वैश्विक

दो तिहाई आबादी है असमानता से प्रभावित, व्यापक सुधार की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ी रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर की लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या के लिए विषमता बढ़ रही है जिससे समाजों में दरारें पड़ने और आर्थिक व सामाजिक विकास के बाधित होने का जोखिम बढ़ रहा है. मंगलवार को जारी विश्व सामाजिक रिपोर्ट 2020 संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक व सामाजिक मामलों के विभाग (डेसा) ने प्रकाशित की है.

अच्छा स्वास्थ्य सबका अधिकार, सरकारी धन निवेश बढ़ाना होगा

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य पाने का अधिकार सभी लोगों को है और ये सिर्फ़ धनी लोगों के लिए एक विशिष्ट सुविधा बनकर नहीं रहना चाहिए. यूएन एड्स ने सरकारों का आहवान किया है कि तमाम लोगों के अच्छा स्वास्थ्य रखने के अधिकार को वास्तविक रूप देने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकारी धन निवेश को प्राथमिकता देकर सुनिश्चित करना होगा.

पत्रकारों के लिए दुनिया में हर स्थान है जोखिम भरा

दुनिया भर में लोक हित के लिए आवाज़ बुलन्द करने वाले पत्रकारों को सभी स्थानों पर बहुत जोखिम का सामना करना पड़ रहा है और पत्रकारों की असुरक्षा के मामले में सबसे ज़्यादा ख़तरनाक़ लैटिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र रहे जहाँ साल 2019 में 22 पत्रकारों की हत्याएँ हुईं. इस तरह प्रेस के लिए ये सबसे ज़्यादा ख़तनाक़ स्थान रहे. उनके बाद एशिया-प्रशांत में 15 ओर अरब देशों में 10 पत्रकारों की हत्याएं हुईं.

'तंबाकू सेवन ऑपरेशन में भी जटिलताएँ पैदा कर सकता है'

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि धूम्रपान किसी मरीज़ की रोग प्रतिरोधी क्षमता को गहराई से प्रभावित करता है और ना सिर्फ़ घाव के भरने में देरी कर सकता है बल्कि घाव में संक्रमण का जोखिम भी बढ़ाता है.

50 करोड़ लोगों को नहीं मिल पाता समुचित मेहनताना

दुनिया भर में 50 करोड़ से भी ज़्यादा ऐसे लोग हैं जिन्हें कामकाज करने के बदले धन मिलने वाली स्थिति में उतना काम नहीं मिल पाता जितना वो करना चाहते हैं या फिर उन्हें ऐसा समुचित कामकाज ही नहीं मिल पाता है जिसमें उन्हें काम के बदले धन मिल सके.

सरकारी शिक्षा ख़र्च में 'शर्मनाक विषमताओं" को दूर करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग़रीब परिवारों की एक तिहाई किशोरी लड़कियों को कभी स्कूली शिक्षा की सुविधा हासिल नहीं हुई और शिक्षा पर ख़र्च धनी परिवारों की तरफ़ भारी रूप में झुका हुआ है.

बेक़ाबू हो रहे बैक्टीरिया का तत्काल उपचार ढूँढे जाने की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में ऐसे संक्रमण तेज़ी से उभर रहे हैं जिन पर मौजूदा एंटीबॉयोटिक दवाओं का असर नहीं होता जबकि नई एंटीबॉयोटिक दवाएँ विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र का धन निवेश कम हो रहा है.

जलवायु संकट से जीवन की गुणवत्ता प्रभावित, बढ़ रहा है असंतोष

जलवायु संकट, दुनिया भर में लगातार जारी गंभीर विषमताएँ, खाद्य असुरक्षा के बढ़ते स्तर और कुपोषण जैसी स्थितियाँ बहुत से समाजों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं जिनके कारण असंतोष भी बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति व संभावनाओं पर वर्ष 2020 की रिपोर्ट में ये आकलन पेश किया गया है. रिपोर्ट के लेखकों ने संकट का सामना करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव करने का आहवान किया है.  

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

'एक स्वस्थ विश्व बनाने के लिए कोई "शॉर्ट कट" नहीं'

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी - विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने अगले दशक के लिए पूरी दुनिया में स्वास्थ्य चुनौतियों का ख़ाका पेश करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में और ज़्यादा धन निवेश करने का आहवान किया है.  ग़ौरतलब है कि आने वाले दस वर्षों की समयावधि को यूएन महासभा ने "कार्रवाई दशक" क़रार दिया है.