वैश्विक

महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा का मुद्दा – पुरुषों और लड़कों के नाम यूएन उपप्रमुख की अपील

संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाओं पर आँखें मूँद लेने लेने वाले पुरुषों और लड़कों को यह स्वीकार करना होगा कि वे भी इस हिंसा में भागीदार हैं.  विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने पाया है कि वैश्विक स्तर पर घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. तालाबन्दी और अन्य पाबन्दियों के कारण ज़्यादा सँख्या में महिलाओं को घर में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. बहुत सी महिलाएँ तो उनके साथ दुर्व्यवहार के लिए ज़िम्मेदार साथी के साथ ही अपने घरों में सीमित हो गई हैं.

योगाभ्यास की एक झलक

इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय दिवस रविवार, 21 जून को मनाया गया. कोविड-19 महामारी के कारण ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र योग से सम्बन्धित ज़्यादातर गतिविधियाँ और आयोजन ऑनलाइन मंचों पर आयोजित किए गए. भारत के स्थाई उपप्रतिनिधि नागराज नायडू की योग गतिविधियाँ...

योग दिवस: कोविड-19 के दबावों से निपटने में विश्व को भारतीय भेंट की अहमियत

संयुक्त राष्ट्र 21 जून को छठा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है जिस दौरान मानव स्वास्थ्य और बेहतर जीवन में इस प्राचीन और व्यापक प्रक्रिया की भूमिका की अहमियत को पहचान दी जा रही है. कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अनेक तरह के दबावों और तनावों से निपटने के लिए भी योग को एक शक्तिशाली औज़ार समझा जाता है. 

विश्व शरणार्थी दिवस

दुनिया भर में लगभग आठ करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्हें संघर्षों, हिंसा व अन्य कारणों से बेघर व विस्थापित होना पड़ा है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व शरणार्थी दिवस पर तमाम देशों को विस्थापितों व शरणार्थियों की हिफ़ाज़त करने की ज़िम्मेदारी याद दिलाई है. महासचिव का वीडियो सन्देश...

शरणार्थियों और विस्थापितों के साथ हमदर्दी दिखाने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम देशों को संघर्षों, उत्पीणन और अन्य कारणों से बेघर और विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाया है. दुनिया भर में इन कारणों से लगभग 8 करोड़ लोग विस्थापित या शरणार्थी हैं. 

नस्लीय हिंसा के ख़िलाफ़ कार्रवाई - मानवाधिकार उच्चायुक्त की अगुवाई में

मानवाधिकार परिषद ने अफ़्रीकी मूल के लोगों के ख़िलाफ़ क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों में समाए ढाँचागत नस्लवाद से निपटने के प्रयासों की अगुवाई की ज़िम्मेदारी मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट को सौंपी है. जिनीवा में परिषद के सत्र के दौरान अफ़्रीकी समूह के देशों के आग्रह पर बुधवार को नस्लवाद पर चर्चा (Urgent Debate) हुई थी जिसके बाद शुक्रवार को इस मुद्दे पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से, और मतदान की ज़रूरत के बिना ही पारित हो गया.  

‘दुनिया को बदलने से पहले ख़ुद को बदलें’

कैप्टन तन्वी शुक्ला काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य में यूएन मिशन (MONUSCO) में भारतीय दल की महिला टीम की कमाण्डर हैं. कैप्टन शुक्ला के मुताबिक शान्तिरक्षा मिशन का हिस्सा बनने पर उन्हें बहुत कुछ सीखने, विविध पृष्ठभूमियों से आए लोगों से मिलने-जुलने और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने का अवसर मिला है. उनका कहना है कि हमें पहले ख़ुद में वो बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए जैसा कि हम दूसरों में देखना चाहते हैं. 

कामकाजी दुनिया को ज़्यादा हरित व सुदृढ़ बनाने का ब्लूप्रिन्ट 

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया भर में रोज़गारों, आजीविका के साधनों और कामगारों, उनके परिवारों और व्यवसायों के कल्याण पर असर लगातार जारी है. संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को एक नया नीति-पत्र जारी किया है जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर कोरोनावायरस सँकट के भयावह दुष्परिणामों को दर्शाते हुए हरित, समावेशी और सुदृढ़ पुनर्बहाली की नींव तैयार रखने की कार्ययोजना पेश की गई है.

बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा पर रोक लगाने में नाकामी पर चेतावनी

दुनिया में कुल बच्चों की आधी आबादी यानि लगभग एक अरब बच्चे हर साल शारीरिक, यौन और मनोवैज्ञानिक हिंसा का शिकार होते हैं क्योंकि उनकी रक्षा के लिए स्थापित रणनीतियाँ लागू करने में देश विफल रहते हैं. गुरुवार को जारी संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.

कोविड-19: कारगर वैक्सीन के सामूहिक उत्पादन के लिए आपसी सहयोग का आहवान

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उम्मीद जताई है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ असरदार वैक्सीन मिलने की स्थिति में इस साल के अन्त तक उसकी करोड़ों ख़ुराकें तैयार की जा सकेंगी. यूएन एजेंसी की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन  ने कारगर वैक्सीन के व्यापक स्तर पर उत्पादन के लिए सभी देशों से पारस्परिक सहयोग का आहवान किया है.