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कोविड-19: विश्व शान्ति और सुरक्षा पर ख़तरा बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से वैश्विक शान्ति और सुरक्षा पर गहरा असर पड़ा है और दुनिया अनेक मोर्चों पर संकट का सामना कर रही है. उन्होंने कोविड-19 से उपजे हालात के बारे में गुरूवार को सुरक्षा परिषद को अवगत कराते हुए कहा कि आज लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाना और भविष्य के लिए सुरक्षा के स्तम्भों को मज़बूती से खड़ा करना असल चुनौती है.

यूएन की भूमिका की कुछ झलकियाँ

संयुक्त राष्ट्र हर साल एक छोटे आकार का कार्ड प्रकाशित करता है, जिसमें दस सरल उदाहरणों के ज़रिये ये बताया जाता है कि इस वैश्विक संगठन ने दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने में कैसे मदद की. संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इस वर्ष, इसमें एक ग्यारहवीं वजह भी जोड़ी गई यानि कोविड-19 महामारी से मुक़ाबला.

 

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वैश्विक युद्धविराम की अपील के समर्थन में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित 

सुरक्षा परिषद ने यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की वैश्विक युद्धविराम की पुकार को बुधवार को अपना समर्थन देते हुए एकमत से प्रस्ताव पारित किया है जिसमें युद्धरत पक्षों से कम से कम 90 दिनों के लिए हिंसा रोकने का आहवान किया गया है ताकि प्रभावितों तक जीवनदाई मदद पहुँचाई जा सके.  यूएन प्रमुख ने इस वर्ष मार्च महीने में एक अपील जारी करके सभी से लड़ाई-झगड़े छोड़कर अपनी ऊर्जा कोरोनावायरस संकट से निपटने के प्रयासों में लगाने का आग्रह किया था जिससे अब तक पाँच लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.  

कोविड-19: टिकाऊ पुनर्बहाली के लिए निडर व सृजनशील समाधानों की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि अगर दुनिया ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ असरदार कार्रवाई अभी नहीं की तो फिर इस बीमारी और उससे उपजने वाली मन्दी अनेक वर्षों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था के बढ़ने की रफ़्तार में व्यवधान का सबब बन जाएगी. कोरोनावायरस संकट से बेहतर ढँग से निपटने  और पुनर्बहाली के रास्तों की तलाश करने के लिए बुधवार को गोलमेज़ चर्चा शुरू हुई है जिसके पहले सत्र में महासचिव ने विश्व को उबारने के लिए साहसिक और सृजनात्मक समाधानों की अहमियत को रेखांकित किया है.

हानिकारक कुप्रथाओं की शिकार हैं 14 करोड़ लड़कियाँ - साढ़े चार करोड़ भारत में

विश्व जनसंख्या स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की 2020 की एक प्रमुख रिपोर्ट में बाल विवाह, लिंग-पक्षपाती सैक्स चयन (लड़का-लड़की में भेद करके लड़कों को प्राथमिकता देना) और महिलाओं और लड़कियों को नुक़सान पहुँचाने वाली अन्य प्रथाओं को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है.

कोविड-19: ग़रीबों और कमज़ोर समूहों पर असंगत प्रभाव

 संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि कोविड-19 महामारी का सबसे अधिक प्रभाव ग़रीब लोगों, कामकाजी ग़रीबों, महिलाओं और बच्चों, विकलांग व्यक्तियों व हाशिये पर धकेले हुए कमज़ोर समूहों पर असंगत रूप से पड़ रहा है. उन्होंने मंगलवार को यूएन महासभा को सम्बोधित करते हुए ये बात कही.

ईरान परमाणु समझौता - शान्ति सुनिश्चित करने का सबसे कारगर उपाय 

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शान्ति निर्माण मामलों की प्रभारी और अवर महासचिव रोज़मैरी डिकार्लो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हुए समझौते – साझा व्यापक कार्ययोजना (Joint Comprehensive Plan of Action) - के भविष्य पर मँडराते सन्देह पर खेद जताया है. लेकिन उन्होंने ध्यान दिलाया कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शान्तिपूर्ण बनाए रखने के लिए यही सर्वश्रेष्ठ रास्ता है. 

प्राण निछावर करने वाले यूएन कर्मचारियों के साहस और समर्पण का सम्मान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में उन साथी यूएन कर्मचारियों की निडरता व  विरासत को श्रृद्धांजलि अर्पित की है जिन्होंने भावी पीढ़ियों को युद्ध के दंश से बचाने, सर्वजन के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने सहित संगठन के सभी मूल्यों व आदर्शों की रक्षा करते समय अपने प्राण निछावर कर दिये. 
 

कोविड-19: झूठी व ग़लत जानकारी शेयर करने से पहले ज़रा ठहरें और सोचें!

संयुक्त राष्ट्र ने तमाम लोगों से आग्रह किया है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी से बचने के लिए जो सामाजिक दूरी जैसे उपाय अपनाए हैं, उसी तरह के उपाय सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी अपनाएँ और कोई भी सामग्री आगे बढ़ाने यानि शेयर करने से पहले ठहरकर उसके बारे में सावधानी से सोचें.

जलवायु संकट को समझने के लिए आसमान का सहारा

अनन्त तक विस्तृत ब्रह्माण्ड के अध्ययन के ज़रिये क्या जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई में मदद मिल सकती है? हवाई विश्वविद्यालय के दो खगोलशास्त्रियों (Astronomers) का मानना है कि सौरमण्डल के ज्ञान के सहारे पृथ्वी के वायुमण्डल के गरम होने की रफ़्तार को कम किया जा सकता है. यूएन न्यूज़ ने हाल ही में अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के साथ हवाई की यात्रा की और दोनों खगोलशास्त्रियों से मुलाक़ात की. यह ख़ास बातचीत 30 जून को ‘अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस’ से पहले की गई.