं ज़्यादा महिलाएँ आसीन हैं. इसमें महिलाएँ सेना, पुलिस और नागरिक समाज का अंग बनकर संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत हैं. संयुक्त राष्ट्र शान्ति व्यवस्था, “महिला, शान्ति और सुरक्षा” पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है. इसके तहत महिला अधिकारों को पूर्ण रूप से पाने के लिए महिलाओं को निर्णायक भूमिका में रहना होगा और अपने देशों में शान्तिरक्षकों की भूमिका भी निभानी होगी. निर्णय लेने में महिलाओं का सार्थक समावेश प्रभावशीलता को बढ़ाता है व नए दृष्टिकोण और समाधान उत्पन्न करता है, अधिक संसाधन पैदा करता है और हमारे प्रयासों को मज़बूत करता है.

 

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किशोर उम्र से ही तम्बाकू सेवन की लत से बचाने की मुहिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में हर साल तम्बाकू उत्पादों के सेवन से लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है जिन्हें बहकाने के लिए ऐसी विज्ञापन रणनीतियों का सहारा लिया जाता है जिन पर 9 अरब डॉलर का ख़र्च होता है. 

ग़ैर-संचारी रोगों के मरीज़ों की अनदेखी से बड़ा जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोविड-19 का मुक़ाबला करने के प्रयासों के कारण कैन्सर, डायबटीज़, हाइपरटैन्शन और अन्य ग़ैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम व इलाज सम्बन्धी सेवाओं में गम्भीर बाधा खड़ी हो गई है. संगठन के सोमवार को प्रकाशित एक ताज़ा सर्वे के अनुसार इन बीमारियों के कारण दुनिया भर में हर साल चार करोड़ से ज़्यादा लोगों की मौत होती है.

संकट काल में शान्तिरक्षक हैं - 'निस्वार्थ सेवा व बलिदान' के प्रतीक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर तीन हज़ार 900 से ज़्यादा उन सभी शान्तिरक्षकों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए हैं जिन्होंने वर्ष 1948 से यूएन के झण्डे तले विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है.

कोविड-19: कारगर वैक्सीन व उपचार मुहैया कराने पर केन्द्रित नई पहल

वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम और उसके इलाज में असरदार वैक्सीन, दवाइयों और स्वास्थ्य टैक्नॉलजी को सभी के लिए मुहैया कराने के इरादे से शुक्रवार को 30 देशों और कई अन्तरराष्ट्रीय संगठनों ने एक नई पहल – ‘टैक्नॉलॉजी एक्सेस पूल’ – शुरू की है. 

कोविड-19: तत्काल कार्रवाई के अभाव में 'अकल्पनीय तबाही' का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेतावनी भरे अन्दाज़ में कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ देशों ने साथ मिलकर अगर अभी प्रयास नहीं किए तो यह संकट दुनिया भर में अकल्पनीय तबाही और पीड़ा का कारण बन जाएगा. यूएन प्रमुख ने टिकाऊ विकास के लिए वित्तीय पोषण पर गुरुवार को आयोजित एक वर्चुअल उच्चस्तरीय कार्यक्रम में छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तत्काल सामूहिक कार्रवाई की पुकार लगाई है.

शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आहवान

‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के उन सभी शान्तिरक्षकों को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है जिन्होंने वर्ष 1948 से विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है. इस वर्ष यूएन शान्तिरक्षक दिवस पर शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश के लिए यूएन एजेंसी का नया फ़ाउन्डेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के लिए धनराशि जुटाने के लक्ष्य से एक नए संस्थान (WHO Foundation) की स्थापना की गई है जिसके ज़रिये ग़ैर-पारम्परिक स्रोतों से धनराशि जुटाने का इन्तज़ाम किया जाएगा. यह संस्थान एक स्वतन्त्र इकाई के रूप में दानदाताओं से मिलने वाली सहायता की बुनियाद को मज़बूत बनाने के लिए रणनीति का अहम हिस्सा होगा.